Friday, March 20, 2026

चित्रकूट में गूंजा दर्शन का स्वर, वैश्विक शांति की खोज में जुटे विद्वान






दर्शन परिषद के 40वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में 5 देशों की सहभागिता
📍 चित्रकूट
तपोभूमि चित्रकूट ने शुक्रवार को एक बार फिर अपने आध्यात्मिक वैभव का साक्षी दिया, जब विचार, ज्ञान और साधना का संगम अष्टावक्र सभागार में साकार हुआ। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में दर्शन परिषद के 40वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ हुआ तो मानो प्राचीन ऋषि-परंपरा की प्रतिध्वनि वर्तमान में जीवंत हो उठी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ तथा भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का भी उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पांडेय एवं मुख्य अतिथि प्रो. श्याम किशोर सेठ ने किया। कुलपति प्रो. पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज की वैश्विक अशांति का मूल कारण धर्म के वास्तविक स्वरूप को न समझ पाना है। भारतीय दर्शन इस उलझन को सुलझाने की क्षमता रखता है और आत्मिक शांति का मार्ग प्रशस्त करता है।
मुख्य अतिथि प्रो. एस.के. सेठ ने कहा कि आधुनिक मनुष्य बाहरी सुख में उलझकर आंतरिक शांति से दूर हो गया है। वास्तविक सुख आत्मबोध में निहित है, जिसे समझना आज की आवश्यकता है।
बीज वक्ता एवं पूर्व कुलपति प्रो. रजनीश शुक्ल ने कहा कि मनुष्य जीवन का अंतिम लक्ष्य आत्मा की प्रगति है तथा कामनाएं ही दुख का मूल कारण हैं। उन्होंने धर्म को मानव कल्याण और श्रेष्ठ आचरण का आधार बताया।
प्रो. लोकमान्य मिश्र ने वैश्विक शांति में दर्शन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वर्तमान संकटों का समाधान उच्च आत्मिक मूल्यों से ही संभव है।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय दर्शन अनुसंधान परिषद की शोध पत्रिका ‘संदर्शन’ एवं डॉ. हरिकांत मिश्र की पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को साकार करते हुए संगोष्ठी में 5 देशों के 10 विदेशी विद्वानों ने भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ के निदेशक डॉ. राकेश सिंह एवं अरुणेश मिश्र की उपस्थिति रही।
सायंकाल आयोजित सांस्कृतिक संध्या में भारतीय संस्कृति की विविध छवियां उभरकर सामने आईं, जिसका उद्घाटन पुलिस अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार सिंह ने किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन संयोजक डॉ. हरिकांत मिश्र के नेतृत्व में हुआ। उद्घाटन सत्र के बाद व्याख्यानमाला में पांच विद्वानों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।


तपोभूमि चित्रकूट में जब दर्शन की यह ज्योति प्रज्वलित हुई, तो उसने यह संदेश भी दिया—
कि शांति की तलाश बाहर नहीं, भीतर के आलोक में ही संभव है।

Thursday, March 19, 2026

भोर के सुरों में जागा चित्रकूट, नव संवत्सर का अलौकिक अभिनंदन

      





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मंदाकिनी तट स्थित रामघाट पर भोर की पहली किरणों के साथ चित्रकूट में नव संवत्सर का स्वागत भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ। उस पावन चबूतरे की छांव में, जहां मान्यता है कि गोस्वामी तुलसीदास जी को प्रभु श्रीराम के दर्शन हुए थे, पुराने संवत्सर को विदाई और नव संवत्सर का अभिनंदन अनूठे अंदाज में किया गया।
संस्कार भारती इकाई चित्रकूट द्वारा विगत 12 वर्षों से आयोजित ‘भोर के सुर’ कार्यक्रम इस वर्ष भी भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। प्रातः 4 बजे से प्रारंभ हुए इस आयोजन में ग्वालियर घराने के कलाकार रोहन पंडित ने बिलासखानी तोड़ी में विलंबित एकताल एवं द्रुत तीनताल की प्रस्तुति देकर वातावरण को सुरमय बना दिया। हारमोनियम पर अनुज मिश्रा एवं तबले पर डॉ. विवेक फडनीश ने संगत की।
इसके पश्चात योगाचार्य जितेंद्र प्रताप के निर्देशन में योग साधना एवं सूर्य नमस्कार कराया गया। सूर्योदय के समय श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित कर राष्ट्र के कल्याण की कामना की।
संस्कार भारती के कला साधकों द्वारा बनाई गई आकर्षक रंगोलियों ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।









पूर्व संध्या पर भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु

नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर संस्कार भारती एवं आनंदेश्वरम् संगीत अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में भजन संध्या का आयोजन किया गया। अकादमी के बाल कलाकारों ने मधुर भजनों एवं संगीतमय प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।




Tuesday, November 11, 2025

🌺 श्री भरत यात्रा का भव्य समापन चित्रकूट धाम में



पावन मंदाकिनी तट पर संतों की ओजस्वी वाणी से गुंजायमान हुआ श्री भरत मंदिर परिसर


अयोध्या से पधारे संतों और भक्तों का हुआ भव्य स्वागत, विशाल भंडारे में हजारों ने पाया प्रसाद

डॉक्टर संदीप रिछारिया 

चित्रकूट धाम।
पावन मंदाकिनी के पवित्र तट पर, श्रीवयोदय धाम से प्रारंभ होकर छोटी छावनी तक पहुँची श्री भरत यात्रा का अंतिम पड़ाव मंगलवार को श्री भरत मंदिर के नीचे स्थित श्री मंदाकिनी आरती स्थल (तुलसी चबूतरा) पर अत्यंत श्रद्धा, भव्यता और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ।

इस धार्मिक यात्रा का नेतृत्व छोटी छावनी के महंत श्री कमल नयन दास जी महाराज ने किया।

यात्रा के इस अंतिम पड़ाव पर हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे और संतों की ओजस्वी वाणी व दिव्य प्रवचनों का श्रवण कर स्वयं को धन्य किया।


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🕉️ भव्य स्वागत और विशाल भंडारे से गूंजा भरत मंदिर परिसर

श्री दिगंबर अखाड़े के महंत दिव्य जीवन दास जी महाराज व नगर पालिकाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने किया स्वागत

श्री दिगंबर अखाड़े के श्री महंत पूज्य दिव्य जीवन दास जी महाराज तथा नगर पालिकाध्यक्ष श्री नरेंद्र गुप्ता ने यात्रा का भव्य स्वागत किया।
समापन अवसर पर श्री भरत मंदिर परिसर में महंत दिव्य जीवन दास जी द्वारा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें अयोध्या धाम से पधारे संतों व भक्तों ने प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।


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🙏 राज्य के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति से बढ़ा आयोजन का गौरव

पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और पूर्व मंत्री जय भान सिंह पवैया रहे विशेष अतिथि

इस वार्षिक धार्मिक आयोजन में उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, तथा मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री जय भान सिंह पवैया विशेष रूप से उपस्थित रहे।
दोनों ही अतिथियों ने संतजनों के चरणों में नमन कर चित्रकूट धाम की इस परंपरा की सराहना की।


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🪔 संत सभा में गूंजे धर्म, एकता और सेवा के संदेश

मंदाकिनी गंगा आरती समिति के डॉ. अश्विनी अवस्थी ने किया कुशल संयोजन

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित संत सभा का संयोजन मंदाकिनी गंगा आरती समिति के कर्ताधर्ता डॉ. अश्विनी अवस्थी ने किया।
सभा में देश के प्रतिष्ठित संतों ने धर्म, एकता, सेवा और भक्ति के संदेश दिए।

संत सभा में प्रमुख वक्ता रहे:

श्री महंत कमल नयन दास जी महाराज

वृंदावन के जगद्गुरु द्वाराचार्य भैय्या जू महाराज

कामदगिरि पीठ के महंत मदन गोपाल दास जी महाराज

भागवताचार्य बृजेंद्र शास्त्री जी


इन संतों ने धर्म की शाश्वत महत्ता, समाज में प्रेम और सद्भाव की आवश्यकता, तथा भरत चरित्र की प्रेरणाओं पर अपने विचार रखे।


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🌿 चित्रकूट के संत और समाजसेवी भी रहे उपस्थित

इस पावन अवसर पर चित्रकूट धाम के प्रमुख संत व समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे —
महंत रामजी दास, निर्वाणी अखाड़े के महंत सत्यप्रकाश दास, निर्मोही अखाड़े के दीन दयाल दास,
पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्र,
पूर्व मंत्री चंद्रिका उपाध्याय,
भाजपा जिलाध्यक्ष महेश कोरी,
पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश खरे,
दिनेश तिवारी,
कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल,
उपाध्यक्ष आलोक पांडेय,
युवा मोर्चा अध्यक्ष हीरो मिश्र आदि की उपस्थिति से समारोह का गौरव और भी बढ़ गया।


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✨ धर्म, संस्कृति और भक्ति का अद्भुत संगम बना चित्रकूट धाम

मंदाकिनी तट पर भक्ति, अध्यात्म और सेवा का यह अद्भुत संगम देखने योग्य रहा।
हजारों श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लिया, संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया और भरतजी के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

चित्रकूट धाम एक बार फिर राम-भरत मिलन की भावना, भक्ति और भारतीय संस्कृति के गौरव से ओत-प्रोत हो उठा।

Sunday, March 2, 2025

चिकित्सकों को मिला भगवान धनवंतरी का आशीर्वाद

धनवंतरी महायज्ञ 





_डीएम ने परिवार सहित डाली आहुतियां
_अमेरिका,कोलकाता के साथ बुंदेलखंड और स्थानीय चिकित्सकों ने डाली आहुतियां
_ स्थानीय के साथ महाराष्ट्र से आए स्वयंसेवकों ने किया सहयोग
_पालिकाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने भी डाली आहुतियां

@ संदीप रिछारिया


चित्रकूट। सृष्टि को आरंभ करने के लिए महादेव के आदेश पर चित्रकूट धाम में परमपिता ब्रह्मा ने रामार्चा यज्ञ किया था,आज उसी भूमि पर महादेव के भक्तों (नाथ संप्रदाय) ने “धरती के भगवान (डाक्टर)” का थैंक्स करने के लिए उनके भगवान धनवंतरी जी का यज्ञ करवाया। रविवार भोर से ही पुरानी बाजार के रामलीला भवन के प्रांगण में मंत्रों की ध्वनियां गूंजने लगी। अमेरिका,कोलकाता,मुंबई के साथ बुंदेलखंड के तमाम ख्यातिलब्ध चिकित्सकों का मेला लगता दिखाई देने लगा। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन सपत्नीक यज्ञ स्थल में पहुंचे और आहुतियां डालने के साथ प्रसाद ग्रहण किया।इस दौरान पालिकाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता भी मौजूद रहे।


*मुंबई से आए यज्ञाचार्य ने कराया यज्ञ*


मुंबई से आए यज्ञाचार्य जोशी गुरु जी अपनी टीम के साथ मंडप पर वेदोच्चरण करते दिखाई दिए।इस दौरान उनकी टीम के सदस्यों के साथ नागपुर से आई डॉक्टर नीलिमा जाधव औषधियों को यजमानों को देकर उनकी विशेषताएं बताकर आहुतियां डालने को प्रेरित करते दिखाई दे रही थी। डॉक्टर जाधव की बाते सुनकर एलोपैथी के बड़े बड़े चिकित्सक आश्चर्य के साथ आहुतियां डालते दिखाई दे रहे थे।

*वेदांत रत्नपारिख की कल्पनाशीलता की सभी ने की प्रशंसा*


यज्ञ में भाग लेने वाले सभी लोगों के साथ मुख्य आयोजकों ने फोटो खींचने के बाद तुरंत फोटो बनाकर उन्हें भेट करने की व्यवस्था की थी।जैसे ही कोई मेहमान पहुंचता,उनका स्वागत किया जाता।इसके तुरंत बाद पोलराइज्ड कैमरे से खींची गई फोटो मेहमान को भेट की जाती तो वह प्रफुल्लित हो जाता।

*इन डाक्टरों ने डाली आहुतियां*

अमेरिका से डॉक्टरशशांक हेडा,कोलकाता से डॉक्टर मिलिंद,जबलपुर से डॉक्टर महेश तैलंग,डॉक्टर वीके अग्रवाल,डॉक्टर निर्मला गेहानी,डॉक्टर पूनम आडवाणी, आशुतोष तिवारी जी, अखिलेश,डॉ उमेश
डॉक्टर नीलमा,डा. अनिल कुमार ,डॉक्टर सुरेश त्रिपाठी ,डॉक्टर सीताराम गुप्ता,
डॉक्टर हर्षिता श्रीवास्तव,डॉक्टर सचिंद्र उपाध्याय सहित लगभग 250 चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ ने यज्ञ में आहुतियां डाली।

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स्वयंसेवकों की टीम ने निष्ठा से निभाए दायित्व*





महाराष्ट्र और स्थानीय नाथ संप्रदाय के स्वयं सेवकों ने अपने सेवाभाव से इस आयोजन को सफल बनाया। डॉक्टर मनोज द्विवेदी, महेश जी,दीपक तिवारी,संतोष तैलंग, शिल्पा ताई,मधु काका,नरेंद्र जायसवाल,विलग,नीरज, मिलिंद आवड़े,सचिन,श्रीराम पांडेय,महेश सिंह पटेल,वैशाली ठाकरे,नीलम पारसपटकी,धनीराम,राहुल निषाद आदि अपने दायित्व निभाते दिखाई दिए।
 





Wednesday, October 16, 2024

मां भवानी की याद कर दशहरा मिलन


_शहर के एक रेस्टोरेंट में आयोजित किया गया कार्यक्रम

चित्रकूट। धर्मनगरी में 9 दिनों तक मां दुर्गा की आराधना का क्रम लगातार जारी रहा।इस दौरान जिले भर में सैकड़ों प्रतिमाएं विभिन्न स्थानों पर रखकर विधि विधान से पूजन अर्चन का क्रम चला। विभिन्न भक्तों ने अपने अपने घरों में भी देवी की आराधना की।देवी आराधना की परिणिती विजयादशमी के रूप में हुई।



 विजयादशमी के बाद मां अम्बे की प्रतिमाओं की विदाई के बाद एसडीएम कालोनी की रहने वाली समाजसेवी वैदेही खरे की अगुवाई में मिशन तिराहे स्थित एक रेस्टोरेंट में लगभग आधा सैकड़ा महिलाओं ने दशहरा मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया।इस कार्यक्रम को बंगाली ड्रेस थीम पर आयोजित किया गया। 



यह कार्यक्रम वास्तव में बंगाली और गुजराती दुर्गा पूजा का फ्यूजन दिखाई दिया। एक और महिलाओं ने जहा बंगाली परिधान धारण किए,वही दूसरी ओर उन्होंने गुजराती स्टाइल में मनमोहक ध्वनियों के साथ मां को समर्पित गरबा की प्रस्तुति दी।
इस दौरान टीम लीडर वैदेही खरे के साथ अंजू श्रीवास्तव,मंजूषा वर्मा, साक्षी, अर्चना सिंह, सरिता वर्मा, ममता, रेशू जायसवाल, लवली पांडेय, शिल्पी श्रीवास्तव, संजना श्रीवास्तव आदि शामिल रही। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने तमाम छोटे छोटे कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

Friday, August 23, 2024

मोदी विचार मंच के मंडलीय अध्यक्ष बने संदीप तिवारी





. संगठन को मजबूत बनाने का दिलाया भरोसा
. 31 अगस्त को संत सम्मेलन की जोरदार तैयारियां में जुटे

संदीप रिछारिया

राष्ट्रव्यापी संगठन नरेन्द्र मोदी विचार मंच के रींवा मंडल के प्रमुख के रूप में धर्मनगरी के युवा समाजसेवी संदीप तिवारी हेमू के हाथों में कमान सौंपी गई है। नरेन्द्र मोदी विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि चाणक्य की सहमति से मध्यप्रदेश के अध्यक्ष सुनिल सांखला राष्ट्रीय बौद्धिक मंच मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री श्री 1008 श्री लल्ली महराज ; अनुसुइया आश्रम चित्रकूट   उत्तरप्रदेश राष्ट्रीय बौद्धिक मंच के प्रदेश अध्यक्ष श्री श्री 1008 श्री दिव्य जीवन दास महाराज सतना जिले के जिलाध्यक्ष दीप भटनागर चित्रकूट जिला अध्यक्ष संदीप दिवेदी की अनुशंसा पर नरेन्द्र मोदी विचार मंच के मुख्य राष्ट्रीय महासचिव सूरज ब्रम्हे ने चित्रकूट के समाज सेवी संदीप कुमार तिवारी को नरेंद्र मोदी विचार मंच मुख्य शाखा रीवा सम्भाग का  संभागीय अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया है। संगठन के मुख्य राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि वर्तमान समय तीन करोड़ से भी अधिक कार्यकर्ता बड़े शहरों से लेकर देश के अन्तिम गांव तक संगठन को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। हम लोग भारत वर्ष को विश्वगुरू के रूप् में प्रतिस्थापित करने के लिए जी जान से प्रयास कर रहे हैं।  
नव नियुक्त मंडलीय अध्यक्ष संदीप तिवारी ने कहा कि इतने बड़े सगठन से जुडना हर्ष के साथ गौरव का विषय है। जो जिम्मेदारी मुझे दी गई है उसका मैं भलीभांति निर्वहन करते हुवे संगठन को मजबूत बनाकर मोदी जी के हाथों को मजबूत करुंगा। उन्होंने वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार व्यक्त कर उन्हे धन्यवाद दिया। संदीप कुमार तिवारी की नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुवे संगठन के पदाधिकारियों ने बधाई दी है। बधाई देने वालों में श्रीमति कविता साहू राष्ट्रीय महामंत्री महिला शाखाए श्रीमती चंद्रकला सोनी राष्ट्रीय सचिव महिला शाखाए पुरुषोत्तम सोनकर जी प्रांतिय अध्यक्ष महाकौशल प्रान्तएराजकूमार सोनी प्रदेश महामंत्री राष्ट्रीय बौद्धिक मंच के प्रदेश संगठन महामंत्री रंजन महाराज भागवाधारी केशव महाराज शंकर भोले बाबा महाराज अशोक वीर विक्रम सिंह
 योगेश पटेल आकाश महाराज रामश्रय महाराज गजेन्द्र महराज विष्णु पटेल श्रीमती एकता तिवारी जिला अध्यक्ष महिला शाखा जबलपुर श्रीमती मनीषा अवस्थी जिलाध्यक्ष महिला शाखा सतना श्रीमती मीना सैनी जिला संगठन महामंत्री महिला शाखा जबलपुर आदि है।     


                                       
संदीप तिवारी ने बताया कि धर्मनगरी के केशवगढ प्रांगण में 31 अगस्त  दिन शनिवार को नरेंद्र मोदी विचार मंच के तत्वावधान में साधु . संत समागम सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में चित्रकूट के साथ ही बाहर से आने वाले तमाम साधूगण भाग ले रहे हैं। कहा कि  . जब भी देश में संकट आया है  तब . तब साधु . संतों ने देश की सुरक्षा के लिए अपने त्रिशूल को हथियार बनाकर देश की रक्षा की है समय आ गया है कि हम सब जातियों और पंथों का भेद मिटाकर एक हो जाएं । अपने पूर्वजों को याद कर उनके बताये हुवे रास्ते में चलकर जब भी हम एक दूसरे से मिलें तो राम.राम कहें। आइये हम सब मिलकर देश और सनातन की सुरक्षा करें ।

Sunday, March 10, 2024

डीएम जगन्नाथ सिंह ने देखा था चित्रकूट में जहाज उतारने का सपना




साकार हो रहा है पूर्व डीएम का स्वप्न 

- भारत रत्न नाना जी देशमुख ने योजना को खुद पूरा करने के लिए बढाये थे कदम

-24 साल लगे देवांगना पहाड़ के उपर हवाई जहाज उतरने में
- बसपा ने कैंसिल किया था तो अखिलेश यादव ने लगाये थे पंख
- पूर्व डीएम जगन्नाथ सिंह के साथ भरत पाठक, बसंत पंडित ने की थी मशक्कत  

संदीप रिछारिया

चित्रकूट। साल 2010 की सर्दियों का समय था, भारत रत्न नानाजी देशमुख के पास चित्रकूट डीएम जगन्नाथ सिंह पहुचते है। नानाजी बहुत मधुर स्वर में कहते हैं कलेक्टर साहब,,,,,,क्या हाल है, क्या समस्या है, मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं। डीएम कहते हैं कि मेरा स्वप्न चित्रकूट की ख्याति को विश्व व्यापी स्वरूप में देखने का है। आप इस आईडिये को सुनिये और निर्णय लीजिये। चित्रकूट में शिक्षा,स्वास्थ्य सेवाओं व स्वावलंबन का काम करने के लिए आप आयेें हैं, यह आपकी पूर्ण कर्म भूमि है। पीड़ित मानवता की सेवा के लिए धन की बड़ी जरूरत है, इसलिए देश के बड़े उद्योगपतियों को उनके मिलाना बहुत जरूरी होता है। जब वह वनवासियों को देखेंगे तो निश्चित तौर पर मदद करेंगे। अब चित्रकूट में रतन टाटा, महेंद्र महेंन्द्रा, नुरूली वाडिया, वेणु श्री निवासन, विवेक गोयनका, डालमियां परिवार, बजाज परिवार सहित अन्य लोग आने लगे हैं। इनको प्रयागराज या खजुराहो से हेलीकाप्टर के जरिए चित्रकूट लाया जा रहा है, इसमें धन, श्रम और समय लगाता है। अगर चित्रकूट में हवाई पट्टी का निर्माण हो जाए तो यहां पर सीधे विमान उतरेगा और धन, श्रम और समय बचेगा। यह भारत रत्न नाना जी देशमुख के साथ पूर्व जिलाधिकारी जगन्नाथ सिंह द्वारा चित्रकूट में हवाई अड्डा बनाने के लिए किया गया पहला संवाद था।

जिसको पंख लगाने का काम डीएम जगन्नाथ सिंह ने चार पांच जमीन दिखाने के बाद देवांगना के उपर की जमीन को मूर्त रूप देने के लिए प्रस्तावित किया। इस जमीन में वन विभाग की जमीन का कुछ हिस्सा आने के कारण उसे भौरी गांव के पास जंगल की ड्योढी राजस्व की जमीन देकर मामले को निपटाया गया और शासन पक्ष से बात कर सरकार ने पहली बार प्रयास पूरे रूप में शुरू किया। इसमें सबसे बड़ी बात यह थी कि नाना जी इस काम में डीआरआई को किसी भी तरह का फायदा नही चाहते थे। नानाजी की मित्र मंडली के कई उद्योगपतियों ने मिट्टी, गिट्टी और सीमेंट लेबर जैसी अन्य व्यवस्थाओं के लिए धन दिया तो इस काम को देखने की पूरी जिम्मेदारी डीआरआई के पूर्व प्रधान महासचिव डा0भरत पाठक व बसंत पंडित को मिली। राइट्स कपंनी को सरकार ने काम पर लगाया तो धन जुटाने की व्यवस्था डीआरआई के पास रही। काम शुरू हुआ और कुछ दिनों बाद डकैत छोटा पटेल द्वारा अडंगा डालने के बाद उसे बंद करना पड़ा। सीआरपीएफ लगाई गई, फिर काम शुरू हुआ, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर काम बंद हुआ, यह सिलसिला कई बार चला। एक बार प्रोजेक्ट मैनेजर बिटृटू का अपहरण होने के बाद ज बवह छूटा तो समान छोड़कर भाग गया। इसके बाद हवाई पटृटी सपना बनकर रह गई। वक्त गुजरता रहा, मुलायम सिंह यादव की सरकार बनी। सितम्बर 2005 में चित्रकूट में उन्होंने पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक की। नानाजी से मिलने के बाद उन्होंने मंच से चित्रकूट में हवाई अड्डा को सरकार द्वारा बनाने की घोषणा की। कुछ काम आगे बढा। लेकिन मामला पूरी तरह से बन नही पाया। इसके बाद बहन मायावती की सरकार आई। बांदा चित्रकूट से तीन कैबिनेट मंत्री बने। नसीमुद्दीन सिद्वीकी व बाबू सिंह कुशवाहा ने चित्रकूट में हवाई अड्डा कैंसिल कराने का पूरा प्रयास कर अतर्रा के पास हवाई अड्डा ले जाने का प्रयास किया। लेकिन मामला जम नही पाया। इसके बाद प्रदेश में सपा की सरकार फिर से आई और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बने, उन्होंन चित्रकूट के विकास के लिए काफी काम किया। उन्होंने सीधे सैधांतिक तौर पर चित्रकूट में बनने वाले यात्री हवाई अड्डे के निर्माण की स्वीकृति के लिए दिल्ली से पूरा प्रस्ताव तैयार कर पास कराया। बस स्टाप की स्थापना, चारो ओर सीमेंटेड फोन लेन रोड़, परिक्रमा पथ निर्माण व टीन शेड, रामघाट का सौंदर्यीकरण के साथ अन्य बड़े काम रहे। लेकिन देखा जाए तो उन्होंने घोषणाएं और प्रस्ताव तो बहुत किये, पर धन आंवटन की स्थिति बहुत कम रही। लिहाजा काम कुछ हुआ ही नहीं। योगी सरकार के आने के बाद चित्रकूट में विकास के पंख लगे और धीरे धीरे लगभग सभी बड़े काम पूरे हो गये। आज जब चित्रकूट में हवाई अड्े पर पहला विमान उतरेगा तो नाना जीे देशमुख की आत्मा को काफी प्रसन्नता का अनुभव होगा।
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नाना जी अपना सबकुछ दोड़कर चित्रकूट आये, लेकिन उनकी तपस्या का माध्यम पीड़ित वंचितों की सेवा था, वह श्री राम को पहला समाजसेवी कहा करते थे। नानाजी के साथ हम इस काम में सहभागी बने यह हमारा सौभाग्य है। हवाई पटृटी के लिए पहली बार जब जमीन देखने गये थे और आज 24 साल बाद इस स्थिति में इसे देख रहे हैं कि जमीन पर यात्री जहाज उतर रहा है तो असीम खुशी का अनुभव हो रहा है।


डा0 भरत पाठक, राष्ट्रीय संयोजक, गंगा विचार मंच
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जब चित्रकूट गया तो वह नया जिला था। चित्रकूट के दर्शन दो स्वरूपों में हुये। पहला स्वरूप पूर्ण रूप से धार्मिक था, तो दूसरा स्वरूप पूर्ण रूप से वनवासियों की करूण स्थिति वाला था। गावों व जंगलों में प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर प्रपात, पहाड़ जगल और अन्य स्थान थे, पूरा प्लान बनाकर काम किया गया। इस दौरान नाना जी का सहयोग लगभग हर काम में मिला। वह युगदृष्टा थे। हर अच्छे काम में पूरा समर्थन देते थे। हवाई पटटी का आइडिया सुनते ही उत्साहित होकर खुद जिम्मेदारी ले ली थी। आज वास्तव में चित्रकूट का नाम जब विश्व के इवाई मानचित्र में देखकर मन को सुकून मिल रहा है।



जगन्नाथ सिंह
रिटायर्ड आईएएस

             
 

बरसात में 84 कोस श्री चित्रकूट धाम का अद्भुत रूप

झरनों की कल-कल, पहाड़ों की हरियाली और बादलों की चादर… प्रकृति ने सजाया चित्रकूट का अनुपम संसार प्रशासन के वेतनभोगी क्रिएटर आखिर इन प्राकृति...