चित्रकूट धाम के पावन रामघाट में आयोजित त्रिवेणी शरबत महोत्सव 2026 श्रद्धा, सेवा और सनातन संस्कृति का अनुपम संगम बनकर सामने आया। भीषण ग्रीष्म ऋतु में श्रद्धालुओं, साधु-संतों, तीर्थयात्रियों और स्थानीय नागरिकों को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस सेवा महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।
शाम 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक श्रद्धालुओं ने गुलाब, पना, पुदीना, संतरा, नींबू, जीरा जल एवं विशेष त्रिवेणी शरबत सहित अनेक प्रकार के शीतल पेयों का आनंद लिया। शरबत पीकर लोग प्रसन्नचित्त और आनंदित दिखाई दिए। बाहर से आए सैकड़ों पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों ने भी इस अनूठी सेवा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर पूर्व विधायक आदरणीय श्री दिनेश मिश्र जी ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव, सहयोग और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देते हैं तथा भारतीय संस्कृति के सेवा भाव को सुदृढ़ करते हैं।
सनातन शोध संस्थान के महासचिव श्री संदीप रिछारिया ने आयोजन के संयोजक एवं संस्थान के मंत्री श्री दयाशंकर गंगेले की सराहना करते हुए कहा कि यह सेवा आयोजन पिछले 15 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
इस दौरान श्री दयाशंकर गंगेले ने बताया कि बुधवार को एकादशी के पावन अवसर पर सायंकाल शरबत वितरण के साथ-साथ सनातन शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रो. गोविंद त्रिपाठी जी की ओर से श्रद्धालुओं को फल वितरण भी किया जाएगा।
महोत्सव की संपूर्ण व्यवस्थाओं का संचालन गंगेले विश्राम गृह के संचालक श्री अंशू गंगेले ने अत्यंत सुव्यवस्थित एवं सराहनीय ढंग से किया। उनकी देखरेख में सेवा कार्य सुचारु रूप से संपन्न हुआ, जिसकी उपस्थित जनों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कार्यक्रम में दादा पांडे जी (गंगा मंदिर पुजारी), छिवलहा महाराज, बिनोद तिवारी, मनोज तिवारी, अश्वनी यादव, राकेश शर्मा, गणेश केशरवानी, पुरुषोत्तम केशरवानी, गंगाराम गुप्ता, अशोक मिश्रा, राम बहोरी अतरौलिया, किशन लाल गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।
🙏 सेवा, सद्भाव और समर्पण का यह महोत्सव एक बार फिर सिद्ध कर गया कि मानव सेवा ही सनातन संस्कृति का सबसे बड़ा संस्कार है।


