चित्रकूट। 'अपनी मिट्टी अपने लोग' अपना विकास अब खुद अपने दम पर कुछ ऐसे ही अरमान लेकर जब चित्रकूट संसद की परिकल्पना की गई तो सबके भाव सामने आने लगे। चित्रकूट संसद को लेकर शनिवार को सूचना विभाग के सभागार में कोर ग्रुप की बैठक समाजसेवी गोपाल भाई की अध्यक्षता में हुई।
संवाद के क्रम में तमाम नये विचार आये। उप्र और मप्र के राजनेताओं की सहमति के बाद सभी पार्टियों के जिलाध्यक्षों के साथ स्वयंसेवी संगठनों के साथ आने की सहमति की बात सामने आई। इस दौरान कार्यक्रम संयोजक अर्चन ने बताया कि अभी तक 21 सूत्रीय आठ पत्रक भरकर समिति को प्राप्त हो चुके हैं। जिनमें काफी उपयोगी सुझाव हैं।
बताया कि महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के डा. आर सी सिंह, डा. रघुवंश प्रसाद बाजपेयी, लक्ष्मण प्रसाद गर्ग, गुरु प्रसाद शुक्ल, समाजसेवी आलोक द्विवेदी, भारतीय साहित्यकार परिषद के निदेशक बलबीर सिंह के साथ ही पत्रकार अमर दीप भट्ट ने सुझाव पत्रकों को जमा करने का काम किया है।
बताया कि समिति ने विपक्ष और पक्ष सभी पार्टियों के नेताओं के साथ ही लगभग सौ लोगों के पास पत्रकों को भेजा है। इस अवसर पर केशव शिवहरे,समाजसेवी आलोक द्विवेदी बसपा के जिला उपाध्यक्ष राम सागर चतुर्वेदी व समाजसेवी पंकज अग्रवाल भी मौजूद रहे।
एक ऐसा स्थान जो विश्व भर के लोगो के लिये किंवदंतियों कथाओं कथानकों के साथ ही यथार्थ चेतना का पुंज बना हुआ है। प्रजापति ब्रह़मा के तपोबल से उत्पन्न पयस्वनी व मां अनुसुइया के दस हजार सालों के तप का परिणाम मां मंदाकिनी के साथ ही प्रभु श्री राम के ग्यारह वर्ष छह माह और अठारह दिनों के लिये चित्रकूट प्रवास के दौरान उनकी सेवा के लिये अयोध्या से आई मां सरयू की त्रिवेणी आज भी यहां पर लोगों को आनंद देने के साथ ही पापों के भक्षण करने का काम कर रही है।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
याद किए गए पत्रकार वेद प्रकाश शुक्ल
पत्रकार-शिक्षक स्वर्गीय वेद प्रकाश शुक्ल की 29वीं पुण्यतिथि मनाई गई* चित्रकूट। स्व. पं.वेद प्रकाश शिव प्रताप स्मृति सेवा न्यास के तत्वावधान ...
-
श्रीराम ने चित्रकूट में की थी मां जानकी की पूजा अपने हाथों से पुष्पों के आभूषण बनाकर किया था श्रंगार व पूजन रां ब्रहमनाद का वह स्वर जो...
-
धनवंतरी महायज्ञ _डीएम ने परिवार सहित डाली आहुतियां _अमेरिका,कोलकाता के साथ बुंदेलखंड और स्थानीय चिकित्सकों ने डाली आहुतियां _ स्थानीय के सा...
-
चित्रकूट: जब मंदाकिनी के तट पर विचारों की धारा बहती है, तब चित्रकूट केवल एक तीर्थ नहीं रहता—वह विश्व के बौद्धिक मंथन का केंद्र बन जाता है। त...
No comments:
Post a Comment