Thursday, April 4, 2013

अफसरों को न झकझोर पाये, न राम नाम न भोला के प्राण

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : कैथी गांव में भोला की मौत भी कमोवेश किसी को झकझोर नहीं सकी है। राम नाम से गांव में भले ही सद्भावना जागी हो, लेकिन वीआईपी व नौकरशाहों को शायद कोई फर्क नहीं पड़ा। भोला की मौत के प्रकरण की जांच करने तो कोई अब तक कैथी गांव पहुंचा नहीं, गुरुवार को मुख्यालय आयी भोला की विकलांग पत्नी का विकलांग प्रमाण पत्र बनाने में भी सीएमओ ने कायदे-कानून गिना दिये। उन्हें यह भी नहीं लगा कि उसे दुबारा आने में कितनी तकलीफ होगी।

भरुआ सुमेरपुर के कैथी गांव में राम धुन करते भोला की हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। उसे दु:ख था कि अभी तक मुख्यमंत्री गांव नहीं आए। गुरुवार को भोला की विकलांग पत्नी मुन्नी देवी को लेकर उनका देवर लालमन मुख्यालय आया। जैसे ही जिलाधिकारी को देखा दौड़ पड़ा, पूरी स्थिति बताई। जिलाधिकारी ने महिला की हालत देखकर उसे तुरंत मुख्य चिकित्साधिकारी के पास विकलांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए भेजा। पर वहां उसे घोर निराशा हुई, जब साहब ने साहबी दिखा दी और कहा कि अभी कोई डॉक्टर नही चार दिन बाद आना और फिर जांच कर प्रणाम पत्र बनाया जाएगा।

चलने-फिरने से लाचार मुन्नी को फिर से चंद्रावल नदी पार कर लगभग 50 किलोमीटर जिला मुख्यालय अपना विकलांग सर्टीफिकेट बनवाने आना पड़ेगा। मुन्नी देवी का सहयोग कर रहे कांग्रेसी नेता युगराज सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी ने तो मिलते ही उसकी हालत देखकर सीएमओ के पास भेज दिया। लेकिन उन्होंने टरकाने वाले अंदाज में बात कर पीड़ित को वापस कर दिया। उधर, 'दैनिक जागरण' कार्यालय में आकर भोला दर्जी के भाई लालमन ने बताया कि सोमवार को उसके भाई की मृत्यु हुई थी। लेकिन आज तक भाई की मृत्यु के बाद कोई सरकारी अधिकारी जांच करने घर नही पहुंचा। कहा कि गांव में एक व्यक्ति के फोन पर नायब तहसीलदार का फोन आया था और उन्होंने उससे भाई की मौत की जानकारी ली है।

यहां बेटियों के नसीब में केवल चूल्हे का धुआ


आजादी के 6 दशक बीत गए, लेकिन जिले का एक गांव ऐसा भी है, जहां पर छह हजार की आबादी होने के बाद भी शिक्षा विभाग ने इंटर कॉलेज की बात छोड़िए, हाई सकूल भी खोलने की सोची नही है। लिहाजा बेटियां कक्षा आठ के बाद घर बैठने को मजबूर हैं। इन्हीं कारणों के चलते यहां पर बेटियां उच्च प्राथमिक शिक्षा से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, जिससे कन्या विद्या धन व लैपटॉप योजना जैसी सुविधाओं से वंचित हो रही है।

सुमेरपुर विकासखंड का कैथी गांव जिसकी आबादी 6 हजार से ऊपर है। लेकिन यहां पर मात्र एक उच्च प्राथमिक स्कूल शिक्षा विभाग के बड़े-बड़े दावों की पोल खोल रहा है। सैकड़ों की संख्या में छात्राएं प्राथमिक शिक्षा के बाद चूल्हे चौके तक ही सिमट कर रह जाती हैं। उनकी आगे पढ़ने की ललक दब की दबी रह जाती है। क्योंकि बीहड़ क्षेत्र होने के कारण अभिभावक उन्हें बाहर शिक्षा के लिए भेजने से कतराते हैं। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों व नेताओं ने गुहार लगाई, मगर उन्हें हमेशा निराशा ही हाथ लगी।

आठवीं के बाद न पढ़ पायी

गांव की लड़कियों में पढ़ाई की ललक तो बढ़-चढ़कर है, लेकिन यहां आस-पास भी हाईस्कूल न होने के चलते आठवीं कक्षा के बाद अनेक लड़कियों को आगे पढ़ने की अपनी इच्छा दबानी पड़ी। पूजा ने बताया कि कक्षा आठ के बाद उसने आगे की शिक्षा नहीं ली, क्योंकि गांव से स्कूल दूर था। वहीं मां सावित्री का कहना था कि रास्ते में लड़की के साथ कोई घटना न हो जाए। कल्पना ने बताया कि अकेले घर वाले 15 किलो मीटर दूर जाने नहीं देते है। इस कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ी।

ममता वर्मा व अनीता शर्मा ने कहा कि 2008 में कक्षा आठ पास की थी। इसके बाद छह माह सुमेरपुर स्थित सरकारी स्कूल भी गई लेकिन बाकी लड़कियों के ना जाने के वजह से अकेले होने के चलते उसे भी पढ़ाई छोड़नी पड़ी।

सुनीता का कहना था कि गांव में स्कूल नहीं है। रास्ता सुनसान होने के कारण अकेले जाने में डर लगता है। उसका पढ़ाने का बहुत मन था, लेकिन उसे अपनी यह तमन्ना मन में कचोट के रह गई। शशि व राजेश्वरी ने बताया कि विकास न होने का खामियाजा हमें अपनी पढ़ाई को छोड़कर चुकाना पड़ा है। अगर सरकार यहां पर पांच के आगे विद्यालय का निमार्ण कर दे तो हमें भी पढ़ाने का मौका मिल जायेगा। शिल्पी तिवारी ने बताया कि 2009 में आठवीं पास करने के बाद उन्हें पढ़ाने के लिए नहीं जाने दिया गया।

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''अगले शिक्षा सत्र में कैथी गांव को प्राथमिकता पर लेंगे और वहां हाईस्कूल खुलवाने का प्रयास करेंगे।''

- योगराज सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, हमीरपुर

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राम-राम करते लोगों को नेता बंधा रहे ढांढस

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम का नाम लेकर जाते ही भोला का नाम अमर हो गया। जिस गांव कैथी में चुनाव में वोट मांगने के अलावा जनसेवक न जाते रहे हों वहां पर रात भर रूकने के बाद कांग्रेस का नेता सुबह वापस जाता है तो शाम होने के पहले ही भाजपा का कद्दावर नेता आ जाता है। गांव वाले नेताओं के आगमन को शुभ लक्षण मानकर राम राम करने में डटे हुए हैं।

भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में चल रही राम धुन बुधवार को 44वें दिन भी जारी रही। मंगलवार शाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता युगराज भदौरिया पहुंचे थे। उन्होंने न केवल रात गांव में गुजारी बल्कि कई घंटों तक राम का नाम भी उच्चारित किया। सुबह गांव के लोगों की प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री से बात भी कराई। श्री खत्री ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस के विधायक कैथी गांव के मुद्दे को सदन में उठाएंगे। इसके साथ ही जल्द ही दौरा करने के लिए कांग्रेस के बड़े नेता भी गांव में आ सकते हैं। श्री भदौरिया ने कहा कि भोला की पत्‍‌नी विकलांग है। बेटी विवाह योग्य है और बेटे बिना पढ़े लिखे हैं। वह अपने पास से बेटों के लिए सिलाई मशीन दे रहे हैं जिससे वह सिलाई का काम कर पेट भरने का जुगाड़ कर सकें। पत्‍‌नी को सहायता दिलाए जाने के लिए जिलाधिकारी से मिलकर बात करने का आश्वासन दिया।

इधर, शाम को भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज गुप्ता व वरिष्ठ भाजपा नेता प्रीतम सिंह किसान गांव पहुंचे। राम नाम संकीर्तन महायज्ञ में शामिल होकर अपनी आवाज जोड़ने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली की भ‌र्त्सना करते हुए कहा कि चौवालीस दिन से यहां पर लोग अपनी मूलभूत मांगों को लेकर भगवान का नाम ले रहे हैं। लेकिन कोई सुनने या देखने वाला नहीं हैं। राम राम करते मरने वाले भोला को शहीद का दर्जा देते हुए कहा कि जल्द ही भाजपा कैथी गांव के मुद्दे को ऊपर तक ले जाएगी। आगामी विधानसभा सत्र में भाजपा के विधायक इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे।

रोशनी की तलाश में राम से आस

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है वैसे वैसे राम के नाम के आसरे पिछले 45 दिनों से गांव के पुराने शिव मंदिर में बैठे भक्तों का उत्साह बढ़ता दिखाई दे रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि रात की ठंड काफी बढ़ चुकी है और मंदिर के खुले चौबारे में लगभग 75 से सौ ग्रामीण राम का नाम ले रहे हैं।

भरुआ सुमेरपुर क्षेत्र के कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में क्षेत्रीय विकास को लेकर गत 9 अक्टूबर को शुरू हुई राम धुन बृहस्पतिवार को लगातार 45वें दिन भी जारी रही। ग्राम प्रधान वासुदेव निषाद कहते हैं कि भइया जहां दिन में लोगों की भीड़ लगी रहती है। दिन में पांच सौ स्त्री और पुरुष राम का नाम लेते हैं वहीं रात में भी लोगों का उत्साह इस समय बढ़ा हुआ है। ग्रामीण उम्मेद सिंह,विकास शिवहरे, अरिमर्दन सिंह, सुदामा सिंह आदि कहते हैं कि भइया भोला के जाने के बाद तो गांव वालों ने संकल्प कर लिया है कि अब कुछ भी हो जाए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आने के पहले राम का नाम लेना बंद नही किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि वैसे तो उनकी किसी से कोई बुराई नही है पर अभी तक गांव में कांग्रेस व भाजपा के नेताओं के साथ विधायक दो बार आई है। प्रशासनिक अधिकारियों में अपर जिलाधिकारी व उप जिलाधिकारी भी आकर अपने स्तर से कार्यवाहियां कर चुके हैं पर सत्ता पक्ष का कोई भी नेता गांव में नही आया है। उन्होंने कहा कि वह सभी का सम्मान करते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग किया कि गरीब भोला के परिवार को जल्द से जल्द मदद दिलाई जा सके जिससे उसका परिवार जिंदा रह सके।

उधर, विधायक साध्वी निरंजन ज्योति ने बताया कि आज से प्रारंभ हो रही विधानसभा में कैथी गांव की रामधुन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के लिए विधान मंडल दल के नेता को पत्र भ्ेाज चुकी हैं और इस मुद्दे को वह खुद भी सदन की पटल पर रखेंगी।

भोला के बिछुड़ने का ग़म, पर लक्ष्य से न डिगेंगे हम

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : भोला की मौत की दर्दनाक घटना ने दु:ख तो बहुत दिया, पावन माहौल को मातमी भी कर दिया, लेकिन लोग अपने लक्ष्य से डिगे नहीं हैं। ग़मज़दा ग्रामीणों के बुलंद जज़्बे की बदौलत कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में मंगलवार को लगातार 43वें दिन भी राम धुन जारी रही।

गौरतलब है कि गांव में मुख्यमंत्री को बुलाने के उद्देश्य के साथ यहां बीती 9 अक्टूबर से राम धुन के पाठ का आरंभ हुआ था। इतने दिन बीतने पर भी मुख्यमंत्री नहीं आये, इस सदमे से रविवार रात यहां के निवासी भोला ने दम तोड़ दिया। हालांकि गमज़दा माहौल में ही सही, लेकिन राम धुन लगातार जारी है। गांव के उम्मेद सिंह, अरिमर्दन सिंह, विकास शिवहरे, सुदामा सिंह, राजेश यादव,जग्गू सिंह, राजेन्द्र सिंह, राजा गुप्ता, मोहन लाल, शिवम सिंह आदि का कहना है कि भोला ने साथ छोड़ दिया पर उसके जाने के बाद तो और भी तमाम भोला सामने आ गए हैं। गांव के विकास के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर भोला ने इतिहास बनाया है। उसका साथ छोड़ना व्यर्थ नही जाएगा। उसके साथ देखे गए सपने सभी गांव के लोग पूरा करेंगे। इसकी का परिणाम है कि 43 दिन बीत गए, लेकिन राम नाम का अखंड जाप लगातार जारी है।

गांव के लोग अब एकमत हैं कि जब तक मुख्यमंत्री गांव में आकर खुद यज्ञ में अपने हाथों आहुतियां न डाल दें राम राम यज्ञ अनवरत जारी रहेगा। गांव में देर शाम पहुंचे कांग्रेसी नेता युगराज भदौरिया ने भोला के घर जाकर विपन्नता की तस्वीर देखकर कहा कि उन्होंने कभी सोचा न था कि इस आधुनिक युग में लोग ऐसे भी रहते हैं। भोला के जाने के बाद अब तो उसके घर की हालत और भी ज्यादा खराब हो गई है। निराशाजनक बात यह है कि अभी तक प्रशासन की तरफ से एक भी मदद नहीं मिली। यह निराशाजनक है।

उन्होंने कहा कि वह बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, प्रदीप जैन 'आदित्य', उप्र कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री को पत्र लिखकर यहां के हालात के साथ पिछले 43 दिन से चल रही राम धुन के बारे में जानकारी देंगे व यहां आकर वास्तविकता देखने का निवेदन करेंगे।

क्या राम राम करते लखनऊ जायें?

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि: अभी लोकसभा के चुनाव के लिए घोषित प्रत्याशी को अंतिम न माने, समीक्षा के बाद प्रत्याशी बदला जा सकता है। मिशन 2014 के लिए सपा को केवल जिताऊ प्रत्याशी ही मैदान में उतारने हैं। यह बातें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डा. राम आसरे सिंह कुशवाहा ने सपा ब्राहमण सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए कहीं।

उन्होंने कहा कि वैसे तो वह कुशवाहा शाक्य, मौर्य सम्मेलन में न्यूरिया व विवांर गांव में आए थे। लेकिन पत्रकारों से बात करना जरूरी था। उन्होंने कहा कि अगर कैथी के लोग चाहें तो वह बतौर प्रतिनिधि मंडल लखनऊ आ जाएं तो वह मुख्यमंत्री से बात करा सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री से खुद भी बात कर वहां पर आने की बात कही।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एफडीआई बिल लाने वाली है। अगर यह जनहित में न हुआ और किसान विरोधी हुआ तो सपा इस बिल का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसी दल विशेष से नही है बल्कि विचारों की लड़ाई है। पत्रकारों द्वारा टेक्निकल विद्यालय खोलने के सवाल पर उन्होंने सांसद जिताकर भेजने की शर्त रखी।

इस दौरान जिलाध्यक्ष ज्ञान सिंह यादव व जिला सचिव शिव प्रसाद कुशवाहा आदि लोग मौजूद रहे। इसके पूर्व श्री कुशवाहा के जिला आगमन पर जिलाध्यक्ष समेत तमाम सपाईयों ने यमुना पुल पर स्वागत कर माल्यार्पण किया।

राम का भजन यानि परमात्मा का चिंतन

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : कैथी गांव में सोमवार को अजीब दृश्य था। प्रतिदिन प्रफुल्लित होकर राम भजने वाले ग्रामीण सुबह से दु:खी थे। शिव मंदिर पर राम धुन करने पहुंचे लोग सिसकियों के साथ भगवान का नाम ले रहे थे। हर एक सांस में दिवंगत ग्रामीण भोला के लिए आह निकल रही थी।

गांव में राम धुन सोमवार को लगातार 42वें दिन भी जारी रही, लेकिन भोला की मौत के कारण उसमें लगे ग्रामीणों में खुशी की स्थान पर दु:ख झलक रहा था। गांव के उम्मेद सिंह, विकास शिवहरे, सुदामा सिंह, सुभाष, राजा भइया, दृगविजय, बल्लू, रामदास निषाद, बालेन्द्र सिंह, जयराम सिंह, हरीकृष्ण यादव, छोटे खां, राम प्रकाश गुप्ता आदि ने कहा कि शायद भगवान की यही मर्जी थी। आज नही तो कल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गांव में आएंगे और यहां पर भी विकास की गंगा बहेगी। लेकिन बीच मझधार में भोला ने साथ छोड़ दिया। बताया कि दिन में भोला सिलाई का काम करता था और रात में दो बजे प्रतिदिन राम राम करने की अपनी 'ड्यूटी' पर मुस्तैदी से आ जाते थे। विधायक साध्वी निरंजन ज्योति भी मौके पर पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में गांव में चल रहे इस अनोखे राम नाम संकीर्तन महायज्ञ की जानकारी दी है।

हम तो हमारे राम जी के, राम जी हमारे हैं

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम नाम के आसरे पिछले 41 दिनों से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को गांव में बुलाने की आशा में बैठे भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव के बाशिंदों को रात में प्रारंभ हो चुकी तेज ठंड हौसला डिगा नहीं पा रही है। आश्चर्य की बात यह है कि दिन से ज्यादा लोग राम का नाम लेने रात में जुट रहे हैं। ग्राम प्रधान के साथ ही गांव के लोग अलाव की व्यवस्था के साथ दो तीन बार चाय की भी व्यवस्था कर रहे हैं।

भरुआ सुमेरपुर क्षेत्र के कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में रविवार को लगातार 41वें दिन भी राम धुन जारी रही। गांव की महिलाएं जहां इस अनोखे आंदोलन से उत्साहित हैं वहीं गांव का बच्चा बच्चा इस समय राम का नाम बोलता दिखाई दे रहा है। तभी तो इतने दिन बीतने के बाद गांव का हर बच्चा दूसरे बच्चे से कहता है, 'राम जी करेंगे बेड़ा पार उदासी मन काहे को डरे।' उधर गांव के बुजुर्गो ने बच्चों को हनुमान चालीसा व राम चालीसा के बारे में भी बताना प्रारंभ कर दिया है। गांव के कई लोग हनुमान बाहुक, शिव चालीसा का पाठ भी करते दिखाई देते हैं। उधर मस्जिद में भी मुसलमान भाई नमाज के बाद शुक्राना की नमाज के बाद गांव में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जल्द आने की दुआ मांगते हैं। इसके साथ ही मुसलमान भाई मंदिर में बैठकर प्रतिदिन राम का नाम भी रोज लेते दिखाई देते हैं। उम्मेद सिंह, विकास शिवहरे, अरिमर्दन सिंह, खुशी राम आदि कहते हैं कि भइया वक्त कितना लग जाए पर जब तक मुख्यमंत्री गांव में नही आएंगे तब तक राम धुन अनवरत जारी रहेगी।

विकास के यज्ञ में प्राणों की आहुति

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : भरुआ सुमेरपुर क्षेत्र के कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में क्षेत्रीय जन समस्याओं के विरोध में राम धुन के रूप में शुरू हुए अनूठे लेकिन पावन आंदोलन में स्याह रंग लग गया। गत 41 दिन से लगातार जारी राम धुन में लीन रहे एक ग्रामीण की गत रात्रि मृत्यु हो गयी। बताते हैं कि वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव में न आने से क्षुब्ध था और शाम से ही 'इतने दिन बीत गये इंतजार करते हुए, लेकिन अखिलेश नहीं आए, अखिलेश नहीं आए..' कह रहा था। रात में सीने में दर्द होने के बाद उसके प्राण निकल गये। अंदेशा है कि हृदयाघात से उसकी मौत हुई।

जानकारी के मुताबिक भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव निवासी भोला अपनी पत्नी मुन्नी देवी व पांच बच्चों के साथ रहते थे। परिवार का पेट पालने के लिए वह दर्जीगिरी करते थे। उनकी एक बेटी विवाह योग्य और बाकी नाबालिग हैं। क्षेत्रीय जन समस्याओं को लेकर गांव के प्राचीन शिव मंदिर में गत 9 अक्टूबर से चल रही राम धुन में वह भी सहभाग कर रहा था। इस आंदोलन का उद्देश्य सूबे के मुखिया अखिलेश यादव को गांव बुलाना बन चुका है। यहां अनवरत राम धुन के लिए कुछ घंटों की पाली की व्यवस्था की गयी है। रविवार देर शाम से वह लोगों से कहते घूम रहे थे कि, 'इतने दिन बीत गए। गांधी राम भजन कर अंग्रेजों को झुका लेते थे पर लगता है कि हमारे द्वारा चुनी गई सरकार के मुख्यमंत्री के कानों तक गुहार नहीं पहुंच रही है।' भोला राम धुन करने रविवार रात 2 बजे की पाली में भी आए। घंटा भर बाद लगभग 3 बजे उनके सीने में अचानक दर्द उठा और बोले कि, 'दिल घबरा रहा है। जल्दी घर ले चलो।'

राम धुन में लगे विकास शिवहरे व जीतेन्द्र सिंह उन्हें घर लेकर जा रहे थे तभी वह तीन-चार बार बोले कि, 'लगता है मुख्यमंत्री आएंगे नहीं।' दोनों लोग उनको घर पहुंचकर वापस रामधुन स्थल शिव जी के मंदिर में आ गए। थोड़ी देर बाद खबर आई कि भोला के सांसों की डोर टूट गई है। इसके बाद कोहराम मच गया। ग्रामीण भोला के घर दौड़ पड़े। भोला की पत्‍‌नी मुन्नी देवी ने कहा कि उनकी संतानें अनाथ हो गए। ग्रामीणों ने पुरोहितों की सलाह पर सोमवार दोपहर 2 बजे के बाद केवन नदी के गढ़ा घाट में जल दाह कर दिया। भोला की मौत से गांव में मातम का माहौल है।

'राजनाथ आयेंगे, होगा बड़ा आंदोलन'

दोपहर बाद गांव पहुंचीं विधायक साध्वी निरंजन ज्योति ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भोला गांव के विकास के नाम पर शहीद हुए हैं। उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने लोगों को सांत्वना देते हुए तेरहवीं में आर्थिक मदद देने का आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही गांव में भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह आएंगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता युगराज सिंह ने कहा कि उन्हें भोला की मौत का दु:ख है। वह मंगलवार को गांव में जाकर हालत देखेंगे और फिर वरिष्ठ नेताओं से बात करेंगे। अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने गांव में टीम भेज दी है। रिपोर्ट मिलने पर पीड़ित परिवार की मदद की जाएगी।

राम के आसरे ही चल रही है राम धुन

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : न किसी से गिला है न किसी से शिकवा। जब हमारा भाग्य ही हमसे रूठा है तो हम किसे दोष दें?.. कुछ इस तरह के शब्द निकलते हैं भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव के निवासियों के।

गांव के लोग बिगड़ी नियति का सहारा हरि हर को मानकर उन्हीं का नाम लेने बैठने के बाद अब साफ शब्दों में कहते हैं कि हमें किसी से कोई दिक्कत नहीं। सरकार के द्वारा चलाई जाने वाली कल्याणकारी योजनाएं हमारे पास पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देती हैं। आखिर आजाद भारत में ऐसा क्यों होता है। शिक्षा के लिए कक्षा पांच से ज्यादा का स्कूल नही, लिहाजा बच्चों को या तो बाहर भेजो या फिर घर में बैठाकर बखर हंकवाओ। खैर आज नही तो कल भगवान को भी सुधि आएगी ही और विकास की रोशनी गांव में आएगी। तब शायद हमारा भाग्य सुधरे। वैसे गांव में चल रही अखंड राम धुन को शुक्रवार को 39 दिन बीत गए हैं, और इससे गांव के माहौल में आशातीत परिवर्तन हुआ है। कल तक नशे की गिरफ्त में रहने वाले युवा आज राम नाम का तप करते सड़कों व गलियों पर दिखते हैं।

ग्राम प्रधान वासुदेव निषाद, उम्मेद सिंह, अरिमर्दन सिंह, विकास शिवहरे, रामवती, मौजी लाल, शिव मूरत, राम लाल आदि कहते हैं कि भइया राम जी के सहारे हम बैठे हैं और उसी राम की पूजा तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी करते हैं अब उनको कब इस गांव की याद आएगी। यह तो वही जानते हैं पर इतना साफ है कि आज नही तो कल वह यहां पर आएंगे और राम नाम यज्ञ में भाग लेकर कृतार्थ करेंगे।

मंजि़ल की ओर बढ़ रहे हैं अनथके कदम

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : नवरात्रि बीती, दशहरा गया, दीपावली भी निकल गई, पर पता नही कब चेतेंगे हुक्मरान? जी हां, अब इसी तरह की बातें न केवल मौहर व अन्य आसपास के गांवों के लोगों के मुंह से निकल रही हैं बल्कि भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव में राम धुन करने वालों के पास आसपास के दर्जनों गांवों के लोग हौसला बढ़ाने प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। कैथी गाँव के प्राचीन शिव मंदिर में राम धुन बृहस्पतिवार को भैया दूज पर लगातार 38वें दिन भी जारी रही।

मौहर गांव के श्याम हो फिर भरुआ सुमेरपुर के भवानी प्रसाद सभी के मुंह से इस हिदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक राम नाम उच्चारण महायज्ञ के प्रति साधुवाद ही निकलता है। गंभीर बात यह है कि जहां गांवों के आम लोग कैथी के लोगों की तारीफ करते नहीं अघाते वहीं हुक्मरानों व नौकरशाहों को कोसने का भी काम करते हैं। लोगों में सबसे ज्यादा गुस्सा बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर है। गांवों के लोग कहते हैं कि जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने तेजी दिखाकर निर्देश दिए और सबसे बढि़या काम स्वास्थ्य विभाग ने किया वहीं सेतु निर्माण निगम व बिजली विभाग के अधिकारी तो पता नही किस मिट्टी के बने हैं। भगवान राम का भजन कर रहे कैथी में तो अब राम राज्य के दर्शन हो रहे हैं यहां के लोगों के अहिंसक अनोखे आंदोलन से बाकी लोगों को सबक लेना चाहिए। लेकिन दीपावली के पहले गांव में बिजली जला कर देने वाली बात करने वाले अधिकारी पता नही किस मिट्टी के बने हैं जो इनके कान में जूं नही रेंग रही है। ग्राम प्रधान वासुदेव निषाद कहते हैं केवल राम राम के सहारे नैया पार हो जाएगी। सर्दी, गर्मी व बरसात की परवाह नही है, बस हमें अपनी मंजिल यानि अखिलेश भैया का इंतजार है।

अब माला फेरकर राम नाम का जप

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : न कोई रंज है न ही कोई शिकवा, राम के सहारे बस गांव की समस्याओं के निदान की आस है। भरुआ सुमेरपुर ब्लॉक के कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में जहां मंगलवार को दीपावली पर्व पर लगातार 36वें दिन राम का नाम लेकर एक ओर हिंदू और मुसलमान राम का नाम लेने में डटे रहे, वहीं घास-फूस की कुटी में पांच लोगों ने पूरे विधि-विधान के साथ राम नाम का जप प्रारंभ कर दिया है।

मंगलवार की सुबह दीपावली के पुण्य मुहूर्त में ग्रामीणों ने यज्ञ वेदी का विधिवत पूजन कर भगवान राम का नाम लेकर राम नाम का जप माला के सहारे प्रारंभ कर दिया। इस दौरान प्रधान वासुदेव निषाद ने बताया कि वह पुराने शिव मंदिर में राम नाम का सुमिरन करते 35 दिन बीत गए, गांव वालों में भगवान का नाम सुमिरन करने के लिए और भी ज्यादा उत्साह को देखते हुए सामने के मैदान को साफ कराकर उसमें कांसे की कुटिया के साथ यज्ञवेदी का निर्माण करा दिया गया है। इस यज्ञ वेदी में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा हवन करने के बाद ही यज्ञ की पूर्णाहुति होगी। पांच लोग हर समय यहां पर राम नाम का माला फेरने का काम करेंगे। इसके साथ ही मंदिर में भी राम नाम का जप चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि पांच पांच लोगों की ड्यूटी इस काम में लगाई गई है। सभी लोग प्रसन्नचित मन से इस काम में सहभाग कर रहे हैं।

गांव के उम्मेद सिंह, अरिमर्दन सिंह, विकास शिवहरे आदि ने बताया कि अब तो सीधे तौर पर राम जी से यही विनती है कि वह हनुमान जी को भेजकर हमारी समस्याओं का निदान करें। गांव में 10 से 15 परिवार मुसलमानों के रहते हैं और वह भी इस महायज्ञ में पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं।

अब कैथी में होगा राम नाम का दूसरा आंदोलन

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : अभी तक तो केवल माइक लगाकर ऊँचे स्वर में ही राम नाम का संकीर्तन करने का काम कैथी में चल रहा था पर दीपावली के दिन श्री गणेश मां लक्ष्मी के पूजन के पहले राम नाम के जप का भी आंदोलन प्रारंभ हो गया। रणनीति पूरी फाइनल हो चुकी है, बस चार चार घंटे की डयूटी कर राम नाम की माला फेरने वालों के नाम फाइनल करना बांकी है।

अब तो इस अनोखे आंदोलन में व्यवस्था देख रहे लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि नाम ज्यादा है और समय कम तो कैसे सभी के हाथों में माला देकर राम नाम का जाप करवाया जाए।

राम धुन के आसरे समस्याओं से समाधान की ओर बढ़ते भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव में लोगों को शिव मंदिर के ओसारे पर बैठे रविवार को 34 दिन बीत गए। इधर तो राम धुन में ग्रामीणों के साथ ही बाहर से आने वालों की तादाद को देखते हुए मंदिर में समुचित प्रबंध किए गए हैं। इसके साथ ही ग्राम प्रधान के नेतृत्व में लोगों ने मंदिर के सामने की जमीन को साफ कर एक कांसे की कुटिया का निर्माण करने के साथ ही यहां पर एक यज्ञ वेदी का निर्माण किया है।

ग्रामीणों की मानें तो दीपावली की दोपहर बाद यहां पर संकीर्तन के साथ ही कुटिया के अंदर पांच भक्त राम नाम माला फेरने का आंदोलन प्रारंभ कर देंगे। इसके लिए पांच पांच लोगों की चार चार घंटे की डयूटी लगाई जाएगी। ग्राम प्रधान वासुदेव निषाद कहते हैं कि वह खुद इस बात को लेकर आश्चर्यचकित हैं कि गांव के लोग माला फेरने के लिए अति उत्साह दिखा रहे हैं। अभी तक सैकड़ों लोग इस काम के लिए अपनी सहभागिता दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली के बाद तो रामधुन में और भी ज्यादा लोगों की सहभागिता हो जाएगी क्योंकि उस समय तक खेती किसानी का समय खत्म हो जाएगा और घरों में चल रही लिपाई और पुताई का काम भी समाप्त हो चुका होगा।

द्वापरकाल से जारी है अनूठी परंपरा 'दीवारी'

संदीप रिछारिया, हमीरपुर

'सावन सजी कजिलिया, भादौं सजी पुछार, कातिक सजै मौनिया, धरे गऊ की पूंछ..' इस तरह की कूंकियों वाली आवाजें जिले के हर गांव व पुरवों में सुनाई दे रही हैं। भादौं की पंचमी को नैकेश्वर बाबा की पूजा व दशहरे की रात लाठियों को पूजने के बाद अब रातों रात दीवारी खेलकर मौनिये तैयार हो रहे हैं। श्री चित्रकूट धाम में बाबा कामतानाथ के दरवाजे हाजिरी लगाने के बाद फिर यह शहर और गांव की गलियों में अपना उल्लास भरा हुड़दंग बिखेरते खिचड़ी तक दिखेंगे।

कहते हैं कि द्वापर में कालिया के मर्दन के बाद ग्वालों ने श्री कृष्ण का असली रूप देख लिया था। श्री कृष्ण ने उन्हें गीता का ज्ञान भी छुटपन में दे दिया था। गो पालकों को दिया गया ज्ञान वास्तव में गाय की सेवा के साथ शरीर को मजबूत करना था। श्री कृष्ण ने उन्हें समझाया कि इस लोक व उस लोक को तारने वाली गाय माता की सेवा से न केवल दुख दूर होते हैं बल्कि आर्थिक सम्बृद्धि का आधार भी यही है। इसमें गाय को 13 वर्ष तक मौन चराने की परंपरा है। आज भी यादव (अहीर) और पाल (गड़रिया) जाति के लोग गाय को न सिर्फ मौन चराने का काम करते हैं, बल्कि दीवारी भी खूब खेलते हैं।

लोकध्वनि के सचिव डॉ. राम भजन सिंह कहते हैं कि बुंदेली लोकसंगीत का नायाब नमूना है दीवारी नृत्य और गायन। वैसे आज हमारी दीवारी भाषा और रागों की सीमा से परे होकर देश और विदेश में विचरण कर रही है। लेकिन सच्चाई यह है कि भले ही बुंदेली जन राम के उपासक हों पर वास्तव में वैष्णव भक्ति की दूसरी धारा कृष्ण की भक्ति यहां गांव- गांव में बहती है। इसका परिणाम है कि बुंदेलखंड के हर गांव में दीवारी की कम से कम एक टीम जरूर मिल जाती है। वह कहते हैं कि दीवारी के नृत्य में पैरों व कमर में बंधे घुंघरुओं की रुनझुन के साथ लाठियों की लड़ाई में शरीर में लोच, फुर्ती और चतुराई को बढ़ाती है वही इसका गायन चेहरे के ओज की वृद्धि करने वाला है।

सहज किनारा मिलेगा जरूर

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : कैथी गांव के लोगों को राम का नाम लेते शनिवार को 33 दिन बीत गये हैं, लेकिन लोगों को उम्मीद है कि सहज किनारा जरूर मिल जाएगा। सूबे के मुखिया अखिलेश सिंह यादव गांव में जरूर आकर न केवल दस मिनट राम राम करेंगे बल्कि यज्ञवेदी में आहुतियां भी डालकर रामधुन को विश्राम देंगे।

गांव के प्राचीन शिव मंदिर समेत आस-पास राम धुन में मगन ग्रामीणों की चर्चा के स्वर बदल चुके हैं। राममय वातावरण में लोग आत्मविश्वास से लबरेज हैं। दीपावली के दिन से मंदिर के सामने के मैदान में कांसे की कुटिया पर पांच भक्त राम नाम की माला फेरेंगे। साथ ही बगल में हवन वेदिका बनाई जा रही है, जिसमें मुख्यमंत्री हवन करेंगे। तभी इस राम नाम यज्ञ की पूर्णाहुति होगी।

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'भैया, राम धुन से गांव पवित्र हो गया है। यहां लोग आपस में प्रेम करना सीख गए हैं। बड़ों का आदर, छोटो को प्यार और आपसी सहकार की भावना लोगों में पनपी है, वह आनंदित करती है। मैं भी रात में 8 बजे से लेकर 2 बजे तक रामधुन में शामिल होकर सबका उत्साह बढ़ाता हूँ।'

- वासदेव निषाद, ग्राम प्रधान

भटककर आये उड़नखटोले से ग्रामीणों में बढ़ा उत्साह

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : गांव की समस्याओं के निजात दिलाने के लिए राम से विनती कर रहे ग्रामीणों का उत्साह उस समय चरम पर पहुंच गया जब कैथी गांव के ऊपर से उड़ता हुआ एक हेलीकाप्टर निकला। सुखद बात यह रही कि इस हेलीकाप्टर ने कैथी गांव के उस मंदिर के ऊपर भी चक्कर मारा जहां पर रामधुन पिछले 32 दिनों से गायी जा रही है।

आसमान में दूर से आते हेलीकाप्टर को देखकर कैथी ही क्या आसपास के मउहर व अन्य गांवों में उत्साह छा गया। दस मिनट के अंदर ही रामधुन स्थल पर हजारों लोग जमा होकर जय श्री राम के जयकारे लगाने लगे। अचानक बदले माहौल से वहां पर राम धुन गा रहे लोग भी आनंदित हो सठे। फिर क्या था जवाबी जय श्री राम गूंज उठा। ग्रामीणों को लगा कि हेलीकाप्टर में मुख्यमंत्री आए हैं। लगभग आधे घंटे के बाद जब पूरी तस्वीर साफ हुई तो समझ में आया कि यह हेलीकाप्टर कहीं से भटक कर आ गया था।

फिलहाल गांव के उम्मेद सिंह, अरिमर्दन सिंह, विकास शिवहरे आदि ने कहा कि आज भले ही हेलीकाप्टर भटक कर आया है पर राम जी के प्रताप से वह दिन भी दूर नही जब हेलीकाप्टर पर बैठकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गांव में आएंगे और राम राम के चार बोल बोलकर आनंदित करेंगे।

फिलहाल इस घटना के बाद न केवल कैथी के निवासी बल्कि भरुआसुमेरपुर व मौदहा के निवासियों के साथ जिले में इस बात की चर्चा सुनाई दे रही है कि दीपावली के बाद किसी भी दिन मुख्यमंत्री कैथी आ सकते हैं।

समस्याओं को भुला माहौल हुआ राममय

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : कहते हैं कि जहां अनवरत राम का नाम गूंजता है, वहां अशांति समाप्त हो जाती है। भरुआ सुमेरपुर क्षेत्र के कैथी ग्राम में शिव मंदिर आइये, अपने आप अनुभव हो जाएगा कि राम के नाम के उच्चारण करने मात्र से प्रभाव क्या होते हैं।

यहां के शिव मंदिर के ओसारे पर बैठकर भक्तों को राम के नाम को गाते गुरुवार को 31 दिन पूरे हो गए, लेकिन 'राम काज कीन्हे बिनु, मोहि कहां विश्राम..' की तर्ज पर गांव के लोग राम का नाम लेने में जुटे हुए हैं। आश्चर्यजनक बात यह है कि पिछले इकतीस दिनों से गांव में किसी से किसी की तू तू मै मैं भी नही हुई। इतना ही नही गांव में बनी अस्थाई चौकी के सिपाही भी दिन में कई बार मंदिर में बैठकर राम नाम संकीर्तन कर रहे हैं।

गांव के महेन्द्र सिंह, बालेन्द्र सिंह, शिव विशाल सिंह, पहलवान सिंह कहते हैं कि राम के नाम के आसरे इतने दिन लड़ाई लड़ी है। आजादी के बाद मूलभूत सुविधाओं को पाने की जद्दोजहद में अधिकारियों और नेताओं के इतने ज्यादा चक्कर लगाए कि हम लोग खुद ही घनचक्कर बन गए। कितना पैसा और समय बर्बाद हुआ इसकी कोई गिनती नही। अब क्या किया जाता। जब कोई सुनने वाला नहीं और गाल बजाने को सब तैयार हैं तो फिर दाता से ही मांग करनी उचित समझी गई। गांव में शिव मंदिर में राम का नाम लेने बैठ गए और आज इकतीस दिन हो गए हैं। मुख्यमंत्री के आए बिना यह राम नाम यज्ञ बंद नही होगा।

वैसे अभी तक के बिजली के काम को देखकर लग रहा है कि जल्द ही गांव के अंदर बिजली का करंट दौड़ेगा। नदी के दूसरे पाट तक खंभे गड़ने के साथ ही बिजली की तार दौड़ गई है। साथ ही गांव में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने भी काम जारी रखा।

रामहिं केवल प्रेम पियारा, सुमिर सुमिर नर उतरहिं पारा

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : समस्याओं से निदान के लिए अनूठा आंदोलन कर रहे भरुआ सुमेरपुर ब्लॉक के कैथी गांव में राम नाम का जप करते बुधवार को तीस दिन हो गए। गांव में बिजली कब आएगी, सड़क कब बनेगी इस बात से बेपरवाह कैथी के ग्रामीण इस समय केवल एक ही चिंता में दिखते हैं और वह है अनवरत राम का नाम कैसे लें!

भले ही गांव में गुंजायमान हो रही रामधुन को एक महीना बीत चुका हो पर गांव के लोग कहते हैं कि भइया हमें तो ऐसा लगता है कि हमने कल ही राम का नाम लेना प्रारंभ किया है।

गांव के उम्मेद सिंह हों या विकास शिवहरे कहते हैं 'जिंदगी जब तक रहेगी, फुरसत न होगी काम से कुछ समय ऐसा निकालो, प्रेम कर लो श्री राम से' जब यह बात बुजुर्ग कह गए हैं और राम जी ने ही हमें यह सौभाग्य दे दिया है तो फिर हम क्यों चूकें।

गांव के अरिमर्दन सिंह,खुशी राम, राजेन्द्र सिंह, राम पाल, पहलवान, शरीफ खान, शकीर खान, मुसीबत खां, कमला कुशवाहा, रानी यादव, वंदना, भुलिया, साधना सिंह, छेदी वर्मा कहते हैं कि भइया हमारे गांव के तो भाग्य खुल गए। शंकर जी के मंदिर में चल रही राम धुन को एक महीना बीत गया और पता नही चला। शायद ही ऐसा अनुष्ठान किसी और गांव के लोगों ने अपनी समस्याओं से निजात पाने के लिए किया हो। हम तो इस आंदोलन से काफी प्रसन्न है। अब जब तक हमारे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हमारे पास आकर मंदिर में बैठकर राम राम नही करते यह राम नाम महायज्ञ अनवरत जारी रहेगी।

उधर अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि गांव का एएनएम सेंटर खुल रहा है। रंगाई पुताई भी करा दी गई है। स्कूल के सर्वे की रिपोर्ट आ गई है। जल्द ही प्रस्ताव बनाकर अतिरिक्त कक्ष बनाया जाएगा। इसके साथ ही गांव में बिजली दीपावली के पहले जलेगी। वैसे अभी तक दो रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी सेतु निर्माण निगम की तरफ से कोई जवाब नही आया है। उच्चाधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। एसडीएम आईएएस आशुतोष निरंजन ने कहा कि वह खुद भी सेतु निर्माण निगम के अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान करने का प्रयास करेंगे।

श्री राम राम के उद्घोष से मंगलित होता कैथी

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम के नाम का प्रभाव केवल कैथी ही नहीं, अपितु आस-पास के क्षेत्र में भी दिख रहा है। पिछले महीने जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों को ज्ञापन देकर सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करने वाले गांव कैथी के लोगों ने केवल तीन दिन में ही शत प्रतिशत बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिला डाली। राम के प्रभाव में आए इस गांव के लोग अब न केवल सरकार की चलाई जाने वाली योजनाओं के प्रति जागरुक दिखाई देते हैं बल्कि अब नए नियम और कानूनों के प्रति भी जानकारी कर रहे हैं।

मंगलवार को 29वें दिन भी कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर पर राम के नाम का उच्चारण जारी रहा। महिला-पुरुष और हिंदू-मुस्लिम सभी 'श्री राम जय राम जय जय राम' का संगीतमय उच्चारण करने के काम में लगे दिखाई दे रहे थे। मुख्यमंत्री के आगमन के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके कैथी गांव में लोग इस समय इतने प्रसन्न दिखाई देते हैं कि वह अब अपनी दिक्कतों के बारे में बात नही करते। कहते हैं कि भइया राम जी की कृपा से तो सब काम हो रहे हैं। जब हमने अपनी पूरी चिंताएं राम जी को सौंप दी हैं तो फिर हमें किस बात की चिंता।

गांव के सतीश चंद्र शिवहरे, लाल जी पाल, राम भवन, राम बिलास सिंह, अशोक खरे, शरीफ खान, शकीर खान, जसवंत सिंह आदि कहते हैं कि अब तो गांव में एएनएम आ गई हैं। गांव की महिलाएं दिन भर उनके पास जाकर अपनी समस्याओं के बारे में बातें करती हैं। वह उन्हें दवाएं देती हैं। इसके साथ ही गांव की आशा और आंगनबाड़ी भी बच्चों को न केवल पल्स पोलियो पिलाने में बल्कि अन्य टीका लगवाने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी जानवर बंधा करते थे अब वहां पर रंगाई-पुताई के बाद दवाएं मिल रही हैं। इससे ज्यादा बढ़कर खुशी की हमारे लिए दूसरी क्या बात हो सकती है।

विश्वास फलीभूत होने से बढ़ रहा उत्साह

हमीरपुर कार्यालय : इसे राम नाम की माया कहे या विश्वास का फल जिसे जप कर मानव भव सागर पार उतर जाता है। वही राम नाम कैथी के लोगों का सहारा बना हुआ है। स्वास्थ्य एवं बिजली विभाग जहां अपने काम को अंजाम दे रहे हैं वहीं विधायक का साथ भी लोगों में विश्वास पैदा कर रहा है।

भरुआ सुमेरपुर क्षेत्र के कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में सोमवार को लगातार 28वें दिन रामधुन व आरती प्रसाद का सिलसिला जारी है। खेतों पर काम करने के बाद आसपास के गांवों के किसान मंदिर में एकत्र हो जाते हैं जिससे संख्या भी सैकड़ा पार करने लगी हैं। विद्युत विभाग का काम तार व खंभों का नदी किनारे तक लग पहुंच चुका है। नदी के आरपार तार लोहे के खंभों के लगाने की बावत ग्रामीणों ने विधायक साध्वी निरंजन ज्योति को बताया कि सीमेंट के खंभे जल्द टूट जाते हैं, यदि लोहे के खंभे लगा दिए जाएं तो तारों का भार भी सहन कर सकेंगे व टिकाऊ रहेंगे। साध्वी ने अधिशासी अभियंता हमीरपुर को फोन कर लोहे के खंभों के संबंध में बात की जिस पर उन्होंने जो खंभे उपलब्ध हैं लगवाने व बाकी उपलब्ध हो जाने पर बदलवाने का आश्वासन उन्हें दिया। जिससे ग्रामीणों का उत्साह चरम पर पहुंच चुका है।

चमकाया जा रहा है एएनएम सेंटर

स्वास्थ्य विभाग द्वारा एएनएम की नियुक्ति होने के बाद से सैकड़ों मरीजों ने सेंटर पर दवा आदि प्राप्त की। पल्स पोलियो अभियान अंतर्गत दवा पिलाने का क्रम बराबर जारी रहा। ग्रामीण राम सजीवन ने बताया इससे पहले बच्चों को पोलियो की दवा ही नहीं पिलाई गई। सेंटर की रंगाई पुताई के चलते ग्रामीण खुश हो बड़े उत्साह से अपने मुख्यमंत्री का इंतजार कर रहे हैं।

राम जी करेंगे बेड़ा पार, उदासी मन काहे डरे

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी गांव के शिव मंदिर में लगातार 26वें दिन जारी रही राम धुन

- सीएम के आने की चाह, जुड़ते जा रहे लोग और बढ़ रहा उत्साह

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहां विश्राम.. कहते हैं श्रीराम की कथा हो या फिर रामधुन गाई जाए इस तरह की सभी जगहों पर महाबीर अपने आप मौजूद रहते हैं। रामधुन की कुछ ऐसी ही लगन कैथी के निवासियों पर अब देखी जा रही है। उनका उत्साह न केवल रामधुन के लिए तेज हो चुका है बल्कि अब तो वह अपने मुख्यमंत्री के आगमन की प्रतीक्षा में गांव सजाने के काम को जल्द पूरा कर लेना चाहते हैं। इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामशरण मिश्र ने शनिवार को खुद ही गांव का निरीक्षण किया और यहां स्वास्थ्य सेवाएं न होने की कमी स्वीकारी। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने का भरोसा दिलाया।

कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में शनिवार को लगातार 26वें दिन राम नाम का जाप व भजन जारी रहे। गांव के चौबारों के साथ ही निकास व अन्य स्थानों पर श्री राम चरित मानस की चौपाइयों व ध्वजों को लगाने का काम तो लगभग पूरा चला है जबकि मुख्यमंत्री के स्वागत व पूजा हवन करने के लिए चबूतरा, घास की कुटिया व हवन बेदिका का निर्माण के काम को अंतिम रूप देने में लोग जुटे हुए हैं।

गांव के उम्मेद सिंह कहते हैं कि कौन सो काम कठिन जग माही जो नही होय तात तुम पाहीं. कहते हैं कि राम के भक्त हनुमान तो हमारे सदा से सहायक हैं। फिर हमने रामधुन भी तो भगवान शिव के मंदिर पर रखा है। भगवान शिव का ग्यारहवां रूद्र बजरंग बली को माना जाता है। ऐसे में हमारे रामनाम महायज्ञ की पूर्णाहुति शानदार होना तय है। आसपास के गांवों से आने वाले विभिन्न धर्मो के लोग आज भी उत्साह बढ़ाने भारी संख्या में आए।

इधर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामशरण मिश्र ने कहा कि गांव में पहले से ही एक एएनएम की तैनाती कर दी गई है। वह खुद ही वहां की व्यवस्थाओं की जांच करने के लिए रविवार को कैथी पहुंचेंगे।

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''इतने अच्छे लोगों के गांव में स्वास्थ्य सेवाएं न दे पाना वाकई समस्या है। केवल गांव बीहड़ में होने के कारण ऐसा हुआ है। एक एएनएम की पोस्टिंग कर दी गई है। हफ्ते में एक दिन चिकित्सक भी गांव में मौजूद रहेंगे। इसके साथ एक मेल वर्कर को भी गांव में लगाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी एएनएम केंद्र में बैठकर लोगों को उचित सलाह देना होगा। इसके साथ ही गांव केंद्र में रंगाई और पुताई के लिए आदेश कर दिए गए हैं।''

- डॉ. रामशरण मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी, हमीरपुर

राम जी की कृपा से हो रहे सब काम

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी के शिव मंदिर में लगातार 27वें दिन जारी रही राम धुन

- बिजली विभाग ने दोबारा शुरू किया काम, गड़ने लगे पोल

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम का नाम तो पहले ही जुबां पर आया था, पर उसकी तासीर में कुछ अकुलाहट थी लेकिन अब जो राम का नाम निकलता है तो उसमें खिलखिलाहट है। प्रसन्नता तो जैसे गांव के हर शक्स के चेहरे पर दिखाई देती है। जिससे भी बात करो हर एक के मुंह से निकलता है कि भइया राम जी की कृपा से सब काम हो रहा है। सब वही करा भी रहे हैं हम तो केवल राम नाम संकीर्तन का आनंद उठा रहे हैं।

भरूआसुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में रविवार को लगातार 27वें दिन भी रामनाम का संकीर्तन चलता रहा। लगभग पांच लोगों का समूह राम नाम का गान करने में जुटा रहा। यहां पर न तो जाति का भेद है, न ही धार्मिक आधार पर कोई दिक्कत। हिंदू हो या मुसलमान राम का नाम सबकी जुबां पर है। हर एक व्यक्ति इस बात को लेकर काफी प्रसन्न है कि उसका गांव राम के नाम को लेकर प्रदेश व देश के स्तर पर पहुंचा तो अब वह दिन दूर नही है जब प्रदेश के मुखिया अखिलेश सिंह यादव भी उनके बीच आकर राम का नाम गुनगुनाएंगे।

एक बार फिर गड़ने लगे पोल

रामधुन की शुरूआत के तीन दिन बाद ही बिजली विभाग ने काम को प्रारंभ कराया था पर दो ही दिन बाद काम बंद हो गया। अधिशाषी अभियंता तरनवीर सिंह ने बताया कि कुछ समान उरई से आना था पर उसके आने में विलम्ब हुआ जिसके कारण यह दिक्कत हुई। अब समान दे दिया गया है। काम दोबारा प्रारंभ हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि आज ठेकेदार लेबर लेकर आया है और कुछ खंभे खड़े भी किए हैं।

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