यूपी और एमपी की संयुक्त पहल—हर घर जलेगा दीप, रामघाट से कामदगिरि तक दिव्यता का महासागर
डीआरआई की अगुवाई में होगा आयोजन
चित्रकूट। जब तपोभूमि चित्रकूट में श्रीराम जन्मोत्सव का पावन क्षण अवतरित होगा, तब मंदाकिनी के तट से लेकर कामदगिरि परिक्रमा तक दीपों की अनगिनत पंक्तियाँ मानो भक्ति का साक्षात् प्रकाश बनकर झिलमिलाएँगी। रामनवमी (27 मार्च) पर ‘चित्रकूट गौरव दिवस’ के अवसर पर इस बार 22 लाख दीपों से सुसज्जित यह धाम केवल आलोकित ही नहीं होगा, बल्कि आस्था, संस्कृति और जनसमन्वय का अद्वितीय इतिहास भी रचेगा।
श्रीरामनवमी (27 मार्च) पर इस बार चित्रकूट धाम 22 लाख दीपों की रोशनी से आलोकित होगा। ‘चित्रकूट गौरव दिवस’ के रूप में मनाए जाने वाले इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का प्रशासन, संत समाज और आमजन मिलकर भागीदारी करेंगे।
कलेक्ट्रेट सभागार कर्वी में हुई संयुक्त बैठक में आयोजन की विस्तृत रूपरेखा तय की गई। बैठक में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन सहित संत-महात्मा, व्यापारी व सामाजिक संगठन उपस्थित रहे।
🔶 दोनों राज्यों में 11-11 लाख दीप
रामघाट, भरतघाट और कामदगिरि परिक्रमा मार्ग होंगे मुख्य केंद्र
यूपी व एमपी क्षेत्र में 11-11 लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे
नगर के प्रत्येक घर में कम से कम 5 दीप जलाने की अपील
🔶 दीपदान के साथ सांस्कृतिक महोत्सव
रामघाट पर भव्य दीपदान
बुंदेलखंड का पारंपरिक दीवारी नृत्य
लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां
प्रमुख स्थलों पर रंगोली व आतिशबाजी
🔶 पिछले वर्षों से अधिक भव्य आयोजन
हर वर्ष बढ़ रही दीपों की संख्या, इस बार रिकॉर्ड स्तर
घाटों से निकलकर अब घर-घर तक उत्सव का विस्तार
यूपी-एमपी का साझा आयोजन बना राष्ट्रीय आकर्षण
🔶 सुरक्षा व यातायात की विशेष व्यवस्था
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि पर्व के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
🔶 डीएम पुलकित गर्ग बोले—जनभावनाओं का प्रतीक
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कहा कि ‘चित्रकूट गौरव दिवस’ जन-आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। सभी विभागों को समन्वय से आयोजन को सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
🔶 जन-जन से अपील
डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन ने लोगों से आह्वान किया कि रामनवमी पर अपने घर, मंदिर और प्रतिष्ठानों में दीप जलाकर इस उत्सव को जनभागीदारी का पर्व बनाएं।”
✨ आस्था का उजास
जब मंदाकिनी तट से लेकर कामदगिरि परिक्रमा तक दीपों की श्रृंखला सजेगी, तब चित्रकूट एक बार फिर त्रेतायुग की दिव्यता का सजीव अनुभव कराएगा।














