Monday, January 18, 2010

संस्था के लिए जमीन दान देना अनुकरणीय पहल

चित्रकूट। आज के इस दौर में जहां मनुष्य जमीन के लिए खून बहा रहा है, वहीं संस्था के लिए जमीन दान कर देना एक अनुकरणीय पहल है।

यह बात आरोग्य धाम परिसर के बगल में नव निर्मित दृष्टि संस्था के ब्रेल उपकरण बैंक व ब्रेल पुस्तकालय के शुभारंभ व नेत्रहीन महिला शिक्षण और प्रशिक्षण केंद्र के शिलान्यास के मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री प्रदीप जैन ने कहीं। उन्होंने दृष्टि संस्था के संरक्षक कृष्ण गोपाल गुप्ता को साधुवाद देते हुए कहा कि उनके द्वारा साढ़े सत्रह बीघा जमीन विकलांगों के कल्याण के लिए दान देना अनुकरणीय कार्य है। उन्होंने कहा कि मरने के बाद जो नाम जाता है वह केवल ऐसे ही धर्मार्थ के कामों के कारण जाता है। दृष्टि के निदेशक विराग गुप्ता ने कहा कि आने वाले समय में संस्था ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को देखते हुए चित्रकूट क्षेत्र में पर्यावरण सुधार की एक बड़ी योजना प्रारंभ करेगी। इस योजना में भारी मात्रा में पौधरोपण के साथ ही मंदाकिनी की सफाई का अभियान चलेगा। केंद्रीय मंत्री की पत्नी स्नेहलता जैन, जानकीकुंड चिकित्सालय के सीएमओ डा. बीके जैन, नगर पंचायत अध्यक्ष नीलांशु चतुर्वेदी, ग्रामोदय विवि. के डा.अजय चौरे, डा. नीलम चौरे, सुखदेव शर्मा आदि मौजूद रहे। सभा का संचालन शंकर लाल गुप्ता ने किया।

पृथक राज्य के मुद्दे पर गोलमाल जबाव दे गये मंत्री जी

चित्रकूट। पृथक बुंदेलखंड राज्य के मुद्दे को केंद्रीय मंत्री ने अपना मुद्दा बताते हुए कहा सरकार में रहने के कारण काफी बातें सोच समझकर बोलनी पड़ती है। उन्होंने बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा व बुंदेलखंड एकीकृत पार्टी के साथ ही बुंदेलखंड की मांग करने वालों को उचित ढंग से बात उठाने की नसीहत दी। प्रदीप जैन ने कहा कि पृथक राज्य बनाने के लिए अभी और भी ज्यादा जन जागरुकता की आवश्यकता है। साथ ही बरगढ़ से पावर प्लांट के स्थानांतरण के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। केंद्रिय मंत्री ने चित्रकूट को विलक्षण तीर्थ स्थान बताते हुये कहा कि यह स्थान बुंदेलखंड की नाक है और इसका विकास सभी को साथ मिलकर करना पड़ेगा।

पर्यटन विकास को चित्रकूट हो फ्री जोन

चित्रकूट। ग्रामीण विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन 'आदित्य' ने कहा कि कभी गौरव, वैभव व शौर्य का प्रतीक रहा बुंदेलखंड अब सूखा-तबाही और भुखमरी का प्रतीक बन गया है। इस अनोखे तीर्थ क्षेत्र चित्रकूट में स्वयंसेवी संगठनों द्वारा समाज हितों को साधकर चलायी जा रही मुहिम प्रशंसनीय है। चित्रकूट के विकास के लिए उन्होंने कहा कि इसे दो राज्यों की सीमाओं में बांधा नहीं जाना चाहिये। यहां पर पर्यटन का विकास तभी हो सकता है जब इसे 'फ्री जोन' घोषित कर दिया जाये।

एक दिवसीय दौरे पर आये केंद्रीय राज्य मंत्री ने सूचना का अधिकार कानून को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की नसीहत दी। महंगाई के मुद्दे पर अपने ही कृषि मंत्री शरद पवार पर टिप्पणी की कि दस दिनों में महंगाई कम करने का पता नही कौन सा फार्मूला उन्होंने ईजाद कर लिया है। बुंदेलखंड की तरक्की के लिए जहां केंद्र सरकार ने राहुल गांधी की विशेष पहल पर एक पैकेज दिया वहीं एक नई योजना पुराने तालाब बावडि़यों और कुंओं की सफाई, कब्जों से मुक्त कराने और उनका सुन्दरीकरण करके विकास के लिए सामने आ चुकी है। इसका नाम आरआरआर योजना दिया गया है। पत्नी स्नेहलता जैन के साथ चित्रकूट दौरे पर आये केन्द्रीय मंत्री ने जानकी कुंड चिकित्सालय व आरोग्य धाम देखने के साथ ही दृष्टि संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेकर स्वामी रामभद्राचार्य से आशीर्वाद लिया।

स्वावलंबन को चल रहे कार्य से प्रदीप उत्साहित

चित्रकूट। केंद्रिय मंत्री ने सद्गुरु सेवा संघ के सेवा कार्यो को देखा फिर आरोग्यधाम की गौशाला गये। उन्होंने जानकीकुंड चिकित्सालय में लेप्रोकोन कार्यशाला के दौरान मरीजों के आपरेशन के दृश्य देखकर कहा कि उन्होंने अस्पताल के सीएमओ डा. वीके जैन से झांसी में भी यहां की तरह सेवा कार्य के विस्तार करने को कहा। इस काम के लिये उन्हें झांसी आने का न्योता भी दिया।

नई पीढ़ी के हाथ सुरक्षित भविष्य : प्रदीप

चित्रकूट। चित्रकूट नगर पंचायत की नवनिर्वाचित कमेटी को शपथ ग्रहण करवाने पहुंचे केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन 'आदित्य' ने कहा कि जिस माटी पर भगवान राम के साथ ही संतो का आर्शीवाद हमेशा बरसता हो उस भूमि पर जो भी होता है अच्छे के लिये ही होता है। अपने आपको बुंदेली माटी का बेटा बताते हुये कहा कि यहां का इतिहास संघर्ष और समर्पण का रहा है। भले ही यहां की रियासतें छोटी-छोटी रही हो पर रानी लक्ष्मी बाई, आल्हा, उदल और राजा छत्रशाल का नाम तो बच्चों की जुबान पर सुनाई देता है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट के विकास के लिये वे अपने स्तर से भी हरसंभव प्रयास करेंगे।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी सतना प्रदीप गुप्ता ने नव निर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष नीलांशु चतुर्वेदी व सभी पन्द्रह सभासदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे कें द्रीय मंत्री व नीलांशु चतुर्वेदी ने परिक्षेत्र से पधारे साधु संतों का आर्शीवाद लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्वामी राजगुरु संकषर्णाचार्य प्रपन्नाचार्य महाराज ने चाणक्य और राजनीति का तात्विक विवेचन कर कहा कि धर्म आधारित राजनीति से ही देश सही दिशा में जायेगी। इसकी पुष्टि पुराण करते हैं।
इस अवसर पर द्वारिकेश पटैरिया, चौबे तेज भान सिंह, हेमराज राज चौबे, नंदिता पाठक, डा. वीके जैन, कर्नाटक वाली माता जी, कु. गीता देवी, मु. रसीद उर्फ चीनी, प्यारे भाई व रमादत्त मिश्र सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

चित्रकूट संसद : अपनी मिंट्टी, अपने लोग और अपना विकास

चित्रकूट। 'अपनी मिट्टी अपने लोग' अपना विकास अब खुद अपने दम पर कुछ ऐसे ही अरमान लेकर जब चित्रकूट संसद की परिकल्पना की गई तो सबके भाव सामने आने लगे। चित्रकूट संसद को लेकर शनिवार को सूचना विभाग के सभागार में कोर ग्रुप की बैठक समाजसेवी गोपाल भाई की अध्यक्षता में हुई।

संवाद के क्रम में तमाम नये विचार आये। उप्र और मप्र के राजनेताओं की सहमति के बाद सभी पार्टियों के जिलाध्यक्षों के साथ स्वयंसेवी संगठनों के साथ आने की सहमति की बात सामने आई। इस दौरान कार्यक्रम संयोजक अर्चन ने बताया कि अभी तक 21 सूत्रीय आठ पत्रक भरकर समिति को प्राप्त हो चुके हैं। जिनमें काफी उपयोगी सुझाव हैं।
बताया कि महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के डा. आर सी सिंह, डा. रघुवंश प्रसाद बाजपेयी, लक्ष्मण प्रसाद गर्ग, गुरु प्रसाद शुक्ल, समाजसेवी आलोक द्विवेदी, भारतीय साहित्यकार परिषद के निदेशक बलबीर सिंह के साथ ही पत्रकार अमर दीप भट्ट ने सुझाव पत्रकों को जमा करने का काम किया है।
बताया कि समिति ने विपक्ष और पक्ष सभी पार्टियों के नेताओं के साथ ही लगभग सौ लोगों के पास पत्रकों को भेजा है। इस अवसर पर केशव शिवहरे,समाजसेवी आलोक द्विवेदी बसपा के जिला उपाध्यक्ष राम सागर चतुर्वेदी व समाजसेवी पंकज अग्रवाल भी मौजूद रहे।

Wednesday, January 13, 2010

अभी बांकी है और भी मानवता के क्रंदक

चित्रकूट। जहां एक तरफ यहां आध्यात्म और धर्म की गंगा इस जिले में बहती हैं वही दूसरी ओर असलहा की संस्कृति भी अपने चरम पर भी यहां पर ही दिखाई देती है। डाकुओं का इतिहास यहां काफी पुराना है। कभी डाकू आत्मसमर्पण करते गये तो कभी भगवे के रंग में अपने आपको रंगते गये। आज के हालातों में भले ही डाकू ददुवा और ठोकिया भगवान को प्यारे हो चुके हो और डाकू खड्गसिंह उर्फ मुन्नी लाल यादव जेल की हवा खा रहे हो पर अभी भी इस जिले स अपराध की इबारत को आगे बढ़ाने में लगे डाकू अपना खूनी खेल खेल रहे हैं।

डाकू संजय यादव, डाकू रागिया उर्फ सुन्दर पटेल, डाकू बलखडिया उर्फ स्वदेश, डाकू राजू कोल जैसे कुछ नाम हैं जो पुलिस के लिये लगातार चुनौतियां पेश कर रहे हैं। डाकू राजा खान भी ऐसा नाम है जो लगातार ठेकेदारों के साथ वन कर्मियों के लिये परेशानियां उत्पन्न रहा है।
बसपा का शासन आने पर जस अंदाज में भयमुक्त समाज की परिकल्पना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एसटीएफ ने डाकू ददुवा को गिरोह समेत व डाकू ठोकिया को मारा व उसके बाद डाकू खड्ग सिंह व गौरी यादव को जेल के सीखचों के पीछे डाला, पर अभी भी लगभ आधा दर्जन से ज्यादा डाकुओं के गिरोह मानवता को क्रंदित करने का काम कर रहे हैं।
पिछले महीने डाकू संजय यादव ने तो एक दम से पत्थर की खदानों पर हमला कर अपने मंसूबे स्पष्ट कर पुलिस को खुली चुनौती दी थी। गौर करने लायक बात तो इसमें यह थी कि पुलिस की कांबिंग वहीं पर प्रारंभ थी और एक किलोमीटर के अंतर में गिरोह ने दूसरी वारदात कर दी थी। फिलहाल अभी पुलिस के पास डाकुओं को समाप्त करने की कोई फूल फ्रूफ व्यवस्था नही समझ में आती।
रिटायर्ड पुलिस इंसपेक्टर रंग नाथ शुक्ला कहते हैं कि यहां की गरीबी ही डकैती की जनक है। गरीब को बंदूक के माध्यम से पैसा कमाना ज्यादा आसान लगता है। अगर वास्तव में यहां से डकैती की समस्या का अंत करना है तो उसके लिये सरकारी योजनाओं को क्रियान्वयन गांवों में गरीबों के बीच होना चाहिये।

चित्रकूट में दर्शन का महासंगम, विश्व शांति की दिशा में उभरा नया चिंतन

चित्रकूट: जब मंदाकिनी के तट पर विचारों की धारा बहती है, तब चित्रकूट केवल एक तीर्थ नहीं रहता—वह विश्व के बौद्धिक मंथन का केंद्र बन जाता है। त...