एक ऐसा स्थान जो विश्व भर के लोगो के लिये किंवदंतियों कथाओं कथानकों के साथ ही यथार्थ चेतना का पुंज बना हुआ है। प्रजापति ब्रह़मा के तपोबल से उत्पन्न पयस्वनी व मां अनुसुइया के दस हजार सालों के तप का परिणाम मां मंदाकिनी के साथ ही प्रभु श्री राम के ग्यारह वर्ष छह माह और अठारह दिनों के लिये चित्रकूट प्रवास के दौरान उनकी सेवा के लिये अयोध्या से आई मां सरयू की त्रिवेणी आज भी यहां पर लोगों को आनंद देने के साथ ही पापों के भक्षण करने का काम कर रही है।
Monday, January 18, 2010
पृथक राज्य के मुद्दे पर गोलमाल जबाव दे गये मंत्री जी
चित्रकूट। पृथक बुंदेलखंड राज्य के मुद्दे को केंद्रीय मंत्री ने अपना मुद्दा बताते हुए कहा सरकार में रहने के कारण काफी बातें सोच समझकर बोलनी पड़ती है। उन्होंने बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा व बुंदेलखंड एकीकृत पार्टी के साथ ही बुंदेलखंड की मांग करने वालों को उचित ढंग से बात उठाने की नसीहत दी। प्रदीप जैन ने कहा कि पृथक राज्य बनाने के लिए अभी और भी ज्यादा जन जागरुकता की आवश्यकता है। साथ ही बरगढ़ से पावर प्लांट के स्थानांतरण के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। केंद्रिय मंत्री ने चित्रकूट को विलक्षण तीर्थ स्थान बताते हुये कहा कि यह स्थान बुंदेलखंड की नाक है और इसका विकास सभी को साथ मिलकर करना पड़ेगा।
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