Thursday, April 4, 2013

विकास के वास्ते राम के रास्ते

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम का नाम लेते हुए गुरुवार को कैथीवासियों नवां दिन भी गुजर गया। न चेहरे पर थकान, न चिंता और न ही किसी तरह का दुराव, हा अगर कुछ यहां पर दिखाई दे रहा है तो वह आत्मविश्वास से भरे ओज भरे वह चेहरे जिनको अब पूरा भरोसा है कि आज नहीं तो कल अखिलेश भैया जरुर गांव के शिव मंदिर पर बैठकर राम राम करेंगे।

उत्साहित गांव के लोग बताते हैं कि गांव की रिश्तेदारियां प्रदेश के तमाम जिलों व बाहर भी हैं। देश के अन्य इलाकों व देश से बाहर से गांव के निवासियों के पास अब फोन आने प्रारंभ हो गए हैं। फोन करने वाला हर एक शक्स केवल एक ही बात करता है कि भइया राम का नाम लेते रहना। गांव में न केवल अखिलेश आएंगे बल्कि गांव की सड़क और बिजली भी आएगी। जिसके बाद गांव का विकास अपने आप हो जाएगा।

गांव के अरिमर्दन सिंह, विकास शिवहरे,रज्जन आदि लोग कहते हैं कि गांव का विकास चाहे जब हो पर एक बात तो साफ हो गई है कि इस राम राम यज्ञ ने लोगों के दिलों के अंदर की खाईयों को पाटने का काम किया है। सामूहिकता की जो भावना गांव में जन्मी है वह आने वाले समय के लिए अच्छी शुरूआत है। उन्होंने कहा कि गांव का विकास तो मुद्दा सर्वोपरि है और अब उस पर काम भी सरकारी अमले ने करना प्रारंभ कर दिया है। कहा कि जानकारी मिली है कि एसडीएम सदर आशुतोष निरंजन भी गुरुवार को गांव में आकर समस्याओं को देखने का काम करेंगे। कहा कि गांव में आकर समस्याओं को देखने की सरकारी अधिकारियों की पहल एक अच्छी प्रक्रिया है पर वादों और दावों के बाद जब गांव के विकास के काम हो जाएं तब समझ में आए। उन्होंने कहा कि कोई आए कोई जाए इससे अब कोई फर्क नही पड़ता क्योंकि सभी ग्रामीणों का संकल्प केवल अखिलेश भैया को गांव में बुलाने का है और सभी को विश्वास है कि वह एक दिन गांव जरूर आएंगे।

विधायक ने किया फोन

सदर विधायक साध्वी निरंजन ज्योति ने गांव में बुधवार की देर रात चल रही रामधुन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अभी उनकी तबियत खराब है और वह मूसानगर में हैं। वैसे गांव में बिजली जलवाने के लिए अपनी निधि से इस्टीमेट बनवाकर वह जुलाई के महीने में ही विभाग को भेज चुकी हैं। जल्द स्वस्थ होने पर वह गांव में पहुंचकर गांव की समस्याओं को लेकर जनता का साथ देंगी।

जय रघुनंदन जय सियाराम

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी गांव के शिव मंदिर में आठवें दिन भी जारी रहा राम भजन

- बिजली का काम प्रारंभ होने की उम्मीद, सड़क भी जल्दी बनेगी

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम राम जपने में लगे कैथी गांव के लोगों का उत्साह जहां इस समय चरम पर दिखाई दे रहा है, वहीं सरकारी अमला भी अब आठ दिनों बाद सक्रियता दिखाता नजर आता है। केवल सक्रियता दिखाने का काम सरकारी अमला ही नही कर रहा है, बल्कि विधायक निरंजन ज्योति ने भी दो दिन के अंदर बिजली का काम प्रारंभ न होने पर गांव पहुंचकर भजन करने के लिए बैठने की घोषणा कर दी है।

अधिशाषी अभियंता विद्युत तरुण वीर सिंह ने कहा कि तीन किलोमीटर लाइन नई बनाने की स्वीकृति आ गई है। काम बुधवार की शाम गुरुवार की सुबह से प्रारंभ किया जा सकता है। इधर सुबह से ही गांव का वातावरण अत्यंत उल्लिसित दिखाई दिया। गांव के प्राचीन शिव मंदिर में ग्रामीण बड़े ही मनोयोग से राम का नाम सस्वर में गायन करने का काम कर रहे थे। बच्चियां व बूढ़ों के अंदर भी इस समय गांव में अजीब किस्म की ऊर्जा का संचार देखा जा रहा है। आज तो भोले बाबा के मंदिर के समीप ही मां अम्बे की झांकी की स्थापना भी कर दी गई है। जिसमें महिलाएं मंगलगीत गाती नजर आ रहीं थी। महिलाओं का कहना है कि भइया जब से पैदा हुए तब से गांव में किसी भी काम को लेकर इतना उत्साह नही देखा गया। इस काम में तो शायद गांव का एक भी ऐसा घर नही है जो अपना सक्रिय योगदान न दे रहा हो।

उधर दैनिक जागरण कार्यालय पर पहुंचकर विधायक साध्वी निरंजन ज्योति ने बताया कि उन्होंने जुलाई के महीने में ही अपनी निधि से गांव में बिजली लाइन डलवाने के लिए स्वीकृति पत्र दिया था। विभाग ने उसे बांदा कार्यालय में भेज दिया था, पर इतना काम इतना सुस्त है कि अब क्या किया जाए। उन्होंने वहीं से मोबाइल पर जब अधिशाषी अभियंता तरन बीर सिंह से बात कराई तो उन्होंने कहा कि चीफ इंजीनियर कार्यालय से स्वीकृति आ चुकी है और तीन किलोमीटर लाइन को बनाने का काम कल या परसों से प्रारंभ करा दिया जाएगा। विधायक ने कहा कि अगर काम एक दो दिन में नही लगता है तो वह खुद जाकर गांव वालों के साथ भजन करने बैठ जाएंगी।

उधर गांव कैंथी में आज लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जाकर ग्रामीणों से कहा कि उन्हें सड़क बनाने के आदेश 12 अक्टूबर को मिल गए हैं। एक दो दिन में सड़क बनाने का काम प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसलिए अब राम राम आंदोलन को विराम दें दें। ग्रामीणों ने कहा कि आपका काम सड़क बनाना है। आप सड़क बनाएं न बनाएं। हम तो अखिलेश भइया को बुलाने के लिए राम राम करने के लिए संघर्षरत हैं। हमें किसी से बुराई या भलाई नही है।

एक नहीं तीन गांवों के हालात कैथी जैसे

- चित्रकूट आ रहे मुख्यमंत्री से जगी उम्मीदें

- सपा ने ही दी थी पुल बनाने की स्वीकृति

हमीरपुर कार्यालय : भले ही भरुआ सुमेरपुर ब्लाक का गांव कैथी रामधुन के जरिए मुख्यमंत्री के आने की आस लगाए बैठा हो, पर आज चित्रकूट की हवाई पट्टी का उद्घाटन करने आ रहे मुख्यमंत्री की नजरें अगर इस जिले में इनायत हो जाए तो कम से कम तीन और बने पड़े पुलों का भाग्य बदल सकता है। गंभीर बात तो यह है कि लगभग सभी पुलों पर सेतु निर्माण निगम ने अपना काम लगभग समाप्त कर दिया है। अब बारी एप्रोच मार्ग बनाने की है लोक निर्माण विभाग की है। लेकिन अपनी लचर कार्यशैली के मशहूर इस विभाग के अधिकारियों को शायद जिले में किसी बड़े आंदोलन का इंतजार है।

वैसे तो राम के नाम का सहारा लेकर कैथी गांव के लोग बैठे ही हैं। उन्हें आशा ही नही बल्कि अब पूरा विश्वास हो चला है कि अखिलेश भइया तक उनकी बात जरूर पहुंचेगी और वह गांव में आकर राम-राम करेंगे।

बताते चलें कि पूर्व सपा शासनकाल में जिले के विकास के लिए तीन पुलों की स्वीकृति प्रदान की गयी थी, जो आज भी अधूरे पड़े हैं। वर्ष 2006 में जिले को सपा सरकार ने तीन नए पुलों की सौगात दी थी। यह तीनों पुल बेतवा, यमुना और चन्द्रावल नदी पर बनाए जाने थे। इन पुलों का निर्माण कार्य 2010-2011 में खत्म होना था लेकिन यह सभी आज भी आधे-अधूरे पड़े हैं। इन पुलों के बन जाने से आवागमन की दूरी तो घटेगी ही जिले का विकास भी तेज हो जाएगा। जहां मनकी पुल से आवागमन की दूरी करीब 40 किलोमीटर घट जाएगी, वहीं कैंथी व जलालपुर के आसपास के गांवों के ग्रामीणों को तैरकर नगर नहीं आना पड़ेगा।

विदित है कि पूर्व में कानपुर-सागर मार्ग पर बने यमुना पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात बाधित रहा, लोगों को कुरारा, जोल्हूपुर मोड़ कालपी होते हुए कानपुर यात्रा करनी पड़ती थी। वर्तमान में कुरारा से मूसानगर वाया हमीरपुर होकर जाने पर दूरी करीब 65 किमी पड़ती पड़ती है। पुल बन जाने पर यह घटकर 25 किमी ही रह जाएगी।

नहीं किसी का आसरा, केवल राम का सहारा

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : भज लो सीताराम. भज लो सीताराम. ढोलक में बैठी मां शारदा. जी हां अब कैथी गांव की रामधुन का स्वरूप बढ़ता जा रहा है। जहां एक रामधुन विशुद्ध शास्त्रीय तरीके से चल रही है। वहीं यहां पर लोक संगीत की बहार भी देखी जा रही है।

कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में जन समस्याओं को लेकर गत मंगलवार लोगों द्वारा शुरू की गयी राम धुन शनिवार को निर्बाध गति से पाँचवें दिन भी जारी रही। राम भजन में लोगों का उत्साह बढ़ता ही जा रहा है। हारमोनियम और ढोलक की सहायता से विभिन्न राग रागिनियों के साथ ग्रामीण अपने ही अंदाज में देवता को मनाने के प्रयास में जुटे दिखाई दे रहे हैं। वैसे भी बुंदेलखंडी लोक संगीत के मामले में काफी संबृद्ध माना जाता है। यहां पर हर काम की शुरूआत भगवान को मनाने व आमंत्रण देने के साथ ही जाती है। लोक संगीत के लगभग हर गीत में राम, कृष्ण और देवी को मनाने के स्वर सुने और सुनाए जाते हैं।

प्रभाती के साथ शयन में हैं मधुर स्वर

सुबह 6 बजे से 10 बजे तक महिलाओं और बच्चियों की राग रागिनियां जहां गांव के वातावरण में रस घोलने का काम करते दिखाई देते हैं, वहीं शाम छह बजे से दस बजे तक उनके स्वरों से ऐसा प्रतीत होता है कि वह लोरियां गा रही हों। गांव के लोग कहते हैं कि मां जब घर से नहा धोकर आकर राम भजन करने लगती है तो ऐसा लगाता है कि वह प्रभाती गाकर बच्चों को जगा रही है और शाम को गाने के स्वर लोरियों जैसे सुनाई देते हैं।

बुजुर्गो में है उत्साह

गांव के बुजुर्गो में इन दिनों भारी उत्साह है। उनका कहना है कि अब उनके कानों में हर क्षण परमेश्वर के नाम का उच्चारण पड़ता है। ऐसा लगता है कि मानो स्वर्ग का सुख यहीं मिल रहा है।

राम भजन से शायद हमारे भी दिन बहुरें

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी गांव में चौथे दिन भी जारी रही रामधुन, दूसरे गांव के लोग भी आ रहे साथ देने

- चार चार घंटे की पाली में होता है भजन, आठ घंटे हैं महिलाओं के लिए आरक्षित

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : हरि हर का नाम चौबीसों घंटे जप रहे भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के गांव कैथी के निवासियों का उत्साह अब और बढ़ता दिखाई दे रहा है। क्योंकि अब उनका साथ देने के लिए गाव के मुखिया तो सामने आ ही चुके हैं साथ ही आसपास के गांवों के लोग इसलिए आ रहे हैं कि शायद इस गांव के बाद उनका भी नम्बर लग जाए। गांव की समस्याओं को लेकर कैथी में चल रहे इस अनोखे आंदोलन को देखने के साथ ही सहभाग करने का काम किसवाही, मौहार व धुंधपुर के लोग कर रहे हैं।

दूसरे गांव के ग्रामीणों का कहना है कि इस आंदोलन में सहभाग करने के दो फायदे हैं। समस्याओं का निस्तारण तो राम जी कर ही देंगे साथ ही आगे की लड़ाई के लिए ऊर्जा भी उन्हीं से मिलेगी।

ग्राम प्रधान वासुदेव निषाद भी पिछले दो दिन से राम भजन करने में लगे हैं। उनका कहना है कि उनके बूते में जो है वह तो कर ही रहे हैं। कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ ही पीडब्लूडी व अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बात की, पर हर जगह आश्वासन के अलावा कुछ नही मिला। अब जब गांव के मंदिर में राम राम चालू ही हो गई है तो फिर पीछे क्यों रहा जाए। सबके साथ मिलकर ही गांव की समस्याओं का निदान भगवान की शरण में जाकर ढूंढा जा रहा है।

गांव के अरिमर्दन सिंह ने बताया कि भजन करने के लिए चार चार घंटे सभी ने बांट रखें हैं। सुबह के चार घंटे व शाम के चार घंटे महिलाओं की जिम्मेदारी रहती है, व दिन भर गांव के लोग राम राम करते हैं। बताया कि एक बार में पचास से पचहत्तर लोग जुटते हैं। प्रभारी जिलाधिकारी रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि कैथी गांव में राम धुन गूंज रही है। इसकी उन्हें सूचना है। गांव में पीडब्लूडी के अधिकारियों को भेजकर सड़क का सर्वे करा लिया गया है। बिजली विभाग के अलावा राजस्व व अन्य अधिकारी भी गांव में जल्द जाकर समस्याओं के चिह्नीकरण करने का काम करेंगे।

बेपरवाहों से मोह भंग, व्यथा की चर्चा राम संग

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : कल तक कौतूहल था पर आज उनके लिए सबसे बड़ा खेल का मैदान गांव का शिव मंदिर हो चला है। बाबा, पिता और माता जी को मंदिर में कातर स्वर में रामधुन का उद्घोष करते देख छोटे छोटे बच्चों के अंदर भी उत्साह अपने आप उमड़ पड़ता है और फिर खेलने के समय को वह राम राम करने में बिता रहे हैं।

बताते चलें कि जिले के भरुआ सुमेरपुर के कैथी गांव में बिजली-सड़कें न होने, पेयजल संकट व अन्य समस्याओं पर अब तक नेता व अधिकारी नहीं चेते हैं, जिससे यहां जन समस्याएं बरकरार हैं। इससे आजिज लोगों ने मंगलवार को यहां के प्राचीन शिव मंदिर में राम नाम का जाप शुरू कर दिया है। इन्होंनें ने 50-50 लोगों के समूह बना रखे हैं। इसके चलते बारी-बारी से लोग राम नाम का जाप करते रहते हैं, जिससे तीन दिन से राम धुन अखंड रूप में गूंज रही है। गुरुवार को यहां तीसरा दिन था। लोगों की मांग है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यहां आकर उनके साथ राम धुन गुनगुनायें। हालांकि इस भक्ति आंदोलन में अब तक कोई खास या वीआईपी शख्स नहीं आया है।

बच्चों की तोतली भाषा और उनकी तालियों की गड़गड़ाहट जब माइक पर गूंजती हैं तो उनकी माएं व दादियां बलाएं लेने के लिए चल देती हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि गांव के विकास के इस यज्ञ का हमराही कोई एक व्यक्ति नही है। बल्कि साथी हाथ बढ़ाना की तर्ज पर सभी लोग जुट रहे हैं।

गांव के बुजुर्गो ने अपना समय भोर के साथ ही दोपहर व देर शाम का तय कर रखा है तो महिलाएं दोपहर को चूल्हा चौका से निजात पाकर भगवान का नाम लेने चली आती हैं। रात को गांव के नौजवानों की पूरी टीम राम का नाम लेती है साथ ही शाम का समय गांव की किशोरियों और छोटे बच्चों के हवाले रहता है।

बदल रहा है गांव का माहौल

गांव के अरिमर्दन सिंह बताते हैं कि अब उनके गांव का माहौल बदलता दिखाई दे रहा है। इसे ईश भक्ति का चमत्कार कहें या फिर कुछ और जो कल तक बेगानों जैसा व्यवहार कर रहे थे वह भी आज आकर रामधुन करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तो गंगा का डेरा, राम शरण का डेरा, रघुराज का डेरा व अन्य डेरों से लोग रामधुन करने आ रहे हैं। बल्कि आस पास के गांवों से लोग भी आकर उनकी इस मुहिम का साथ देकर हौसला बढ़ा रहे हैं। कहा कि यहां तक कि गांव में आने वाले रिश्तेदार भी इस यज्ञ में अपनी आहुतियां डालकर अपने आप को कृतार्थ कर रहे हैं।

बच्चों में है भारी उत्साह

रामू, कल्लू, सोनू, राम नरेश, गुड़िया, रानी आदि ने बताया कि भगवान का नाम लेने में अच्छा लगता है। अगर गांव में बिजली जली तो और भी ज्यादा खुशी मिलेगी। बिजली के आने से हम लोग पढ़ाई तो कम से कम कर सकेंगे। कहा कि अभी गांव से शहर में मेला देखने जाने के लिए पैदल ही जाना पड़ता है। पुल पर सड़क बन जाने के बाद कम से कम पैदल तो नही जाना पड़ेगा।

बदलती बयार लाएगी क्रांति

गांव की कमला कुशवाहा, रानी यादव, वंदना, मुलिया, माया शिवहरे आदि इस बदली फिजा से काफी प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि लगातार तीन दिनों से गांव में रामधुन गूंज रही है। राम के नाम में बड़ी शक्ति है। इससे गांव का विकास तो होगा ही साथ ही अगर गांव में अखिलेश भैया आए तो हम सब लोग कृतार्थ हो जाएंगे।

कैथी गांव में जारी रही राम धुन

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा.. - लगातार दूसरे दिन भी उत्साह से भरे रहे वृद्ध, महिलाएं व बच्चे

- पुल के दोनों ओर सड़क बनाने के लिए सर्वेक्षण का काम प्रारंभ

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : समस्याओं से आजिज आकर भगवान की शरण में गए कैथी गांव व उसके मजरों के निवासी दूसरे दिन भी भोले बाबा के प्राचीन मंदिर में रामधुन करने में लगे रहे। गांव के बुजुर्ग नवजवानों में कीर्तन की लगन को देखकर प्रसन्नता से भरे हुए हैं, वहीं महिलाएं व बच्चे भी राम धुन गाने में पीछे नहीं है।

बुजुर्ग उम्मेद सिंह कहते हैं कि समस्याओं से निदान यह तरीका सबसे उत्तम है। कहा कि केवल भारत की नही देश से चित्रकूट में स्वामी कामतानाथ भगवान के दर्शनों के लिए लोग आते हैं। भगवान कामतानाथ को समस्याओं से समाधान का केंद्र बिंदु मानने वाला हर बुंदेलखंडी वहां का भक्त है। भगवान राम ने भी चित्रकूट में बारह साल निवास कर रावण का संहार करने के लिए ऊर्जा एकत्र की थी। कहा कि हमने भी अपनी समस्याओं से निजात के लिए उसी भगवान राम से गुहार लगाई है।

गांव के सतीश चंद्र शिवहरे, लाल जी पाल, राम बिलास सिंह, राकेश विश्वकर्मा आदि लोगों ने कहा कि गांधी जी ने तो रघुपति राघव राजा राम, सबको सन्मति दे भगवान का जाप कर देश को आजादी दिला दी थी। हम तो अपने गांव को उजाले की ओर ले जाने के लिए राम के नाम का जप कर रहे हैं। अब तो जब गांव में जब मुख्यमंत्री के चरण पडे़ंगे तभी इस यज्ञ की पूर्णाहुति होगी।

होने लगी सड़क की नाप

हमीरपुर : मंगलवार को दोपहर जैसे ही गांव के लोग राम-राम का कीर्तन करने बैठे ठीक उसके दो घंटे बाद हव तड़के लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी गांव पहुंच गए। उन्होंने चंद्रावल नदी पर सेतु निर्माण निगम द्वारा बनाए गए पुल की लम्बाई नापने के साथ ही दोनो तरफ की सड़क नापने का काम किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह तो राम जी का प्रताप है, वह क्या क्या न करवा दें।

चित्रकूट में दर्शन का महासंगम, विश्व शांति की दिशा में उभरा नया चिंतन

चित्रकूट: जब मंदाकिनी के तट पर विचारों की धारा बहती है, तब चित्रकूट केवल एक तीर्थ नहीं रहता—वह विश्व के बौद्धिक मंथन का केंद्र बन जाता है। त...