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कोरोना नहीं भूख बनेगी मानव की बड़ी दुश्मन

- शासन व प्रशासन के द्वारा किए गए इंतजामों में आम लोगों के साथ ही एनजीओ को भी मदद करनी होगी - भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ अन्य पार्टियों के कार्यकर्ता भी जुटने चाहिए  संदीप रिछारिया  कोरोना के रूप में आई वैश्विक महामारी की चपेट में लगभग पूरा विश्व आ चुका है। अब ताकतवर अमेरिका के साथ अन्य सभी विकसित देशों का हाल यह है कि वह खुद अपनी मदद के लिए भगवान की तरफ लाचारी से देख रहे हैं। हमारा 130 करोड भारतीयों वाला देश भी कोरोना की चपेट में आ चुका है। भले ही अभी कोरोना पाजिटिव के आंकड़े बहुत कम दिखाई देे रहे हैं, पर शनिवार की रात व उसके पहले के दृश्य जो दिल्ली के आनंद बिहार बसस्टैंड व सड़कों पर दिखाई दिए में दिखाई आंखें खोल देने वाले हैं। अभी तक तमाम सामथ्र्यवान लोग प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के साथ अन्य तरह से अपनी -अपनी तरफ से मदद करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन यह मदद कैसे व किस प्रकार की जाएगी, इसका पूरा प्लान अभी तक स्पष्ट नही हो पाया है। विचारणीय बात यह है कि इस वैष्विक महामारी से जंग की तैयारी किसी भी देश ने कभी की ही नहीं, इसका कारण भी साफ है कि अभी जक जंग केवल अपनी सामाजिक शक...

जल्द ही चित्रकूट में भी हो सकता है लॉक डाउन,तैयारियां पूरी

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चित्रकूट। जिलाधिकारी शेषमणि पांडे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में कोरोना वायरस की रोकथाम एवं बचाव के संबंध में डॉक्टर एसोसिएशन के साथ  बैठक हुई। जिलाधिकारी ने प्राइवेट डॉक्टरों से कहा कि इस कोरोना वायरस को देखते हुए आप लोग जनपद में अधिक से अधिक व्यवस्था रखें। कहां कि हमारी सरकारी टीमें रेलवे स्टेशनों बस स्टॉप आदि जगह -जगह पर तैनात होकर कार्य कर रही हैं और बाहर से आने वाले लोगों की लगातार जांच जारी है सीएमओ से कहा कि गांव में आशा एएनएम को लगाकर जागरूक कराएं तथा जो बाहर से लोग आ रहे हैं उनको गांव में ही वाच करते रहें तथा बाहर से जो लोग आ रहे हैं उनके घरों में एक लिखकर चस्पा करें। इनसे 14 दिन तक कोई नहीं मिलेगा यह अपने घर पर ही रहे। चिकित्सकों ने जिलाधिकारी से जनपद को लाक डाउन घोषित कराए जाने की भी मांग की।  इस पर डीएम ने अपर जिलाधिकारी से कहा जनपद की सीमा को सील कराने वहां मजिस्ट्रेट व पुलिस की व्यवस्था कराने तथा लाकडाउन आदि की भी तैयारी कर ली जाए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि 200 सैया अस्पताल पर सभी व्यवस्थाओं के लिए शासन को पत्र मेरी ओर से भे...

कोरोना से बचने के लिए डीएम चित्रकूट शेषमणि पांडेय ने की मार्मिक अपीलG

चित्रकूट। डीएम शेषमणि पांडेय ने वीडियो अपील जारी कर कहा कि अमावश्या के पर्व पर चित्रकूट न आये,अपने घर पर ही रहकर भगवान का स्मरण करें। यही काम नवरात्रि की परमा और नवमी को करे। उन्होंने चित्रकूट जनपदवासियों से कहा कि अत्यंत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले।जिससे हम खुद को व दुसरो को कोरोना से बचाए रखे। कोरोना की जंग में हर एक व्यक्ति सैनिक है।उसे राष्ट्रहित में इस लड़ाई से लड़कर जल्द जीत हासिल करना है।

इंद्रदेव का कोरोना पर ‘वार‘ होरियारे मायूस

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अजब तेरी माया, अजब तेरे खेल छछूदर के सिर पर चमेली का तेल, कुछ ऐसा हाल चीन से निकले और इटली में सबसे ज्यादा कहर बरपाने वाले कोरोना के यहां पर हो रहे हैं। वैश्विक स्तर पर डर के माहौल के बीच प्रधानमंत्री से लेकर अभिनेता अभिभावदन में हाथ मिलाने की जगह नमस्ते करने की सलाह दे रहे हैं। होली पर दूर से रंग फेंकने की सलाह भी खूब जारी की गई। खांसने व छीकने तक के लिए एडवाइजरी जरी कर मुंह में मास्क लगाने की अपील लगातार जारी की जा रही है। मीडिया भी लगातार कोरोना का मरीज यहां मिला, वहां मिला। होलिका दहन में कपूर व लौंग का प्रयोग के साथ ही तमाम तरह के निवेदन सोशल मीडिया पर लगातार छाए हुए हैं।  लेकिन हम जिस देश के वासी हैं। वहां पर तो 33 कोटि के देवता कुछ ऐसा कर देते हैं कि अपील एडवाइजरी कुछ नहीं मायूने नहीं रखती यहां पर सीधे तौर पर एक फरमान आता है तो सब मामला निपट जाता है। होली की मस्ती करने को आतुर होरियारों को यह होली ताजिंदगी याद रखने की व्यवस्था इंद्र देव ने कर दी। सुबह सात बजे से ही चित्रकूट में रूक रूक कर बारिश हो रही है। जिससे वातावरण में हल्की गर्मी की जगह ठंड बढ गई। स्वेटर व जैक...

चित्रकूट की धरती पर मौजूद हैं जलश्रोतों के लुटेरे, संतों की हरकत देख व्यापारियों ने भी डाला डाका

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- श्री कामदगिरि की परिक्रमा का अतिक्रमण साफ करने का दावा करने वाले प्रशासन की बिरजाकुंड के पास प्राचीन बीहर पर कब्जा करने वाले को क्लीन चिट - जगद्गुरू रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के बाहर मौजूद है बेशकीमती बीहर   संदीप रिछारिया समय बदलने के साथ ही हम आदिम युग से निकलकर सभ्य युग तक आ गए। प्रकृति को पूजने वाले हम लोग पत्थर के भगवानों में सिमट आए हैं। भले ही प्राकृतिक भगवान हमारी जरूरतों को पूरा करने का काम करें, पर हमे उन्हें अपवित्र करने और उनको जड़मूल से उखाड़ने का कोई भी मौका नही छोड़ते। राममंदिर निर्माण के लिए फैसला आने के बाद खुशी का इजहार एक महीने की आधा दर्जन कथावाचकों के साथ रामकथा के द्वारा श्रीकामदगिरि परिक्रमा मार्ग के बिरजाकुंड पर किया जाता है, वही राम-राम का जाप करने के साथ ही अनवरत चलने वाली रामायण का पाठ किया जाता है, और वहीं पर राजाओं की बनाई बेशकीमती बीहर ( सप्तदल वाले विशाल कुआं) पर खुले आम कब्जा भी कर लिया जाता है। हैरत की बात यह है कि उनका कद प्रशासन भी इतना उपर हो चुका है कि जिलाधिकारी स्वयं उस स्थान को देखते हैं कि कैसे उनके पर्यटन विभाग ...

चित्रकूट धाम की ओर से वरिष्ठ पत्रकार संदीप रिछारिया की कलम से निकली प्रधानमंत्री जी को खुली पाती

यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी जी आप पर सत्य सनातन धर्म के सभी देव, देवियों और उन्नायकों के साथ प्रतीकों की कृपा जीवन पर्यन्त बनी रहे। मैं चित्रकूट, सृष्टि की उत्पत्ति के पूर्व का स्थान हूं। अनोखी छटा देखकर त्रिदेव यहां एक बार नहीं अनेक बार आए। यहां की तपस्वनी माता अनुसुईया के तप के चलते उनकी यह मातृ स्थली बनी। प्रजापिता ब्रहमा जी ने यहीं से सृष्टि का आरंभ किया। सृष्टि के लिए यज्ञ से पूर्व श्री हरि विष्णु का जिस स्थान पर पद प्रक्षालन किया, वहीं से पयस्वनी गंगा प्रकट हुई। मां अनुसुईया ने दस हजार साल का उग्र तप किया तो मां मंदाकिनी प्रकट हुई। श्रीराम जी के आगमन पर सरयू मैया तो स्वयं चित्रकूट में अपना वैभव दिखाने लगीं। वैसे मंदाकिनी को बनाने के लिए दर्जनों नदियां व नदी नाले हैं।  अगर हर स्थान के बारे में लिखने बैठा तो पूरा एक ग्रंथ बन जाएगा। लेकिन जैसा की मेरे नाम से ही दृष्टिगोचर है कि चित्रों का दर्शन ही चित्रकूट है। पौराणिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक मान्यताओं, दस्तावेजों व नजरों के सामने मौजूद साक्ष्यों के आधार पर इस स्थान की प्रमाणिकता पर कोई प्रश्नच...

प्रकृति का संरक्षण करना हर व्यक्ति का दायित्वः साध्वी कात्यायनी गिरि

चित्रकूट। राम के भव्य मंदिर निर्माण में लगे दो विशेष संतों की शिष्या साध्वी कात्यायनी गिरि ने श्री कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में स्थित ब्रहमकुंड के शनि मंदिर में सातवें दिन की श्री राम कथा के दौरान मंदाकिनी, पयस्वनी व सरयू को जिंदा रखने के लिए तमाम गुर बताए। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण करना हर एक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने कथा के दौरान बताया कि महिर्षि अत्रि का अर्थ है जो इन तीनों गुणों से उपर उठ चुका है। इनका ब्रहम से सीधा संबंध है। चित्रकूट का इसी लिए इतना महत्व है। जब जीव अत्रि जैसा होगा, जब उसकी बुद्वि अनसुइया जैसी होगी। असुइया का अर्थ जलन, ईष्या या द्वेष न हो। जब यह गुण होंगे, तभी त्रिदेव पुत्र होते हैं। राम जी स्वयं दर्शन करने जाते हैं, वह राम के पास नही आए। जिसका संरक्षण स्वयं अत्रि अनुसुइया करते थे। मन से अनुसुइया ने मंदाकिनी को प्रकट किया। उनका संरक्षण किया।  स्वार्थ में भरकर कभी हम प्रकृति का कुछ नही कर सकते। स्वार्थ में भरकर व्यक्ति अपने भाई बहन का नही हुआ, मां बाप का नही हो रहा तो कैसे इन नदियों का पुनर्जीवन होगा।   श्री राम वन गमन का म...