Thursday, April 4, 2013

राम जी करेंगे बेड़ा पार, उदासी मन काहे डरे

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी गांव के शिव मंदिर में लगातार 25वें दिन जारी रही राम धुन

- सीएम के आने की चाह, जुड़ते जा रहे लोग और बढ़ रहा उत्साह

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम काज करिबे बिना मोहि कहां विश्राम. कहते हैं राम की कथा हो या फिर रामधुन गाई जाए इस तरह की सभी जगहों पर महाबीर अपने आप मौजूद रहते हैं। रामधुन की कुछ ऐसी ही लगन कैथी के निवासियों पर अब देखी जा रही है। उनका उत्साह न केवल रामधुन के लिए तेज हो चुका है बल्कि अब तो वह अपने मुख्यमंत्री के आगमन की प्रतीक्षा में गांव सजाने के काम को जल्द पूरा कर लेना चाहते हैं।

कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में शुक्रवार को करवा चौथ के दिन लगातार 25वें दिन राम नाम का जाप व भजन जारी रहे। गांव के चौबारों के साथ ही निकास व अन्य स्थानों पर श्री राम चरित मानस की चौपाइयों व ध्वजों को लगाने का काम तो लगभग पूरा चला है जबकि मुख्यमंत्री के स्वागत व पूजा हवन करने के लिए चबूतरा, घास की कुटिया व हवन बेदिका का निर्माण के काम को अंतिम रूप देने में लोग जुटे हुए हैं।

गांव के उम्मेद सिंह कहते हैं कि कौन सो काम कठिन जग माही जो नही होय तात तुम पाहीं. कहते हैं कि राम के भक्त हनुमान तो हमारे सदा से सहायक हैं। फिर हमने रामधुन भी तो भगवान शिव के मंदिर पर रखा है। भगवान शिव का ग्यारहवां रूद्र बजरंग बली को माना जाता है। ऐसे में हमारे रामनाम महायज्ञ की पूर्णाहुति शानदार होना तय है। आसपास के गांवों से आने वाले विभिन्न धर्मो के लोग आज भी उत्साह बढ़ाने भारी संख्या में आए।

इधर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामशरण मिश्र ने कहा कि गांव में पहले से ही एक एएनएम की तैनाती कर दी गई है। वह खुद ही वहां की व्यवस्थाओं की जांच करने के लिए रविवार को कैथी पहुंचेंगे।

..तो गांव में एक साथ मनेगी दीपावली व ईद

हाकिम नकारा, हरि हर का सहारा..

- कैथी गाँव के प्राचीन शिव मंदिर में लगातार 24वें दिन जारी रही राम धुन

- मुख्यमंत्री के आगमन पर होगा जश्न, 'प्रसाद' में चढ़ेगा सिंवई व लड्डू

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : चौक पुराओ. माटी रंगाओ. आज प्रिया मेरे घर आएंगे. कुछ ऐसे अंदाज अब कैथी गांव में देखी जा रही है। पिछले 24 दिनों से राम धुन के माध्यम से प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव को पूर्णाहुति करने का निमंत्रण दे चुके ग्रामीणों का उत्साह अब अपने पूरे चरम पर है।

अनोखे रामधुन महायज्ञ के कारण देश-प्रदेश में चर्चा का स्थान पा चुके भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव के लोग इस बात को लेकर काफी संजीदा और चौकन्ने हैं कि पता नही कब उनके गांव में मुख्यमंत्री का उड़नखटोला उतर जाए। जहां एक तरफ गांव के लोग जाति धर्म की सीमाओं को लांघकर राम का नाम जप रहे हैं, वहीं उनके पास से एक ऐसा संदेश आया है, जिसे सुनकर फिरकापरस्तों को चिढ़ हो सकती है। कैथी गाँव के प्राचीन शिव मंदिर में बृहस्पतिवार को इस अखंड राम धुन का 24वाँ दिन था।

गांव के उम्मेद सिंह, अरिमर्दन सिंह, विकास शिवहरे,लाल जी पाल,सतीश चंद्र शिवहरे, चंद्रशेखर आदि कहते हैं कि इससे कोई फर्क नही पड़ता कि मुख्यमंत्री कब आते हैं पर इतना साफ है कि उनके आने पर हम दीपावली जरूर मनाएंगे। शाम को पटाखे फोड़ने के साथ ही शाम को घरों के बाहर शुद्ध देशी घी के दिए जाए जाएगें। उधर मुसीबत खां, नफीस, फिरोज, रमजान आदि कहते हैं कि ईद भले ही बीत गई हो पर मुख्यमंत्री के आने पर हम ंिसंवई से उनका मुंह मीठा कराएंगे और ईद जैसा ही स्वागत करेंगे।

सपा ब्राह्मण सभा ने ली मुख्यमंत्री को लाने की जिम्मेदारी

सपा ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार पांडेय को जब इस बात की जानकारी हुई कि यहां पर कैथी गांव में लोग केवल मुख्यमंत्री के दर्शन की आस में पिछले 24 दिनों से राम राम का जप कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि वह कल लखनऊ पहुंच रहे हैं और जैसे ही उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से होगी वैसे ही उन्हें कैथी का हाल बताकर यहां पर लाने का समय लेंगे और साथ में भी आएंगे।

राम के आसरे राम के सहारे

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- शिव मंदिर में 21वें दिन भी जारी रही राम धुन

- मउहर से कैथी तक गूंज रहा है राम का नाम

- आसपास के ग्रामीण भी ले रहे उत्साह से भाग

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : मंगल भवन अमंगलहारी. जय सियाराम. श्री राम जय राम जय जय राम और जय श्री राम. यह केवल भगवान का नाम नहीं बल्कि उस इबारत का नाम है जो अब पूरे बुंदेलखंड में रामधुन के कारण मशहूर हो चुके कैथी गांव के हर घर पर लिखी दिखाई देती है। राम के नाम का प्रभाव अब कैथी के निवासियों को केवल इक्कीस दिनों में ही साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। न तो गांव में किसी का किसी से विवाद हो रहा है और न ही कोई ऊँची आवाज में बात करता दिखाई देता है।

गांव के बुजुर्ग कहते हैं कि सकारात्मक तरीके से प्रारंभ किए गए प्रभु के नाम जप आंदोलन के प्रभाव से गांव में लोगों के अंदर की वैमस्यता समाप्त होती दिखाई दे रही है। नशेबाजी भी लगभग गायब हो चुकी है। बच्चों के अंदर संस्कारों का उदय हो चुका है।

वैसे इस समय बोवाई का समय चल रहा है और दिन के समय गांव के तमाम स्त्री व पुरूष खेतों पर होते हैं। लेकिन उनके भी सुर बदल चुके हैं पहले जहां उनके मुंह से फिल्मी गीतों के सुर निकलते थे, वहीं अब वह रघुपति राघव राजा राम गाते दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही आपस के अभिवादन का स्वर भी राम राम ही सुने जा रहे हैं। राम के नाम का प्रभाव कुछ ऐसा है कि बच्चे भी स्कूल में नमस्ते व उपस्थित की जगह राम राम करते दिखाई देते हैं।

उधर जहां गांव के शिव मंदिर पर राम नाम संकीर्तन सोमवार को 21वें दिन भी जारी रहा। लगातार यहां बांदा जिले के कुछ गांवों व इस जनपद के तमाम गांवों के लोग आकर राम राम महायज्ञ में भाग लेकर अपने जीवन को कृतार्थ करने का काम कर रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री के आगमन की आहट पर हवन वेदिका व कुटिया के निर्माण का काम भी अंतिम चरण में हैं। मैदान पर बल्लियां गाड़कर उसमें कांसे की कुटिया बनाए जाने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

गांव के लोग कहते हैं कि अब वह लोग कैथी से लेकर मउहर तक राम के नाम का विस्तार करेंगे और मउहर से भरूआ तक लोगों को उनकी दीवालों में राम राम लिखने के लिए प्रेरित भी करने का काम करेंगे।

राम नाम के सहारे सीएम को पुकारें

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : कहते हैं राम से बड़ा राम का नाम . कुछ ऐसे ही नजारे रामधुन के लिए विख्यात हो चुके कैथी गांव में आम तौर पर दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के आगमन की आस संजोए कैथी गांव में चंद्रावल नदी पार करते ही जैसे ही कानों में राम राम की धुन कानों में गूंजती है, आगे बढ़ने के बाद घरों के बाहर यहां से निकले जो नर नारी सबको सीताराम हमारी और मंगल भवन अमंगल हरी द्रबहु सो दशरथ अजिर बिहारी लिखी इबारत लोगों के अंदर पवित्रता का भाव बढ़ाती नजर आती है। इतना ही नहीं जहां घरों के ऊपर नजर जाती है तो ओम लिखी हुई धर्मध्वजाएं अपना प्रभाव छोड़ती नजर आती हैं।

तीन सप्ताह पूर्व जन सुविधाओं की कमी और समस्याओं की भरमार से क्षुब्ध लोगों ने अपनी बात सुनाने के लिए राम धुन का आंदोलन शुरू किया था। इसके बाद से गांव का माहौल कुछ इस कदर बदला है कि कैथी के रहने वाले खुद ही विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। हरिहर तिवारी, झंडू सिंह, बालेन्द्र सिंह, कल्लू, रणविजय सिंह, समता निषाद, सदला कुटार, ब्रज किशोर कुशवाहा, भारत यादव, बुद्दी लाल वर्मा, शिव शरण सेंगर को तो विश्वास हो चला है कि जब भगवान के नाम बोलने मात्र से इतनी ऊर्जा, शांति और लोगों से अपनापन मिल रहा है तो फिर आने वाले दिन वास्तव में मंगलकारी ही होंगे।

मंगलित वातावरण को तैयार करने का काम करने के काम में लगे कैथी गांव के युवा अरिमर्दन सिंह, विकास शिवहरे कहते हैं कि भइया अब तो हमारा गांव बदल गया, गुटबाजी तो समाप्त हुई ही साथ ही अब सभी अपने आपको अपना ही मानने लगे। कलियुग में जीत का सूत्र है कि संघे शक्ति कलियुगे और यह हमारे गांव में परिलक्षित हो रहा है। राम के नाम के सहारे और सभी गांव के लोग मिलकर अब गांव को विकास के उस सोपान पर ले जाएंगें जहां से इस गांव को लोग जिले ही नहीं प्रदेश में आदर्श के रूप में जान सकें।

उधर अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि सेतु निर्माण निगम को पुल में मिट्टी भरने के काम के लिए पहले पत्र लिखा गया था। बुधवार को रिमांडर भेजने के साथ ही प्रमुख सचिव से बात की जाएगी। इसक साथ ही अधिशाषी अभियंता पावर कारपोरेशन से बात हो गई है। उरई स्टोर से समान मंगाकर वह एक दो दिन में ठेकेदार को नई लाइन बनाने के लिए दे देंगे। गांव में एएनएम की पोस्टिंग कर दी गई है। एक-दो दिन में वह ज्वॉइन कर लेगी।

राम की लगन में हुए मगन तो भूले गम

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी गांव के शिव मंदिर में 19 दिनों से जारी है रामधुन

- मुख्यमंत्री के आने की तैयारी

करने में जुटे हुए हैं लोग

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : अब तो ऐसा लगाता है कि मानो स्वयं राम ही कैथी की जमीं पर उतर आए हों। जहां शाम होते ही लोग घर बंद कर कैद हो जाया करते थे, वहां की रातें अब गुलजार हो रही हैं। पुरुष हो या महिला रात को भी गांव की गलियों में टहलती और रामधुन का आनंद लेते दिखाई देती हैं। वैसे तो जिले के हर गांव में रोज ही शाम होती है पर कैथी गांव में तो शाम का आनंद ही कुछ और होता है। गांव के बुजुर्ग बच्चों को न केवल रामधुन में बैठने के लिए प्रेरित करते दिखाई देते हैं बल्कि उन्हें श्री राम चरित मानस की चौपाईयों से अंताक्षरी खेलना भी सिखा रहे हैं।

गांव की महिलाएं कमला कुशवाहा,रानी यादव, माया शिवहरे, साधना सिंह, वंदना, भुलिया आदि कहती है कि ऐसा माहौल जब से ब्याह के आई देखा नही। सुबह हो या शाम भगवान के नाम जप की चर्चा। उन्होंने कहा कि आज तो हमारा गांव अयोध्या या चित्रकूट सा दिखाई देता है। जहां पर हर क्षण केवल भगवान की न केवल चर्चा होती है बल्कि कानों में भी भगवान का नाम रस घोलता रहता है। बड़े ही गर्व से कहती हैं कि अब हमारे गांव में सास बहू की बुराई का पुराण खत्म हो चुका है।

 उधर गांव के बुजुर्ग उम्मेद सिंह, पूर्व प्रधान राम प्रकाश निषाद, पूर्व प्रधान काशी प्रसाद गुप्ता, पूर्व प्रधान अजय पाल सिंह,बलराम सिंह, जागेश्वर खरे, क्षेत्र पंचायत सदस्य शिव चरण कुशवाहा, चंदा कुशवाहा, बृज किशोर, राम पाल श्रीवास आदि लोगों ने कहा कि अब कोई चिंता नही है। गांव की पीढ़ी को सुधारने का इससे अच्छा कोई जरिया नही हो सकता। अब तो गांव के छोटे बच्चे भी श्री राम चरित मानस की कथा के बारे में पूंछतांछ करने लगे हैं। यह हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है।

उधर मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर गांव में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। घरों में लाल रंग के झंडे व दीवारों पर रामायण की चौपाइयां लोग अपने आप लिख रहे हैं। अरिमर्दन सिंह व विकास शिवहरे कहते हैं कि इस समय पूरा गांव उत्साह में हैं। इसलिए गांव का हर व्यक्ति अपने प्रिय मुख्यमंत्री के आगमन की बाट जोह कर उनका स्वागत अपने अंदाज में करना चाहता है।

अखिलेश की यादों को मुद्दतों सहेजकर रखने की तैयारी

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी गांव के शिव मंदिर में 18 दिनों से जारी है रामधुन

- मुख्यमंत्री के हाथों पीपल का पौधा लगवाने की ख्वाहिश

संदीप रिछारिया, हमीरपुर : भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के ग्राम कैथी व उसके आस-पास बसे मजरों की लगभग छह हजार आबादी को 18 दिन राम जपते राम के नाम की ऐसी धुन लग गई है कि अब वह मंदिर में जाकर तो राम राम तो जप ही रहे हैं साथ ही बोवाई करते समय भी उनके मुंह में राम का ही नाम रहता है। इतना ही नही अब तो कैथी व आसपास के गावों में अभिवादन का तरीका भी बदल गया है। पहले लोग आपस में मिलने पर नमस्कार व नमस्ते का उपयोग करते थे पर अब वह जय राम जी की कहकर एक दूसरे को संबोधित करते हैं। गांव के बदले माहौल से जहां कैथी का हर एक शक्स फिदा है वहीं उन्हें इस बात की खुशी है कि आसपास गांव पंधरी, पारा, बिलखेरा, अकरैया, मौहर, धंधुपुर, किसवाही के साथ ही बांदा के जिले के गड़रिया जैसे गांवों के दर्जनों लोग शिव जी मंदिर पर आकर घंटों राम का नाम लेते हैं। सबसे हैरानी वाली बात तो यह है कि पहले जितना विश्वास मुख्यमंत्री के आने का कैथी के ग्रामीणों को था अब बाहर के गांवों से आने वालों के कारण विश्वास में और ज्यादा इजाफा होता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारी हो गई पूरी, बृहमदेव को रोपित करवाने की मंशा जताते हुए गांव की प्रधान सरस्वती के पति वासदेव निषाद कहते हैं कि मुख्यमंत्री हमारे गांव में आएंगे। यह हमारा सौभाग्य होगा। हम उनके हाथों अपने गांव में पीपल का पौधा रोपित करवाएंगे जिससे उनके यहां पर आने की याद युगों युगों तक जीवित रहे।

गांव के उम्मेद सिंह व विकास शिवहरे कहते हैं कि मुख्यमंत्री की व्यवस्थाएं अलग से की जा रही हैं। कुटिया तैयार हो गई है। इसमें चौबीस घंटे राम राम करने के लिए एक व्यक्ति तैनात होगा। इसके साथ ही यहां पर ही एक पीपल का पेड़ उनके हाथों से लगवाया जाएगा। उसकी पूरा गांव सेवा करेगा और उनके आने की तारीख युगों तक याद रखी जाएगी।

इधर रामधुन तो उधर देवी के जयकारे

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है कैथी गांव

- प्राचीन शिव मंदिर में 16 दिनों से जारी है राम धुन

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव के लोगों का उत्साह चरम पर है। भगवान राम की कृपा के साथ ही देवी की कृपा भी उनके साथ जुट चुकी है। दशहरा के रोज बुधवार को देर शाम गांव में देवी प्रतिमा के समक्ष हवन पूजन हुआ। इसके साथ ही दिन भर कार्यकर्ता सामने की जमीन को चौरस करने व साफ करने के काम में जुटे रहे। यहां के प्राचीन शिव मंदिर में गुरुवार को लगातार 16वें दिन भी राम धुन जारी रही।

इधर गांव की हर दीवार पर श्री राम चरित मानस की चौपाइयां व जय श्री राम के नारे लिख दिये गए हैं। कई घरों में पताकाएं भी फहराती दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनकी राम राम की गूंज की अनुगूंज उन्हें साफ तौर पर सुनाई दे रही है। जल्द ही उनके बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आएंगे और वह कृतार्थ होंगे।

इस बीच एक ग्रामीण के फोन पर बिजली विभाग के ठेकेदार ने फोन कर अधिशासी अभियंता पर आरोप लगाया कि वह गांव में लगाने के लिए समान नही दे रहे हैं और कह रहे हैं कि यह समान उन्हें उरई से लाना होगा। जिस पर ग्रामीण ने जवाब दिया कि गांव में बिजली के काम से उसे मतलब नही है क्योंकि अब पूरा गांव राम मय हो चुका है। इस समस्या पर बात अधिकारियों से करो।

फिलहाल छह-छह घंटे की शिफ्ट में गांव के शिव मंदिर में चल रही राम धुन में भीड़ जुट रही है। गांव की महिलाएं और बालिकाएं दिन में कई बार आकर रामधुन में भाग ले रही हैं।

अखिलेश के आगमन को तैयार हो रहा कैथी

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : भले ही सरकारी अमले को इस बात का भान न हो कि कैथी गांव के निवासियों ने समस्याओं से समाधान की ओर बढ़ने के पन्द्रह दिन और रात के पड़ाव पार कर लिए हों लेकिन ग्रामीण तो यह पूरी तरह से मान चुके हैं कि अब वह दिन दूर नही जब सूबे के मुखिया अखिलेश यादव उनके बीच होंगे। अखिलेश को राम और अपने आपको शबरी मानने वाले कैथी के ग्रामीणों ने इसके लिए पलक पांवड़े बिछाकर तैयारियां भी करनी प्रारंभ कर दी हैं। जहां पुराने शिव मंदिर में रामधुन लगातार जारी है वहीं दूसरी तरफ मां अम्बे का आर्शीवाद भी उन्हें लगातार मिल रहा है। इसी बीच मंगलवार की दोपहर गांव के बुजुर्ग, नौजवानों की एक बैठक सम्पन्न हुई। इसमें ग्राम प्रधान ने कहा कि पन्द्रह दिन बीत गए और गांव की समस्याओं को जानने का प्रयास अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र श्रीवास्तव व उप जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने किया और अपने स्तर पर समस्याओं के निस्तारण का प्रयास भी किया। इसके साथ ही विधायक निरंजन ज्योति ने भी गांव में आकर अपनी सफाई दी।

गांव के उम्मेद सिंह ने कहा कि वास्तव में हमारी कोई मांग ही नही है। हां एक अभिलाषा है कि गांव में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आएं और यहां पर चल रहे श्री राम नाम संकीर्तन महायज्ञ में भाग लें। लेकिन अब जब सरकारी अमला पूरी तरह से अपना काम करने में लगा है तो हमें भी गांव को पूरी तरह से राममय ही बनाना होगा। इस बात पर सभी ने अपना हाथ उठाकर ऐसा करने के लिए वचन दिया। तय किया गया कि गांव के हर घर में श्री राम चरित मानस की चौपाईयां लिखी जाएंगी व हर घर के ऊपर राम नाम के झंडे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मंदिर के पास की जमीन को साफ कर वहां पर एक यज्ञ शाला का निर्माण किया जाएगा और वहां पर वेदिका बनाकर दिन रात एक व्यक्ति राम नाम का जाप करेगा। इस काम के लिए गांव की महिलाओं व बच्चियों ने भी सहभागिता देने की बात कही।

कैथी पहुंचीं विधायक ने राम के समक्ष दी सफाई

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में लगातार 14वें दिन जारी रही राम धुन

- विधायक पर दो माह में बिजली दिलाने का वादा न पूरा करने का आरोप

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : धृष्टताओं का नमन पर आवरन, मंदिरों तक आ गए मैले चरन, मन कहां तक मूंद कर रखे नयन . कुछ इस तरह के अंदाज अब राम राम करते चौदह दिन बिताने वाले ग्राम कैथी के लोगों ने विधायक साध्वी निरंजन ज्योति को सामने देखकर दिखाए। उन्होंने विधायक से साफ तौर पर कहा कि वह तो अब अधिकारी और नेताओं को समस्याएं सुनाने से ऊपर हो गए हैं। अब उन्हें किसी को जरूरत नही है क्योंकि आप जिसका नाम लेकर जनसेवा कर रही हैं, हम भी उसी से अपने गांव की न केवल समस्याएं बल्कि आने वाले समय में गांव के विकास की गुहार लगा रहे हैं।

ग्रामीणों ने विधायक को चुनाव के समय किया गया वादा याद दिलाते हुए कहा कि आपने इसी मंदिर में खड़े होकर कहा था कि जीतने के बाद दो महीने में गांव के हर घर में बिजली जलेगी, पर ऐसा हुआ नही। हमें हर दर पर जाकर दस्तक देनी पड़ी। इसके चक्कर में लाखों रूपए तो बर्बाद हुए ही साथ ही काफी समय भी खराब हुआ। अब हाल यह है कि हम अपनी समस्याओं से मानसिक रूप से निजात पा चुके हैं और केवल भगवान के आसरे हैं। हां केवल एक अभिलाषा यह है कि हम अपने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को एक बार गांव में देखना चाहते हैं। आप विधायक हैं और उनसे आपकी मुलाकात होती है, अगर आप उनको गांव में ला सकें तो बात बन सकती है वर्ना हम तो भगवान का नाम ले ही रहे हैं। सोमवार को देर शाम पहुंची विधायक ने ग्रामीणों को पत्र दिखाते हुए कहा कि जीतने के बाद 18 जून को कैथी गांव की बिजली व सड़क मुद्दा विधानसभा में उठाया था। इसके बाद तीन जून को पहली बार उनका बजट आया जिसमें कैथी की 6 किलोमीटर सड़क बनाए जाने का प्रस्ताव दिया। बेचारगी जाहिर करते हुए कहा कि सपा के राज में अधिकारी नही सुनते तो क्या करूं। उन्होनें ग्रामीणों को बीमार होने का हवाला देते हुए कहा कि वह पहले ही गांव में आ जाती, पर वे काफी दिनों से बीमार हैं और पैर में भी चोट लगी है। ग्रामीणों ने कहा कि आपके कागज आपको मुबारक हों हम तो गांव की जमीन पर काम होता देखना चाहते हैं। वैसे गांव में सबके सामने विधायक ने अधिशाषी अभियंता विद्युत से बात कर एक की जगह दो ट्रासंफार्मर लगवाए जाने की बात कही।

इधर, अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि ग्राम कैथी की समस्याओं के निस्तारण के लिए लोक निर्माण विभाग, सेतु निर्माण निगम, बिजली विभाग के साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा गया था। बिजली का काम प्रारंभ हो गया है। सेतु निर्माण निगम जल्द ही काम प्रारंभ कर देगा। पैमाइश हो गई है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग भी सड़क बनाने का काम करेगा। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता की नियुक्ति कर दी है साथ ही संविदा के अन्तर्गत नियुक्त किए गए चिकित्सक की भी तैनाती किए जाने की बात चल रही है।

राम नाम का प्रभाव, होगा बिजली का 'प्रादुर्भाव'

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा.. - कैथी गांव के शिव मंदिर में 12वें दिन लगातार जारी रही राम धुन

- गड़ने लगे बिजली के पोल, लोगों के दिलों में उछलीं बल्लियां

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम के नाम को महामंत्र यूं ही नहीं कहा जाता। पिछले बारह दिनों से राम नाम महामंत्र का सस्वर जाप कर रहे कैथी गांव के लोगों ने जैसे ही बिजली के खंभों को जमीन पर गाड़े जाते देखा दिल बल्लियों उछल गया। उम्मेद सिंह के साथ ही दर्जनों ग्रामीणों के मुंह से निकला कि भैया यह तो स्वामी कामतानाथ जी का प्रभाव है। उनका नाम लेकर राम का नाम लेने बैठे थे और अब आशा बलवती हो चली है कि आने वाली दीवाली अंधेरे में नही बीतेगी।

अब कैथी गांव की क्या आसपास के दर्जनों गांवों के लोग आकर राम नाम महामंत्र का जाप शिव मंदिर पर कर रहे हैं। लोग खुद ही कहते हैं कि जिस दिशा में कैथी गांव चल पड़ा है उसकी तरक्की होना सुनिश्चित है। ग्रामीण भी कहते हैं कि भले ही गांव की समस्याओं को लेकर हम भगवान का नाम लेने के लिए एक हो गए हैं पर अब आगे गांव से पार्टी बंदी का नामो निशान मिटा दिया जाएगा। हिंसा के लिए गांव में कोई जगह नही होगी। आपस के झगड़े गांव में ही सुलझाए जाएंगे। गांव के नवयुवकों ने कहा कि बड़ों का आदर व छोटों को प्यार हमारी परंपरा के अंग हैं। अब किसी को भी इसे तोड़ने की इजाजत नही दी जाएगी और बिना किसी सरकारी सहायता के इस गांव को व्यसन मुक्त के साथ आदर्श गांव बनाने की पहल की जाएगी।

महारुद्र के चौबारे पर राम नाम की गूंज

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा.. - कैथी गांव के शिव मंदिर में लगातार 11वें दिन जारी रही राम धुन

- बिजली के तार गांव में पड़े, जल्द पोल लगा आपूर्ति देने की चर्चा

- पीडब्लूडी के जेई ने दिया सड़क का काम शुरू करने का आश्वासन

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : महाकाल के मंदिर में बैठे रामभक्तों की रामधुन की गूंज अब पूरी तरह से रवानी पर है। जहां एक तरफ इस मामले में पूरा गांव एक जुट है वहीं दूसरे गांव के लोग भी ग्रामीणों के इस राम नाम महायज्ञ की तारीफ करते नही अघाते हैं। फिलहाल कैथी गांव के शिव मंदिर में चौबीसों घंटे चलने वाले राम नाम संकीर्तन महायज्ञ में ग्रामीणों का बढ़ते उत्साह से आासपास के लोग भौचक हैं।

11 दिन बीतने के बाद भी कैथी के निवासियों के अनथके कदम आगे की ओर बढ़ रहे हैं। वैसे शुक्रवार को गांव में बिजली के तार विभाग ने पहुंचा दिए हैं। विभागीय सूत्र कहते हैं कि शायद एक दो दिन में पोल पहुंचने के बाद काम प्रारंभ कर पहले चरण में तीन किलोमीटर की लाइन दौड़ा कर बिजली की सप्लाई प्रारंभ कर दी जाएगी। जबकि दूसरे चरण में तीन किलोमीटर फिर नई लाइन बनाई जाएगी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी ग्रामीणों को बार बार फोन कर बता रहे हैं कि एक दो दिन में चंद्रावल नदी पर बने पुल पर बनने वाली सड़क का काम प्रारंभ करा दिया जाएगा। लेकिन ग्रामीण इस बात पर एक राय हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए वह तो केवल अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपने गांव में देखना चाहते हैं।

गांव के विकास शिवहरे ने बताया कि सुमेरपुर से उनके पास लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर का फोन आया था। उनका कहना था कि अब कैथी गांव की उनकी सड़क जल्द ही बना दी जाएगी। एक दो दिन में काम प्रारंभ होने की उम्मीद जताई। अरिमर्दन सिंह ने बताया कि गांव में बिजली की तार तो लाकर डाल दी गई है। विभागीय अधिकारी गांव में आकर कह रहे थे कि कल परसों में खंभे भी आ जाएंगे और लाइन खींच दी जाएगी।

जानकी बल्लभ तुम्हें प्रणाम!

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : भरुआ सुमेरपुर विकास खंड के कैथी गांव के उत्सवी माहौल की छटा देखने गुरुवार को उप जिलाधिकारी सदर आई एएस आशुतोष निरंजन पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बात कर उनका दर्द जाना और फिर कार्यक्रम के रजिस्टर पर अपने अलफाज उकेर दिए। लिखा कि वास्तव में यहां पर पुल पर सड़क, बिजली और अस्पताल में चिकित्सक व स्टाफ की जरुरत है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही इन समस्याओं का निदान करा दिया जाएगा। वैसे ग्रामीणों ने जहां गांव पहुंचने पर उनका स्वागत कर समस्याओं को देखने के लिए आभार व्यक्त किया वहीं राम नाम के संकीर्तन पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उधर पावर कारपोरेशन के अधिशाषी अभियंता ने अपने चिर परिचित अंदाज में गांव में तीन किलोमीटर डाली जाने वाली लाइन के काम को एक दो टरकाने की बात कही। कहा कि अभी लेबर की समस्या है। एक दो दिन में काम लगा दिया जाएगा।

दोपहर को बारह बजे के बाद कैथी गांव के पुराने शिव मंदिर पर चल रहे राम नाम संकीर्तन स्थल पर पहुंचे आईएएस आशुतोष निरंजन ने पहले तो ग्रामीणों से सभी समस्याओं पर बातचीत की और उसके बाद फिर उन्हें खुद के द्वारा लिखे गए पत्रों को दिखाया। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से गांव में डाक्टर व स्टाफ तैनात करने, अधिशाषी अभियंता पावर कारपोरेशन से बिजली लाइन डलवाकर गांव में बिजली जलवाने व अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग से चंद्रावल नदी पर बने पुल में सड़क बनाने के लिए लिखे गए पत्रों को दिखाया। ग्रामीणों कहा कि अब लगता है कि समस्याओं को निदान हो जाएगा। यह तो सब राम जी की कृपा से हो रहा है। इसके अलावा ग्रामीणों ने कहा कि उनकी अब कोई मांग है ही नही वह तो केवल गांव में एक बार अपने प्रिय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दर्शन करना चाहते हैं।

विकास के वास्ते राम के रास्ते

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम का नाम लेते हुए गुरुवार को कैथीवासियों नवां दिन भी गुजर गया। न चेहरे पर थकान, न चिंता और न ही किसी तरह का दुराव, हा अगर कुछ यहां पर दिखाई दे रहा है तो वह आत्मविश्वास से भरे ओज भरे वह चेहरे जिनको अब पूरा भरोसा है कि आज नहीं तो कल अखिलेश भैया जरुर गांव के शिव मंदिर पर बैठकर राम राम करेंगे।

उत्साहित गांव के लोग बताते हैं कि गांव की रिश्तेदारियां प्रदेश के तमाम जिलों व बाहर भी हैं। देश के अन्य इलाकों व देश से बाहर से गांव के निवासियों के पास अब फोन आने प्रारंभ हो गए हैं। फोन करने वाला हर एक शक्स केवल एक ही बात करता है कि भइया राम का नाम लेते रहना। गांव में न केवल अखिलेश आएंगे बल्कि गांव की सड़क और बिजली भी आएगी। जिसके बाद गांव का विकास अपने आप हो जाएगा।

गांव के अरिमर्दन सिंह, विकास शिवहरे,रज्जन आदि लोग कहते हैं कि गांव का विकास चाहे जब हो पर एक बात तो साफ हो गई है कि इस राम राम यज्ञ ने लोगों के दिलों के अंदर की खाईयों को पाटने का काम किया है। सामूहिकता की जो भावना गांव में जन्मी है वह आने वाले समय के लिए अच्छी शुरूआत है। उन्होंने कहा कि गांव का विकास तो मुद्दा सर्वोपरि है और अब उस पर काम भी सरकारी अमले ने करना प्रारंभ कर दिया है। कहा कि जानकारी मिली है कि एसडीएम सदर आशुतोष निरंजन भी गुरुवार को गांव में आकर समस्याओं को देखने का काम करेंगे। कहा कि गांव में आकर समस्याओं को देखने की सरकारी अधिकारियों की पहल एक अच्छी प्रक्रिया है पर वादों और दावों के बाद जब गांव के विकास के काम हो जाएं तब समझ में आए। उन्होंने कहा कि कोई आए कोई जाए इससे अब कोई फर्क नही पड़ता क्योंकि सभी ग्रामीणों का संकल्प केवल अखिलेश भैया को गांव में बुलाने का है और सभी को विश्वास है कि वह एक दिन गांव जरूर आएंगे।

विधायक ने किया फोन

सदर विधायक साध्वी निरंजन ज्योति ने गांव में बुधवार की देर रात चल रही रामधुन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अभी उनकी तबियत खराब है और वह मूसानगर में हैं। वैसे गांव में बिजली जलवाने के लिए अपनी निधि से इस्टीमेट बनवाकर वह जुलाई के महीने में ही विभाग को भेज चुकी हैं। जल्द स्वस्थ होने पर वह गांव में पहुंचकर गांव की समस्याओं को लेकर जनता का साथ देंगी।

जय रघुनंदन जय सियाराम

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी गांव के शिव मंदिर में आठवें दिन भी जारी रहा राम भजन

- बिजली का काम प्रारंभ होने की उम्मीद, सड़क भी जल्दी बनेगी

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम राम जपने में लगे कैथी गांव के लोगों का उत्साह जहां इस समय चरम पर दिखाई दे रहा है, वहीं सरकारी अमला भी अब आठ दिनों बाद सक्रियता दिखाता नजर आता है। केवल सक्रियता दिखाने का काम सरकारी अमला ही नही कर रहा है, बल्कि विधायक निरंजन ज्योति ने भी दो दिन के अंदर बिजली का काम प्रारंभ न होने पर गांव पहुंचकर भजन करने के लिए बैठने की घोषणा कर दी है।

अधिशाषी अभियंता विद्युत तरुण वीर सिंह ने कहा कि तीन किलोमीटर लाइन नई बनाने की स्वीकृति आ गई है। काम बुधवार की शाम गुरुवार की सुबह से प्रारंभ किया जा सकता है। इधर सुबह से ही गांव का वातावरण अत्यंत उल्लिसित दिखाई दिया। गांव के प्राचीन शिव मंदिर में ग्रामीण बड़े ही मनोयोग से राम का नाम सस्वर में गायन करने का काम कर रहे थे। बच्चियां व बूढ़ों के अंदर भी इस समय गांव में अजीब किस्म की ऊर्जा का संचार देखा जा रहा है। आज तो भोले बाबा के मंदिर के समीप ही मां अम्बे की झांकी की स्थापना भी कर दी गई है। जिसमें महिलाएं मंगलगीत गाती नजर आ रहीं थी। महिलाओं का कहना है कि भइया जब से पैदा हुए तब से गांव में किसी भी काम को लेकर इतना उत्साह नही देखा गया। इस काम में तो शायद गांव का एक भी ऐसा घर नही है जो अपना सक्रिय योगदान न दे रहा हो।

उधर दैनिक जागरण कार्यालय पर पहुंचकर विधायक साध्वी निरंजन ज्योति ने बताया कि उन्होंने जुलाई के महीने में ही अपनी निधि से गांव में बिजली लाइन डलवाने के लिए स्वीकृति पत्र दिया था। विभाग ने उसे बांदा कार्यालय में भेज दिया था, पर इतना काम इतना सुस्त है कि अब क्या किया जाए। उन्होंने वहीं से मोबाइल पर जब अधिशाषी अभियंता तरन बीर सिंह से बात कराई तो उन्होंने कहा कि चीफ इंजीनियर कार्यालय से स्वीकृति आ चुकी है और तीन किलोमीटर लाइन को बनाने का काम कल या परसों से प्रारंभ करा दिया जाएगा। विधायक ने कहा कि अगर काम एक दो दिन में नही लगता है तो वह खुद जाकर गांव वालों के साथ भजन करने बैठ जाएंगी।

उधर गांव कैंथी में आज लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जाकर ग्रामीणों से कहा कि उन्हें सड़क बनाने के आदेश 12 अक्टूबर को मिल गए हैं। एक दो दिन में सड़क बनाने का काम प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसलिए अब राम राम आंदोलन को विराम दें दें। ग्रामीणों ने कहा कि आपका काम सड़क बनाना है। आप सड़क बनाएं न बनाएं। हम तो अखिलेश भइया को बुलाने के लिए राम राम करने के लिए संघर्षरत हैं। हमें किसी से बुराई या भलाई नही है।

एक नहीं तीन गांवों के हालात कैथी जैसे

- चित्रकूट आ रहे मुख्यमंत्री से जगी उम्मीदें

- सपा ने ही दी थी पुल बनाने की स्वीकृति

हमीरपुर कार्यालय : भले ही भरुआ सुमेरपुर ब्लाक का गांव कैथी रामधुन के जरिए मुख्यमंत्री के आने की आस लगाए बैठा हो, पर आज चित्रकूट की हवाई पट्टी का उद्घाटन करने आ रहे मुख्यमंत्री की नजरें अगर इस जिले में इनायत हो जाए तो कम से कम तीन और बने पड़े पुलों का भाग्य बदल सकता है। गंभीर बात तो यह है कि लगभग सभी पुलों पर सेतु निर्माण निगम ने अपना काम लगभग समाप्त कर दिया है। अब बारी एप्रोच मार्ग बनाने की है लोक निर्माण विभाग की है। लेकिन अपनी लचर कार्यशैली के मशहूर इस विभाग के अधिकारियों को शायद जिले में किसी बड़े आंदोलन का इंतजार है।

वैसे तो राम के नाम का सहारा लेकर कैथी गांव के लोग बैठे ही हैं। उन्हें आशा ही नही बल्कि अब पूरा विश्वास हो चला है कि अखिलेश भइया तक उनकी बात जरूर पहुंचेगी और वह गांव में आकर राम-राम करेंगे।

बताते चलें कि पूर्व सपा शासनकाल में जिले के विकास के लिए तीन पुलों की स्वीकृति प्रदान की गयी थी, जो आज भी अधूरे पड़े हैं। वर्ष 2006 में जिले को सपा सरकार ने तीन नए पुलों की सौगात दी थी। यह तीनों पुल बेतवा, यमुना और चन्द्रावल नदी पर बनाए जाने थे। इन पुलों का निर्माण कार्य 2010-2011 में खत्म होना था लेकिन यह सभी आज भी आधे-अधूरे पड़े हैं। इन पुलों के बन जाने से आवागमन की दूरी तो घटेगी ही जिले का विकास भी तेज हो जाएगा। जहां मनकी पुल से आवागमन की दूरी करीब 40 किलोमीटर घट जाएगी, वहीं कैंथी व जलालपुर के आसपास के गांवों के ग्रामीणों को तैरकर नगर नहीं आना पड़ेगा।

विदित है कि पूर्व में कानपुर-सागर मार्ग पर बने यमुना पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात बाधित रहा, लोगों को कुरारा, जोल्हूपुर मोड़ कालपी होते हुए कानपुर यात्रा करनी पड़ती थी। वर्तमान में कुरारा से मूसानगर वाया हमीरपुर होकर जाने पर दूरी करीब 65 किमी पड़ती पड़ती है। पुल बन जाने पर यह घटकर 25 किमी ही रह जाएगी।

नहीं किसी का आसरा, केवल राम का सहारा

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : भज लो सीताराम. भज लो सीताराम. ढोलक में बैठी मां शारदा. जी हां अब कैथी गांव की रामधुन का स्वरूप बढ़ता जा रहा है। जहां एक रामधुन विशुद्ध शास्त्रीय तरीके से चल रही है। वहीं यहां पर लोक संगीत की बहार भी देखी जा रही है।

कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में जन समस्याओं को लेकर गत मंगलवार लोगों द्वारा शुरू की गयी राम धुन शनिवार को निर्बाध गति से पाँचवें दिन भी जारी रही। राम भजन में लोगों का उत्साह बढ़ता ही जा रहा है। हारमोनियम और ढोलक की सहायता से विभिन्न राग रागिनियों के साथ ग्रामीण अपने ही अंदाज में देवता को मनाने के प्रयास में जुटे दिखाई दे रहे हैं। वैसे भी बुंदेलखंडी लोक संगीत के मामले में काफी संबृद्ध माना जाता है। यहां पर हर काम की शुरूआत भगवान को मनाने व आमंत्रण देने के साथ ही जाती है। लोक संगीत के लगभग हर गीत में राम, कृष्ण और देवी को मनाने के स्वर सुने और सुनाए जाते हैं।

प्रभाती के साथ शयन में हैं मधुर स्वर

सुबह 6 बजे से 10 बजे तक महिलाओं और बच्चियों की राग रागिनियां जहां गांव के वातावरण में रस घोलने का काम करते दिखाई देते हैं, वहीं शाम छह बजे से दस बजे तक उनके स्वरों से ऐसा प्रतीत होता है कि वह लोरियां गा रही हों। गांव के लोग कहते हैं कि मां जब घर से नहा धोकर आकर राम भजन करने लगती है तो ऐसा लगाता है कि वह प्रभाती गाकर बच्चों को जगा रही है और शाम को गाने के स्वर लोरियों जैसे सुनाई देते हैं।

बुजुर्गो में है उत्साह

गांव के बुजुर्गो में इन दिनों भारी उत्साह है। उनका कहना है कि अब उनके कानों में हर क्षण परमेश्वर के नाम का उच्चारण पड़ता है। ऐसा लगता है कि मानो स्वर्ग का सुख यहीं मिल रहा है।

राम भजन से शायद हमारे भी दिन बहुरें

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी गांव में चौथे दिन भी जारी रही रामधुन, दूसरे गांव के लोग भी आ रहे साथ देने

- चार चार घंटे की पाली में होता है भजन, आठ घंटे हैं महिलाओं के लिए आरक्षित

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : हरि हर का नाम चौबीसों घंटे जप रहे भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के गांव कैथी के निवासियों का उत्साह अब और बढ़ता दिखाई दे रहा है। क्योंकि अब उनका साथ देने के लिए गाव के मुखिया तो सामने आ ही चुके हैं साथ ही आसपास के गांवों के लोग इसलिए आ रहे हैं कि शायद इस गांव के बाद उनका भी नम्बर लग जाए। गांव की समस्याओं को लेकर कैथी में चल रहे इस अनोखे आंदोलन को देखने के साथ ही सहभाग करने का काम किसवाही, मौहार व धुंधपुर के लोग कर रहे हैं।

दूसरे गांव के ग्रामीणों का कहना है कि इस आंदोलन में सहभाग करने के दो फायदे हैं। समस्याओं का निस्तारण तो राम जी कर ही देंगे साथ ही आगे की लड़ाई के लिए ऊर्जा भी उन्हीं से मिलेगी।

ग्राम प्रधान वासुदेव निषाद भी पिछले दो दिन से राम भजन करने में लगे हैं। उनका कहना है कि उनके बूते में जो है वह तो कर ही रहे हैं। कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ ही पीडब्लूडी व अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बात की, पर हर जगह आश्वासन के अलावा कुछ नही मिला। अब जब गांव के मंदिर में राम राम चालू ही हो गई है तो फिर पीछे क्यों रहा जाए। सबके साथ मिलकर ही गांव की समस्याओं का निदान भगवान की शरण में जाकर ढूंढा जा रहा है।

गांव के अरिमर्दन सिंह ने बताया कि भजन करने के लिए चार चार घंटे सभी ने बांट रखें हैं। सुबह के चार घंटे व शाम के चार घंटे महिलाओं की जिम्मेदारी रहती है, व दिन भर गांव के लोग राम राम करते हैं। बताया कि एक बार में पचास से पचहत्तर लोग जुटते हैं। प्रभारी जिलाधिकारी रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि कैथी गांव में राम धुन गूंज रही है। इसकी उन्हें सूचना है। गांव में पीडब्लूडी के अधिकारियों को भेजकर सड़क का सर्वे करा लिया गया है। बिजली विभाग के अलावा राजस्व व अन्य अधिकारी भी गांव में जल्द जाकर समस्याओं के चिह्नीकरण करने का काम करेंगे।

बेपरवाहों से मोह भंग, व्यथा की चर्चा राम संग

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : कल तक कौतूहल था पर आज उनके लिए सबसे बड़ा खेल का मैदान गांव का शिव मंदिर हो चला है। बाबा, पिता और माता जी को मंदिर में कातर स्वर में रामधुन का उद्घोष करते देख छोटे छोटे बच्चों के अंदर भी उत्साह अपने आप उमड़ पड़ता है और फिर खेलने के समय को वह राम राम करने में बिता रहे हैं।

बताते चलें कि जिले के भरुआ सुमेरपुर के कैथी गांव में बिजली-सड़कें न होने, पेयजल संकट व अन्य समस्याओं पर अब तक नेता व अधिकारी नहीं चेते हैं, जिससे यहां जन समस्याएं बरकरार हैं। इससे आजिज लोगों ने मंगलवार को यहां के प्राचीन शिव मंदिर में राम नाम का जाप शुरू कर दिया है। इन्होंनें ने 50-50 लोगों के समूह बना रखे हैं। इसके चलते बारी-बारी से लोग राम नाम का जाप करते रहते हैं, जिससे तीन दिन से राम धुन अखंड रूप में गूंज रही है। गुरुवार को यहां तीसरा दिन था। लोगों की मांग है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यहां आकर उनके साथ राम धुन गुनगुनायें। हालांकि इस भक्ति आंदोलन में अब तक कोई खास या वीआईपी शख्स नहीं आया है।

बच्चों की तोतली भाषा और उनकी तालियों की गड़गड़ाहट जब माइक पर गूंजती हैं तो उनकी माएं व दादियां बलाएं लेने के लिए चल देती हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि गांव के विकास के इस यज्ञ का हमराही कोई एक व्यक्ति नही है। बल्कि साथी हाथ बढ़ाना की तर्ज पर सभी लोग जुट रहे हैं।

गांव के बुजुर्गो ने अपना समय भोर के साथ ही दोपहर व देर शाम का तय कर रखा है तो महिलाएं दोपहर को चूल्हा चौका से निजात पाकर भगवान का नाम लेने चली आती हैं। रात को गांव के नौजवानों की पूरी टीम राम का नाम लेती है साथ ही शाम का समय गांव की किशोरियों और छोटे बच्चों के हवाले रहता है।

बदल रहा है गांव का माहौल

गांव के अरिमर्दन सिंह बताते हैं कि अब उनके गांव का माहौल बदलता दिखाई दे रहा है। इसे ईश भक्ति का चमत्कार कहें या फिर कुछ और जो कल तक बेगानों जैसा व्यवहार कर रहे थे वह भी आज आकर रामधुन करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तो गंगा का डेरा, राम शरण का डेरा, रघुराज का डेरा व अन्य डेरों से लोग रामधुन करने आ रहे हैं। बल्कि आस पास के गांवों से लोग भी आकर उनकी इस मुहिम का साथ देकर हौसला बढ़ा रहे हैं। कहा कि यहां तक कि गांव में आने वाले रिश्तेदार भी इस यज्ञ में अपनी आहुतियां डालकर अपने आप को कृतार्थ कर रहे हैं।

बच्चों में है भारी उत्साह

रामू, कल्लू, सोनू, राम नरेश, गुड़िया, रानी आदि ने बताया कि भगवान का नाम लेने में अच्छा लगता है। अगर गांव में बिजली जली तो और भी ज्यादा खुशी मिलेगी। बिजली के आने से हम लोग पढ़ाई तो कम से कम कर सकेंगे। कहा कि अभी गांव से शहर में मेला देखने जाने के लिए पैदल ही जाना पड़ता है। पुल पर सड़क बन जाने के बाद कम से कम पैदल तो नही जाना पड़ेगा।

बदलती बयार लाएगी क्रांति

गांव की कमला कुशवाहा, रानी यादव, वंदना, मुलिया, माया शिवहरे आदि इस बदली फिजा से काफी प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि लगातार तीन दिनों से गांव में रामधुन गूंज रही है। राम के नाम में बड़ी शक्ति है। इससे गांव का विकास तो होगा ही साथ ही अगर गांव में अखिलेश भैया आए तो हम सब लोग कृतार्थ हो जाएंगे।

कैथी गांव में जारी रही राम धुन

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा.. - लगातार दूसरे दिन भी उत्साह से भरे रहे वृद्ध, महिलाएं व बच्चे

- पुल के दोनों ओर सड़क बनाने के लिए सर्वेक्षण का काम प्रारंभ

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : समस्याओं से आजिज आकर भगवान की शरण में गए कैथी गांव व उसके मजरों के निवासी दूसरे दिन भी भोले बाबा के प्राचीन मंदिर में रामधुन करने में लगे रहे। गांव के बुजुर्ग नवजवानों में कीर्तन की लगन को देखकर प्रसन्नता से भरे हुए हैं, वहीं महिलाएं व बच्चे भी राम धुन गाने में पीछे नहीं है।

बुजुर्ग उम्मेद सिंह कहते हैं कि समस्याओं से निदान यह तरीका सबसे उत्तम है। कहा कि केवल भारत की नही देश से चित्रकूट में स्वामी कामतानाथ भगवान के दर्शनों के लिए लोग आते हैं। भगवान कामतानाथ को समस्याओं से समाधान का केंद्र बिंदु मानने वाला हर बुंदेलखंडी वहां का भक्त है। भगवान राम ने भी चित्रकूट में बारह साल निवास कर रावण का संहार करने के लिए ऊर्जा एकत्र की थी। कहा कि हमने भी अपनी समस्याओं से निजात के लिए उसी भगवान राम से गुहार लगाई है।

गांव के सतीश चंद्र शिवहरे, लाल जी पाल, राम बिलास सिंह, राकेश विश्वकर्मा आदि लोगों ने कहा कि गांधी जी ने तो रघुपति राघव राजा राम, सबको सन्मति दे भगवान का जाप कर देश को आजादी दिला दी थी। हम तो अपने गांव को उजाले की ओर ले जाने के लिए राम के नाम का जप कर रहे हैं। अब तो जब गांव में जब मुख्यमंत्री के चरण पडे़ंगे तभी इस यज्ञ की पूर्णाहुति होगी।

होने लगी सड़क की नाप

हमीरपुर : मंगलवार को दोपहर जैसे ही गांव के लोग राम-राम का कीर्तन करने बैठे ठीक उसके दो घंटे बाद हव तड़के लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी गांव पहुंच गए। उन्होंने चंद्रावल नदी पर सेतु निर्माण निगम द्वारा बनाए गए पुल की लम्बाई नापने के साथ ही दोनो तरफ की सड़क नापने का काम किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह तो राम जी का प्रताप है, वह क्या क्या न करवा दें।

अपने नकारा, अब 'हरिहर' सहारा

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : 'दाता एक राम भिखारी सारी दुनिया..' से प्रेरणा लेकर भरुआ सुमेरपुर के कैथी गांव के लोगों ने अपनी समस्याओं का पुलिंदा अब 'भोले बाबा' के मंदिर में विधिवत हवन पूजन कर 'राम' को सौंप दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब इस राम नाम उद्घोष यज्ञ की पूर्णाहुति तभी होगी, जब सूबे के मुखिया अखिलेश सिंह यादव आकर मंदिर के ओसारे पर उनके साथ बैठकर राम-राम करेंगे।

छह हजार की आबादी वाले बड़े गांव कैथी में अब तक बिजली लापता है तो सड़कें भी नदारद हैं। गांव के रहने वाले अरिमर्दन सिंह कहते हैं कि भइया आजादी के बाद से गांव से समस्याओं को खत्म कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, सड़क और अन्य सुविधाओं को दिए जाने की गुहार छह हजार की आबादी वाले ग्राम सभा के हर ग्रामीण में हर एक अधिकारी की चौखट पर लगाई है, पर किसी का दिल नहीं पसीजा। नेताओं से चुनाव के समय आश्वासनों की चासनी मिली तो अधिकारी भी उसी अंदाज के मिले। कभी किसी अधिकारी से गांव आकर समस्याएं देखने का आश्वासन मिला तो उसका स्थानांतरण हो गया। अब गांव की दूसरी व तीसरी पीढ़ी इस आजाद भारत में अंधेरे में पैदा हो रही है। तो क्या करें, अब तो उसी दाता का आसरा है इसलिए अब सभी गांव वालों ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि हमें किसी से भी गिला शिकवा या शिकायत नही है। मंदिर में राम बहादुर यादव, विकास शिवहरे, अवधेश, राम विलास सिंह, जितेन्द्र सिंह चौहान, उम्मेद सिंह, वासुदेव निषाद, रामदास कुटार, खुशी राम, शिव चरन ने कहा कि हमें अब अपने भगवान से मतलब है। हमारी पूरी शिकायत अब उस पैदा करने वाले से हैं कि क्या हमारा गांव दूसरे गांवों जैसा नहीं है। जब अन्न यहां पर उपजता है और हैंडपम्प पानी देते हैं तो सड़क पर चलने का अधिकार हमारा नहीं है या फिर हमारे बच्चों को सही ढंग से पढ़ने इलाज कराने और बिजली से गांव रोशन होने से वंचित क्यों किया है।

अब नीचे वाले नहीं, ऊपर वाले भगवान से करेंगे फरियाद

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : अकल्पनीय पर बिलकुल सच. छह हजार की आबादी वाले भरूआ सुमेरपुर ब्लाक के गांव कैथी व उसके छह मजरों ने आजादी के बाद से अब तक घरों में बिजली के बल्ब एक बार 28 साल पहले जलते देखा है। इतना ही नहीं बच्चे भी यहां अस्पताल में कम जर्जर सड़क पर ज्यादा पैदा होते हैं। गांव के हालात ऐसे कि लगता नहीं कि यहां के निवासी आजाद देश के नागरिक हों। गांव के लिए लेखपाल, सचिव ही सबसे बड़े अधिकारी बने हैं। स्कूल में एक अध्यापक के ऊपर पांच सौ बच्चों की जिम्मेदारी है तो विद्यालय की इमारत में ही पुलिस ने चौकी खोल डाली है। छह साल पहले गांव में जाने के लिए चंद्रावल नदी पर पुल का निर्माण प्रारंभ हुआ तो ग्रामीणों को लगा कि चलो अब सड़क बन जाने से मुश्किलें आसान होंगी पर ऐसा हो न सका। विकास की किरण के इस गांव तक पहुंचने से पहले ही समय रथ में फंसकर वह दम तोड़ देती है। इसलिए अब ग्रामीणों ने अपनी राह खुद चुन ली है। उन्होंने स्थानीय स्तर के अधिकारियों से गुहार लगाने से तौबा करने के बाद कहा कि अब वे सीधे ऊपर वाले से बात करेंगे। गांव के अरिमर्दन सिंह कहते हैं कि जब कहावत है कि 'हारे को हरिनाम' तो अब हम सिस्टम से लड़कर हार चुके हैं। अब हमारे सामने भगवान का नाम लेने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं है। भगवान का नाम लेने के पीछे की मंशा स्पष्ट करते हुए वह कहते हैं कि संघर्ष पिछले दो दशक से ज्यादा समय से सुविधाओं को पाने के लिए जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ चल रहा है। अब गांव के पुराने मंदिर में सभी स्त्री पुरुष मिलकर राम धुन गाएंगे और यह मंगल कामना करते हैं कि जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हमारे यज्ञ की पूर्णाहुति करेंगे तभी हम उठेंगे। कहा कि मुख्यमंत्री से भी उनकी कोई मांग नहीं है। वह तो मुख्यमंत्री को केवल अपना गांव दिखाना चाहते हैं।

रविवार को गांव के मंदिर में सैकड़ों लोगों ने हाथ उठाकर शपथ ली कि जब तक मुख्यमंत्री यहां पर आकर रामधुन में साथ नहीं देंगे वह लोग नहीं उठेंगे। मंदिर में राम बहादुर यादव, विकास शिवहरे, अवधेश, राम विलास सिंह, जितेन्द्र सिंह चौहान, उम्मेद सिंह, वासुदेव निषाद, रामदास कुटार, खुशी राम, शिव चरन आदि लोग मौजूद रहे।

गांव की प्रमुख समस्याएं

खंभे व तार खिंचे होने के बाद बिजली 28 साल से नहीं

अधूरा बना पुल

गांव के लिए सड़क ही नहीं

विद्यालय में 500 बच्चों पर केवल एक अध्यापक

अस्पताल में ताला बंद

पग पग चले बन गया कारवां..

हमीरपुर : कभी भी हमीरपुर जिला मुख्यालय हिन्दुस्तान के नक्शे से गायब हो सकता है। यह आशंका विधायक साध्वी निरंजन ज्योति ने दैनिक जागरण द्वारा आयोजित मिनी फोरम के दौरान महिला महाविद्यालय के ऑडीटोरियम में व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि मौरंग माफिया बेतवा की मौरंग को इतनी गहराई से जाकर खोद रहे हैं कि यहां कभी भी भूकंप आ सकता है। सुझाव देते हुए कहा कि सरकार को जिला मुख्यालय से 15 किमी. दूरी तक के स्थान पर खनन से रोक लगा देनी चाहिए। सड़कों की बदहाली पर प्रहार करते हुए कहा कि सड़कें ऐसी हैं कि बच्चे अस्पताल पहुंचने के पहले पैदा हो रहे हैं।

लोग जिम्मेदारी बखूबी निभाएं

जिलाधिकारी बी चंद्रकला ने कहा कि समाज के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सामाजिक जीवन में हर काम संजीदगी से करें। सामूहिक बातचीत के द्वारा विकास के रास्ते खोजे जा सकते हैं, इससे 80 प्रतिशत समस्याओं का समाधान अपने आप हो जाएगा।

पुलिस अधीक्षक रतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मूलभूत आवश्यकताओं का चिन्हांकन जरूरी है। विश्लेषण करें और उसके बाद अपनी योजना बनाएं तो परिवार, गांव, समाज, देश प्रगति के रास्ते पर अग्रसर होगा।

अपर जिलाधिकारी रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है, गांवों में जागरूकता का अभाव है वहां समस्याएं भी हैं, पीड़ित लोग जानकारी व जागरूकता के अभाव में चक्कर लगाकर थक जाता है और हताश होकर घर बैठ जाता है पर मीडिया के लोग गांव में घुसकर सटीक सूचनाएं लाते हैं और उनके प्रकाशित होने के बाद उन तक सही सूचनाएं पहुंच पाती हैं जिससे उन समस्याओं के समाधान में प्रशासन निराकरण में सहयोगी बनता है।

महिला महाविद्यालय के प्राचार्य राज कुमार ने कहा कि एक तरफ तो अध्यापकों की कमी है तो दूसरी तरफ शिक्षकों को शिक्षण के अलावा दूसरे काम में डयूटी लगाई जा रही है। जिसके कारण शिक्षा का स्तर गिर रहा है। छात्रा स्वातिका परिहार ने भी अपने विचार रखे।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रज किशोर गुप्त ने संकल्प ले आने वाले कल को बेहतर बनाने में जनसमस्याओं में सहयोग की बात दोहरायी। आभार प्रदर्शन व स्वागत करने का काम दैनिक जागरण के ब्यूरो प्रमुख संदीप रिछारिया ने किया। संचालन समर्थ फाउंडेशन के देवेन्द्र गांधी ने किया।

🕉️🚩 गंगा दशहरा पर सेवा का अमृत : रामघाट पर त्रिवेणी शरबत महोत्सव बना जनसेवा का उत्सव 🚩🕉️

चित्रकूट धाम के पावन रामघाट में आयोजित त्रिवेणी शरबत महोत्सव 2026 श्रद्धा, सेवा और सनातन संस्कृति का अनुपम संगम बनकर सामने आया। भीषण ग्रीष्म...