चित्रकूट, संवाददाता: कर्वी से होकर धर्मनगरी जाने वालों के लिये खुशखबरी। अरसे से बदहाल सड़क के दिन बहुर गये हैं। नयागांव से डिलौरा तक की सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इससे अब कर्वी से छोटे वाहनों से बेड़ी होकर चित्रकूट जाने में चार किलोमीटर के फासले की बचत संभव हो जायेगी।
सब कुछ ठीक रहा तो आजादी के पहले जिस सड़क से होकर हमारे पुरखे धर्मनगरी जाया करते थे चार माह बाद हम उस पर गाड़ियों पर बैठकर जा सकेंगे। उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश ने भी अब पहल कर कर्वी से नयागांव की दूरी को कम करने का प्रयास किया है। नगर पंचायत की इस पहल का स्वागत तरौंहा, डिलौरा लोहसरिया आदि गांवों के साथ ही स्थानीय लोग कर रहे हैं। पुरानी बाजार के महिला चिकित्सालय चौराहे से होकर धर्मनगरी कुछ ही समय बाद सीधे जाने लायक हो जायेगी। इससे धर्मनगरी पहुंचने में लोगों को चार किलोमीटर का फासला कम हो जायेगा। उल्लेखनीय है कि बांदा से कर्वी होकर इलाहाबाद जाने वाली सड़क बनने के पहले राजशाही समय में धर्मनगरी की यात्रा पैदल ही हुआ करती थी। उस समय ज्यादातर लोग पैदल ही चित्रकूट जाया करते थे। यह यात्रा कर्वी के पुरानी बाजार से प्रारंभ होकर धुस मैदान, तरौंहा, डिलौरा होते हुये मध्य प्रदेश के इलाके में प्रवेश कर नयांगाव से पहुंचती थी। नयागांव से धर्मनगरी का प्रारंभ हो जाती है। वैसे इसके पूर्व उत्तर प्रदेश के जिला प्रशासन ने पहल करते हुये तरौंहा के बाद डिलौरा तक की सड़क बनाकर डामरीकरण करवा दिया था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बनने वाली सड़क लगभग ढाई किलोमीटर की होगी और इसमें बीच में एक पुल भी बनाया जायेगा। नगर पंचायत अध्यक्ष नीलांशु चतुर्वेदी ने बताया कि अभी मध्य प्रदेश के इलाके में पड़ने वाले पुल का टेंडर हुआ है और दीपावली के बाद सड़क का भी काम प्रारंभ करा दिया जायेगा। इससे पूर्व की दिशा से आने वाले वाहनों को बेड़ी पुलिया जाने की जरुरत नही पड़ेगी। अगर उत्तर प्रदेश की तरफ से साथ मिला तो भविष्य में इसको मुख्य मार्ग में तब्दील कर दिया जायेगा।
एक ऐसा स्थान जो विश्व भर के लोगो के लिये किंवदंतियों कथाओं कथानकों के साथ ही यथार्थ चेतना का पुंज बना हुआ है। प्रजापति ब्रह़मा के तपोबल से उत्पन्न पयस्वनी व मां अनुसुइया के दस हजार सालों के तप का परिणाम मां मंदाकिनी के साथ ही प्रभु श्री राम के ग्यारह वर्ष छह माह और अठारह दिनों के लिये चित्रकूट प्रवास के दौरान उनकी सेवा के लिये अयोध्या से आई मां सरयू की त्रिवेणी आज भी यहां पर लोगों को आनंद देने के साथ ही पापों के भक्षण करने का काम कर रही है।
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bhaisaundha me luta bank manejar ko raste me
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