Monday, March 16, 2009

धर्म-नगरी "चित्रकूट" से सम्बंधित इस ब्लॉग में आपका स्वागत है !

अनेक ऋषि-मुनियों की तपोस्थली और बारह वर्षों तक भगवान श्री राम की कर्म स्थली रही इस विश्व विख्यात नगरी से सम्बंधित इस ब्लॉग में आप सभी पाठको का स्वागत है .भारतीय उपमहाद्वीप के ह्रदय-क्षेत्र में स्थित इस पावन धरा के पौराणिक,ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और वर्तमान "सामाजिक-राजनीतिक" महत्व को वैश्विक मंच प्रदान करने की मेरी इस कोशिश में आप सभी का भी सहयोग अपेक्षित है. यदि आपके पास चित्रकूट से सम्बंधित कोई उपयोगी या शोधात्मक प्रकाश्य सामग्री है तो आप हमें जरूर भेजें. साथ ही इस ब्लॉग को और अधिक परिमार्जित स्वरुप प्रदान करने हेतु अपनी राय हमें अवश्य दें .
आपका,
संदीप रिछारिया
email: sandeep.richhariya@gmail.com

चित्रकूट में दर्शन का महासंगम, विश्व शांति की दिशा में उभरा नया चिंतन

चित्रकूट: जब मंदाकिनी के तट पर विचारों की धारा बहती है, तब चित्रकूट केवल एक तीर्थ नहीं रहता—वह विश्व के बौद्धिक मंथन का केंद्र बन जाता है। त...