Thursday, April 4, 2013

अब कैथी में होगा राम नाम का दूसरा आंदोलन

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : अभी तक तो केवल माइक लगाकर ऊँचे स्वर में ही राम नाम का संकीर्तन करने का काम कैथी में चल रहा था पर दीपावली के दिन श्री गणेश मां लक्ष्मी के पूजन के पहले राम नाम के जप का भी आंदोलन प्रारंभ हो गया। रणनीति पूरी फाइनल हो चुकी है, बस चार चार घंटे की डयूटी कर राम नाम की माला फेरने वालों के नाम फाइनल करना बांकी है।

अब तो इस अनोखे आंदोलन में व्यवस्था देख रहे लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि नाम ज्यादा है और समय कम तो कैसे सभी के हाथों में माला देकर राम नाम का जाप करवाया जाए।

राम धुन के आसरे समस्याओं से समाधान की ओर बढ़ते भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव में लोगों को शिव मंदिर के ओसारे पर बैठे रविवार को 34 दिन बीत गए। इधर तो राम धुन में ग्रामीणों के साथ ही बाहर से आने वालों की तादाद को देखते हुए मंदिर में समुचित प्रबंध किए गए हैं। इसके साथ ही ग्राम प्रधान के नेतृत्व में लोगों ने मंदिर के सामने की जमीन को साफ कर एक कांसे की कुटिया का निर्माण करने के साथ ही यहां पर एक यज्ञ वेदी का निर्माण किया है।

ग्रामीणों की मानें तो दीपावली की दोपहर बाद यहां पर संकीर्तन के साथ ही कुटिया के अंदर पांच भक्त राम नाम माला फेरने का आंदोलन प्रारंभ कर देंगे। इसके लिए पांच पांच लोगों की चार चार घंटे की डयूटी लगाई जाएगी। ग्राम प्रधान वासुदेव निषाद कहते हैं कि वह खुद इस बात को लेकर आश्चर्यचकित हैं कि गांव के लोग माला फेरने के लिए अति उत्साह दिखा रहे हैं। अभी तक सैकड़ों लोग इस काम के लिए अपनी सहभागिता दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली के बाद तो रामधुन में और भी ज्यादा लोगों की सहभागिता हो जाएगी क्योंकि उस समय तक खेती किसानी का समय खत्म हो जाएगा और घरों में चल रही लिपाई और पुताई का काम भी समाप्त हो चुका होगा।

द्वापरकाल से जारी है अनूठी परंपरा 'दीवारी'

संदीप रिछारिया, हमीरपुर

'सावन सजी कजिलिया, भादौं सजी पुछार, कातिक सजै मौनिया, धरे गऊ की पूंछ..' इस तरह की कूंकियों वाली आवाजें जिले के हर गांव व पुरवों में सुनाई दे रही हैं। भादौं की पंचमी को नैकेश्वर बाबा की पूजा व दशहरे की रात लाठियों को पूजने के बाद अब रातों रात दीवारी खेलकर मौनिये तैयार हो रहे हैं। श्री चित्रकूट धाम में बाबा कामतानाथ के दरवाजे हाजिरी लगाने के बाद फिर यह शहर और गांव की गलियों में अपना उल्लास भरा हुड़दंग बिखेरते खिचड़ी तक दिखेंगे।

कहते हैं कि द्वापर में कालिया के मर्दन के बाद ग्वालों ने श्री कृष्ण का असली रूप देख लिया था। श्री कृष्ण ने उन्हें गीता का ज्ञान भी छुटपन में दे दिया था। गो पालकों को दिया गया ज्ञान वास्तव में गाय की सेवा के साथ शरीर को मजबूत करना था। श्री कृष्ण ने उन्हें समझाया कि इस लोक व उस लोक को तारने वाली गाय माता की सेवा से न केवल दुख दूर होते हैं बल्कि आर्थिक सम्बृद्धि का आधार भी यही है। इसमें गाय को 13 वर्ष तक मौन चराने की परंपरा है। आज भी यादव (अहीर) और पाल (गड़रिया) जाति के लोग गाय को न सिर्फ मौन चराने का काम करते हैं, बल्कि दीवारी भी खूब खेलते हैं।

लोकध्वनि के सचिव डॉ. राम भजन सिंह कहते हैं कि बुंदेली लोकसंगीत का नायाब नमूना है दीवारी नृत्य और गायन। वैसे आज हमारी दीवारी भाषा और रागों की सीमा से परे होकर देश और विदेश में विचरण कर रही है। लेकिन सच्चाई यह है कि भले ही बुंदेली जन राम के उपासक हों पर वास्तव में वैष्णव भक्ति की दूसरी धारा कृष्ण की भक्ति यहां गांव- गांव में बहती है। इसका परिणाम है कि बुंदेलखंड के हर गांव में दीवारी की कम से कम एक टीम जरूर मिल जाती है। वह कहते हैं कि दीवारी के नृत्य में पैरों व कमर में बंधे घुंघरुओं की रुनझुन के साथ लाठियों की लड़ाई में शरीर में लोच, फुर्ती और चतुराई को बढ़ाती है वही इसका गायन चेहरे के ओज की वृद्धि करने वाला है।

सहज किनारा मिलेगा जरूर

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : कैथी गांव के लोगों को राम का नाम लेते शनिवार को 33 दिन बीत गये हैं, लेकिन लोगों को उम्मीद है कि सहज किनारा जरूर मिल जाएगा। सूबे के मुखिया अखिलेश सिंह यादव गांव में जरूर आकर न केवल दस मिनट राम राम करेंगे बल्कि यज्ञवेदी में आहुतियां भी डालकर रामधुन को विश्राम देंगे।

गांव के प्राचीन शिव मंदिर समेत आस-पास राम धुन में मगन ग्रामीणों की चर्चा के स्वर बदल चुके हैं। राममय वातावरण में लोग आत्मविश्वास से लबरेज हैं। दीपावली के दिन से मंदिर के सामने के मैदान में कांसे की कुटिया पर पांच भक्त राम नाम की माला फेरेंगे। साथ ही बगल में हवन वेदिका बनाई जा रही है, जिसमें मुख्यमंत्री हवन करेंगे। तभी इस राम नाम यज्ञ की पूर्णाहुति होगी।

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'भैया, राम धुन से गांव पवित्र हो गया है। यहां लोग आपस में प्रेम करना सीख गए हैं। बड़ों का आदर, छोटो को प्यार और आपसी सहकार की भावना लोगों में पनपी है, वह आनंदित करती है। मैं भी रात में 8 बजे से लेकर 2 बजे तक रामधुन में शामिल होकर सबका उत्साह बढ़ाता हूँ।'

- वासदेव निषाद, ग्राम प्रधान

भटककर आये उड़नखटोले से ग्रामीणों में बढ़ा उत्साह

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : गांव की समस्याओं के निजात दिलाने के लिए राम से विनती कर रहे ग्रामीणों का उत्साह उस समय चरम पर पहुंच गया जब कैथी गांव के ऊपर से उड़ता हुआ एक हेलीकाप्टर निकला। सुखद बात यह रही कि इस हेलीकाप्टर ने कैथी गांव के उस मंदिर के ऊपर भी चक्कर मारा जहां पर रामधुन पिछले 32 दिनों से गायी जा रही है।

आसमान में दूर से आते हेलीकाप्टर को देखकर कैथी ही क्या आसपास के मउहर व अन्य गांवों में उत्साह छा गया। दस मिनट के अंदर ही रामधुन स्थल पर हजारों लोग जमा होकर जय श्री राम के जयकारे लगाने लगे। अचानक बदले माहौल से वहां पर राम धुन गा रहे लोग भी आनंदित हो सठे। फिर क्या था जवाबी जय श्री राम गूंज उठा। ग्रामीणों को लगा कि हेलीकाप्टर में मुख्यमंत्री आए हैं। लगभग आधे घंटे के बाद जब पूरी तस्वीर साफ हुई तो समझ में आया कि यह हेलीकाप्टर कहीं से भटक कर आ गया था।

फिलहाल गांव के उम्मेद सिंह, अरिमर्दन सिंह, विकास शिवहरे आदि ने कहा कि आज भले ही हेलीकाप्टर भटक कर आया है पर राम जी के प्रताप से वह दिन भी दूर नही जब हेलीकाप्टर पर बैठकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गांव में आएंगे और राम राम के चार बोल बोलकर आनंदित करेंगे।

फिलहाल इस घटना के बाद न केवल कैथी के निवासी बल्कि भरुआसुमेरपुर व मौदहा के निवासियों के साथ जिले में इस बात की चर्चा सुनाई दे रही है कि दीपावली के बाद किसी भी दिन मुख्यमंत्री कैथी आ सकते हैं।

समस्याओं को भुला माहौल हुआ राममय

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : कहते हैं कि जहां अनवरत राम का नाम गूंजता है, वहां अशांति समाप्त हो जाती है। भरुआ सुमेरपुर क्षेत्र के कैथी ग्राम में शिव मंदिर आइये, अपने आप अनुभव हो जाएगा कि राम के नाम के उच्चारण करने मात्र से प्रभाव क्या होते हैं।

यहां के शिव मंदिर के ओसारे पर बैठकर भक्तों को राम के नाम को गाते गुरुवार को 31 दिन पूरे हो गए, लेकिन 'राम काज कीन्हे बिनु, मोहि कहां विश्राम..' की तर्ज पर गांव के लोग राम का नाम लेने में जुटे हुए हैं। आश्चर्यजनक बात यह है कि पिछले इकतीस दिनों से गांव में किसी से किसी की तू तू मै मैं भी नही हुई। इतना ही नही गांव में बनी अस्थाई चौकी के सिपाही भी दिन में कई बार मंदिर में बैठकर राम नाम संकीर्तन कर रहे हैं।

गांव के महेन्द्र सिंह, बालेन्द्र सिंह, शिव विशाल सिंह, पहलवान सिंह कहते हैं कि राम के नाम के आसरे इतने दिन लड़ाई लड़ी है। आजादी के बाद मूलभूत सुविधाओं को पाने की जद्दोजहद में अधिकारियों और नेताओं के इतने ज्यादा चक्कर लगाए कि हम लोग खुद ही घनचक्कर बन गए। कितना पैसा और समय बर्बाद हुआ इसकी कोई गिनती नही। अब क्या किया जाता। जब कोई सुनने वाला नहीं और गाल बजाने को सब तैयार हैं तो फिर दाता से ही मांग करनी उचित समझी गई। गांव में शिव मंदिर में राम का नाम लेने बैठ गए और आज इकतीस दिन हो गए हैं। मुख्यमंत्री के आए बिना यह राम नाम यज्ञ बंद नही होगा।

वैसे अभी तक के बिजली के काम को देखकर लग रहा है कि जल्द ही गांव के अंदर बिजली का करंट दौड़ेगा। नदी के दूसरे पाट तक खंभे गड़ने के साथ ही बिजली की तार दौड़ गई है। साथ ही गांव में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने भी काम जारी रखा।

रामहिं केवल प्रेम पियारा, सुमिर सुमिर नर उतरहिं पारा

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : समस्याओं से निदान के लिए अनूठा आंदोलन कर रहे भरुआ सुमेरपुर ब्लॉक के कैथी गांव में राम नाम का जप करते बुधवार को तीस दिन हो गए। गांव में बिजली कब आएगी, सड़क कब बनेगी इस बात से बेपरवाह कैथी के ग्रामीण इस समय केवल एक ही चिंता में दिखते हैं और वह है अनवरत राम का नाम कैसे लें!

भले ही गांव में गुंजायमान हो रही रामधुन को एक महीना बीत चुका हो पर गांव के लोग कहते हैं कि भइया हमें तो ऐसा लगता है कि हमने कल ही राम का नाम लेना प्रारंभ किया है।

गांव के उम्मेद सिंह हों या विकास शिवहरे कहते हैं 'जिंदगी जब तक रहेगी, फुरसत न होगी काम से कुछ समय ऐसा निकालो, प्रेम कर लो श्री राम से' जब यह बात बुजुर्ग कह गए हैं और राम जी ने ही हमें यह सौभाग्य दे दिया है तो फिर हम क्यों चूकें।

गांव के अरिमर्दन सिंह,खुशी राम, राजेन्द्र सिंह, राम पाल, पहलवान, शरीफ खान, शकीर खान, मुसीबत खां, कमला कुशवाहा, रानी यादव, वंदना, भुलिया, साधना सिंह, छेदी वर्मा कहते हैं कि भइया हमारे गांव के तो भाग्य खुल गए। शंकर जी के मंदिर में चल रही राम धुन को एक महीना बीत गया और पता नही चला। शायद ही ऐसा अनुष्ठान किसी और गांव के लोगों ने अपनी समस्याओं से निजात पाने के लिए किया हो। हम तो इस आंदोलन से काफी प्रसन्न है। अब जब तक हमारे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हमारे पास आकर मंदिर में बैठकर राम राम नही करते यह राम नाम महायज्ञ अनवरत जारी रहेगी।

उधर अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि गांव का एएनएम सेंटर खुल रहा है। रंगाई पुताई भी करा दी गई है। स्कूल के सर्वे की रिपोर्ट आ गई है। जल्द ही प्रस्ताव बनाकर अतिरिक्त कक्ष बनाया जाएगा। इसके साथ ही गांव में बिजली दीपावली के पहले जलेगी। वैसे अभी तक दो रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी सेतु निर्माण निगम की तरफ से कोई जवाब नही आया है। उच्चाधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। एसडीएम आईएएस आशुतोष निरंजन ने कहा कि वह खुद भी सेतु निर्माण निगम के अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान करने का प्रयास करेंगे।

श्री राम राम के उद्घोष से मंगलित होता कैथी

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम के नाम का प्रभाव केवल कैथी ही नहीं, अपितु आस-पास के क्षेत्र में भी दिख रहा है। पिछले महीने जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों को ज्ञापन देकर सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करने वाले गांव कैथी के लोगों ने केवल तीन दिन में ही शत प्रतिशत बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिला डाली। राम के प्रभाव में आए इस गांव के लोग अब न केवल सरकार की चलाई जाने वाली योजनाओं के प्रति जागरुक दिखाई देते हैं बल्कि अब नए नियम और कानूनों के प्रति भी जानकारी कर रहे हैं।

मंगलवार को 29वें दिन भी कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर पर राम के नाम का उच्चारण जारी रहा। महिला-पुरुष और हिंदू-मुस्लिम सभी 'श्री राम जय राम जय जय राम' का संगीतमय उच्चारण करने के काम में लगे दिखाई दे रहे थे। मुख्यमंत्री के आगमन के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके कैथी गांव में लोग इस समय इतने प्रसन्न दिखाई देते हैं कि वह अब अपनी दिक्कतों के बारे में बात नही करते। कहते हैं कि भइया राम जी की कृपा से तो सब काम हो रहे हैं। जब हमने अपनी पूरी चिंताएं राम जी को सौंप दी हैं तो फिर हमें किस बात की चिंता।

गांव के सतीश चंद्र शिवहरे, लाल जी पाल, राम भवन, राम बिलास सिंह, अशोक खरे, शरीफ खान, शकीर खान, जसवंत सिंह आदि कहते हैं कि अब तो गांव में एएनएम आ गई हैं। गांव की महिलाएं दिन भर उनके पास जाकर अपनी समस्याओं के बारे में बातें करती हैं। वह उन्हें दवाएं देती हैं। इसके साथ ही गांव की आशा और आंगनबाड़ी भी बच्चों को न केवल पल्स पोलियो पिलाने में बल्कि अन्य टीका लगवाने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी जानवर बंधा करते थे अब वहां पर रंगाई-पुताई के बाद दवाएं मिल रही हैं। इससे ज्यादा बढ़कर खुशी की हमारे लिए दूसरी क्या बात हो सकती है।

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