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चित्रकूट महिमा अमित,,,, चित्रकूट की श्री के प्रथम घोषक महर्षि वाल्मीकि

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            एक तात्विक विवेचन,,,,                                                         ‘‘अस्य चित्रकूटस्य्‘‘                                                        {द्वितीय सोपान}                 उल्टा नाम जपति जग जाना बाल्मीकि भए ब्रहम समाना,, महर्षि वाल्मीकि एक ऐसे देदीप्तमान नक्षत्र के रूप में रामकथा में समाए हैं जिन्होंने रामकथा राम काल में लिखी, उन्होंने श्रीराम के चरित्र को अपनी आंखों से देखा और उसका भाषानुवाद रामायणम् के माध्यम से किया। श्रीराम का चरित्र चित्रण हो या फि चित्रकूट की महिमा का यशोगान वाल्मीकि जी ने पहली बार उसे विश्व के सामने लाने का प्रयास किया। श्रीराम के चित्रकूट आगमन के पूर्व के चित्रकूट को प्रकट करने का क...

श्री हरि के छठे अवतार कपिल मुनि थे त्रिदेवों के मामा

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                                           श्री चित्रकूटधाम के महान संत  

श्री राम को रोता देख चित्रकूट आई थी मा सरयू

 *🚩श्री कामदगिरि का महाभिषेक* *🚩महंत राजकुमारदास जी महाराज का पुरुषोत्तम मासीय अनुष्ठान* *📍जानिए सरयूधारा के वह रहस्य जिनसे आप शायद ही परिचित हो*🚩 https://youtu.be/UeDftbCULG8 *💧चित्रकूट धाम के रहस्यों को जानने के लिए देखते रहिए इनक्रेडिबल चित्रकूट धाम*

मेरठ से भी 15 साल पहले आजादी की क्रांति का सूत्रपात हुआ था चित्रकूट में

इतिहास की इबारत गवाही देती है कि हिंदुस्तान की आजादी के प्रथम संग्राम की ज्वाला मेरठ की छावनी में भड़की थी। किन्तु इन ऐतिहासिक तथ्यों के पीछे एक सचाई गुम है, वह यह कि आजादी की लड़ाई शुरू करने वाले मेरठ के संग्राम से भी 15 साल पहले बुन्देलखंड की धर्मनगरी चित्रकूट में एक क्रांति का सूत्रपात हुआ था। पवित्र मंदाकिनी के किनारे गोकशी के खिलाफ एकजुट हुई हिंदू-मुस्लिम बिरादरी ने मऊ तहसील में अदालत लगाकर पांच फिरंगी अफसरों को फांसी पर लटका दिया। इसके बाद जब-जब अंग्रेजों या फिर उनके किसी पिछलग्गू ने बुंदेलों की शान में गुस्ताखी का प्रयास किया तो उसका सिर कलम कर दिया गया। इस क्रांति के नायक थे आजादी के प्रथम संग्राम की ज्वाला मेरठ के सीधे-साधे हरबोले। संघर्ष की दास्तां को आगे बढ़ाने में बुर्कानशीं महिलाओं की ‘घाघरा पलटन’ की भी अहम हिस्सेदारी थी।आजादी के संघर्ष की पहली मशाल सुलगाने वाले बुन्देलखंड के रणबांकुरे इतिहास के पन्नों में जगह नहीं पा सके, लेकिन उनकी शूरवीरता की तस्दीक फिरंगी अफसर खुद कर गये हैं। अंग्रेज अधिकारियों द्वारा लिखे बांदा गजट में एक ऐसी कहानी दफन है, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। गज...

धर्म-नगरी "चित्रकूट" से सम्बंधित इस ब्लॉग में आपका स्वागत है !

अनेक ऋषि-मुनियों की तपोस्थली और बारह वर्षों तक भगवान श्री राम की कर्म स्थली रही इस विश्व विख्यात नगरी से सम्बंधित इस ब्लॉग में आप सभी पाठको का स्वागत है .भारतीय उपमहाद्वीप के ह्रदय-क्षेत्र में स्थित इस पावन धरा के पौराणिक,ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और वर्तमान "सामाजिक-राजनीतिक" महत्व को वैश्विक मंच प्रदान करने की मेरी इस कोशिश में आप सभी का भी सहयोग अपेक्षित है. यदि आपके पास चित्रकूट से सम्बंधित कोई उपयोगी या शोधात्मक प्रकाश्य सामग्री है तो आप हमें जरूर भेजें. साथ ही इस ब्लॉग को और अधिक परिमार्जित स्वरुप प्रदान करने हेतु अपनी राय हमें अवश्य दें . आपका, संदीप रिछारिया email: sandeep.richhariya@gmail.com