Thursday, April 4, 2013

बहरी सरकार को सुनाने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है राम धुन'

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : 'अगर देश में कैथी जैसे सभी गांव हो जाएं तो फिर देश को सम्पन्नता के शिखर के साथ ही विश्व की सबसे बड़ी महाशक्ति बनने से कोई रोक नहीं सकता।' यह बातें भाजपा किसान मोर्चो के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश सिंह ने गुरुवार को भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव में श्री राम नाम संकीर्तन महायज्ञ अपना सहभाग दर्ज कराने के बाद कही।

गांव के प्राचीन शिव मंदिर में बृहस्पतिवार को लगातार 52वें दिन भी हर्ष व उल्लास के साथ राम धुन जारी रही। यहां लगभग दो घंटे राम धुन करने के बाद भाजपा नेता राजेश सिंह ने कहा कि बहरी सरकार को अपनी समस्याएं सुनाने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम राम धुन कैथी के ग्रामीणों ने चुना है। आज के दौरान में जब छोटी छोटी बातों पर लोग सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, वहीं इस गांव के लोगों ने भगवान के नाम के सहारे सरकार के मुखिया को संवेदित करने के लिए अचूक मंत्र राम का नाम इस्तेमाल किया है। इसलिए इस गांव के लोग वंदनीय हैं। आज के दौरान में भले ही लोग राम नाम के जप की महिमा को भली भांति न समझते हों पर इतना साफ है कि आने वाले दिनों में दुनिया इसका प्रभाव कैथी के माध्यम से देखेगी। सोया हुआ प्रशासन और शासन एक बार जाएगा और फिर कैथी में चमन बरसेगा।

राम धुन करने के पश्चात वे श्री राम नाम महायज्ञ के योद्धा भोला के घर भी गए। परिजनों से मिलकर उनका दुख बटाने का प्रयास किया और फिर आर्थिक मदद भी दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूर्व मुख्यमंत्री और चरखारी से विधायक साध्वी उमा भारती का दौरा महोबा जिले में होने वाला है। वह प्रयास करेंगे कि दीदी यहां पर भी आकर रामधुन में भाग लें। गांव के उम्मेद सिंह, विकास शिवहरे, रानी यादव, प्रधानपति वासुदेव निषाद आदि ने कहा कि इस तरह से गांव में जननेताओं का आना उनके उत्साह की वृद्धि करता है। मुख्यमंत्री कब आएंगे यह तो तय नही हैं पर इतना साफ है कि एक न एक दिन उन्हें गांव आकर राम धुन में भाग लेना ही पड़ेगा। रामधुन करते हुए शहीद हो गए भोला की कल तेरहवीं हैं और उसकी याद को अनेकों वर्षो तक संजोने के लिए भी प्लान बनाया जा रहा है। जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।

अफसरों को न झकझोर पाये, न राम नाम न भोला के प्राण

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : कैथी गांव में भोला की मौत भी कमोवेश किसी को झकझोर नहीं सकी है। राम नाम से गांव में भले ही सद्भावना जागी हो, लेकिन वीआईपी व नौकरशाहों को शायद कोई फर्क नहीं पड़ा। भोला की मौत के प्रकरण की जांच करने तो कोई अब तक कैथी गांव पहुंचा नहीं, गुरुवार को मुख्यालय आयी भोला की विकलांग पत्नी का विकलांग प्रमाण पत्र बनाने में भी सीएमओ ने कायदे-कानून गिना दिये। उन्हें यह भी नहीं लगा कि उसे दुबारा आने में कितनी तकलीफ होगी।

भरुआ सुमेरपुर के कैथी गांव में राम धुन करते भोला की हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। उसे दु:ख था कि अभी तक मुख्यमंत्री गांव नहीं आए। गुरुवार को भोला की विकलांग पत्नी मुन्नी देवी को लेकर उनका देवर लालमन मुख्यालय आया। जैसे ही जिलाधिकारी को देखा दौड़ पड़ा, पूरी स्थिति बताई। जिलाधिकारी ने महिला की हालत देखकर उसे तुरंत मुख्य चिकित्साधिकारी के पास विकलांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए भेजा। पर वहां उसे घोर निराशा हुई, जब साहब ने साहबी दिखा दी और कहा कि अभी कोई डॉक्टर नही चार दिन बाद आना और फिर जांच कर प्रणाम पत्र बनाया जाएगा।

चलने-फिरने से लाचार मुन्नी को फिर से चंद्रावल नदी पार कर लगभग 50 किलोमीटर जिला मुख्यालय अपना विकलांग सर्टीफिकेट बनवाने आना पड़ेगा। मुन्नी देवी का सहयोग कर रहे कांग्रेसी नेता युगराज सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी ने तो मिलते ही उसकी हालत देखकर सीएमओ के पास भेज दिया। लेकिन उन्होंने टरकाने वाले अंदाज में बात कर पीड़ित को वापस कर दिया। उधर, 'दैनिक जागरण' कार्यालय में आकर भोला दर्जी के भाई लालमन ने बताया कि सोमवार को उसके भाई की मृत्यु हुई थी। लेकिन आज तक भाई की मृत्यु के बाद कोई सरकारी अधिकारी जांच करने घर नही पहुंचा। कहा कि गांव में एक व्यक्ति के फोन पर नायब तहसीलदार का फोन आया था और उन्होंने उससे भाई की मौत की जानकारी ली है।

यहां बेटियों के नसीब में केवल चूल्हे का धुआ


आजादी के 6 दशक बीत गए, लेकिन जिले का एक गांव ऐसा भी है, जहां पर छह हजार की आबादी होने के बाद भी शिक्षा विभाग ने इंटर कॉलेज की बात छोड़िए, हाई सकूल भी खोलने की सोची नही है। लिहाजा बेटियां कक्षा आठ के बाद घर बैठने को मजबूर हैं। इन्हीं कारणों के चलते यहां पर बेटियां उच्च प्राथमिक शिक्षा से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, जिससे कन्या विद्या धन व लैपटॉप योजना जैसी सुविधाओं से वंचित हो रही है।

सुमेरपुर विकासखंड का कैथी गांव जिसकी आबादी 6 हजार से ऊपर है। लेकिन यहां पर मात्र एक उच्च प्राथमिक स्कूल शिक्षा विभाग के बड़े-बड़े दावों की पोल खोल रहा है। सैकड़ों की संख्या में छात्राएं प्राथमिक शिक्षा के बाद चूल्हे चौके तक ही सिमट कर रह जाती हैं। उनकी आगे पढ़ने की ललक दब की दबी रह जाती है। क्योंकि बीहड़ क्षेत्र होने के कारण अभिभावक उन्हें बाहर शिक्षा के लिए भेजने से कतराते हैं। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों व नेताओं ने गुहार लगाई, मगर उन्हें हमेशा निराशा ही हाथ लगी।

आठवीं के बाद न पढ़ पायी

गांव की लड़कियों में पढ़ाई की ललक तो बढ़-चढ़कर है, लेकिन यहां आस-पास भी हाईस्कूल न होने के चलते आठवीं कक्षा के बाद अनेक लड़कियों को आगे पढ़ने की अपनी इच्छा दबानी पड़ी। पूजा ने बताया कि कक्षा आठ के बाद उसने आगे की शिक्षा नहीं ली, क्योंकि गांव से स्कूल दूर था। वहीं मां सावित्री का कहना था कि रास्ते में लड़की के साथ कोई घटना न हो जाए। कल्पना ने बताया कि अकेले घर वाले 15 किलो मीटर दूर जाने नहीं देते है। इस कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ी।

ममता वर्मा व अनीता शर्मा ने कहा कि 2008 में कक्षा आठ पास की थी। इसके बाद छह माह सुमेरपुर स्थित सरकारी स्कूल भी गई लेकिन बाकी लड़कियों के ना जाने के वजह से अकेले होने के चलते उसे भी पढ़ाई छोड़नी पड़ी।

सुनीता का कहना था कि गांव में स्कूल नहीं है। रास्ता सुनसान होने के कारण अकेले जाने में डर लगता है। उसका पढ़ाने का बहुत मन था, लेकिन उसे अपनी यह तमन्ना मन में कचोट के रह गई। शशि व राजेश्वरी ने बताया कि विकास न होने का खामियाजा हमें अपनी पढ़ाई को छोड़कर चुकाना पड़ा है। अगर सरकार यहां पर पांच के आगे विद्यालय का निमार्ण कर दे तो हमें भी पढ़ाने का मौका मिल जायेगा। शिल्पी तिवारी ने बताया कि 2009 में आठवीं पास करने के बाद उन्हें पढ़ाने के लिए नहीं जाने दिया गया।

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''अगले शिक्षा सत्र में कैथी गांव को प्राथमिकता पर लेंगे और वहां हाईस्कूल खुलवाने का प्रयास करेंगे।''

- योगराज सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, हमीरपुर

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राम-राम करते लोगों को नेता बंधा रहे ढांढस

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम का नाम लेकर जाते ही भोला का नाम अमर हो गया। जिस गांव कैथी में चुनाव में वोट मांगने के अलावा जनसेवक न जाते रहे हों वहां पर रात भर रूकने के बाद कांग्रेस का नेता सुबह वापस जाता है तो शाम होने के पहले ही भाजपा का कद्दावर नेता आ जाता है। गांव वाले नेताओं के आगमन को शुभ लक्षण मानकर राम राम करने में डटे हुए हैं।

भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में चल रही राम धुन बुधवार को 44वें दिन भी जारी रही। मंगलवार शाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता युगराज भदौरिया पहुंचे थे। उन्होंने न केवल रात गांव में गुजारी बल्कि कई घंटों तक राम का नाम भी उच्चारित किया। सुबह गांव के लोगों की प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री से बात भी कराई। श्री खत्री ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस के विधायक कैथी गांव के मुद्दे को सदन में उठाएंगे। इसके साथ ही जल्द ही दौरा करने के लिए कांग्रेस के बड़े नेता भी गांव में आ सकते हैं। श्री भदौरिया ने कहा कि भोला की पत्‍‌नी विकलांग है। बेटी विवाह योग्य है और बेटे बिना पढ़े लिखे हैं। वह अपने पास से बेटों के लिए सिलाई मशीन दे रहे हैं जिससे वह सिलाई का काम कर पेट भरने का जुगाड़ कर सकें। पत्‍‌नी को सहायता दिलाए जाने के लिए जिलाधिकारी से मिलकर बात करने का आश्वासन दिया।

इधर, शाम को भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज गुप्ता व वरिष्ठ भाजपा नेता प्रीतम सिंह किसान गांव पहुंचे। राम नाम संकीर्तन महायज्ञ में शामिल होकर अपनी आवाज जोड़ने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली की भ‌र्त्सना करते हुए कहा कि चौवालीस दिन से यहां पर लोग अपनी मूलभूत मांगों को लेकर भगवान का नाम ले रहे हैं। लेकिन कोई सुनने या देखने वाला नहीं हैं। राम राम करते मरने वाले भोला को शहीद का दर्जा देते हुए कहा कि जल्द ही भाजपा कैथी गांव के मुद्दे को ऊपर तक ले जाएगी। आगामी विधानसभा सत्र में भाजपा के विधायक इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे।

रोशनी की तलाश में राम से आस

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है वैसे वैसे राम के नाम के आसरे पिछले 45 दिनों से गांव के पुराने शिव मंदिर में बैठे भक्तों का उत्साह बढ़ता दिखाई दे रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि रात की ठंड काफी बढ़ चुकी है और मंदिर के खुले चौबारे में लगभग 75 से सौ ग्रामीण राम का नाम ले रहे हैं।

भरुआ सुमेरपुर क्षेत्र के कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में क्षेत्रीय विकास को लेकर गत 9 अक्टूबर को शुरू हुई राम धुन बृहस्पतिवार को लगातार 45वें दिन भी जारी रही। ग्राम प्रधान वासुदेव निषाद कहते हैं कि भइया जहां दिन में लोगों की भीड़ लगी रहती है। दिन में पांच सौ स्त्री और पुरुष राम का नाम लेते हैं वहीं रात में भी लोगों का उत्साह इस समय बढ़ा हुआ है। ग्रामीण उम्मेद सिंह,विकास शिवहरे, अरिमर्दन सिंह, सुदामा सिंह आदि कहते हैं कि भइया भोला के जाने के बाद तो गांव वालों ने संकल्प कर लिया है कि अब कुछ भी हो जाए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आने के पहले राम का नाम लेना बंद नही किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि वैसे तो उनकी किसी से कोई बुराई नही है पर अभी तक गांव में कांग्रेस व भाजपा के नेताओं के साथ विधायक दो बार आई है। प्रशासनिक अधिकारियों में अपर जिलाधिकारी व उप जिलाधिकारी भी आकर अपने स्तर से कार्यवाहियां कर चुके हैं पर सत्ता पक्ष का कोई भी नेता गांव में नही आया है। उन्होंने कहा कि वह सभी का सम्मान करते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग किया कि गरीब भोला के परिवार को जल्द से जल्द मदद दिलाई जा सके जिससे उसका परिवार जिंदा रह सके।

उधर, विधायक साध्वी निरंजन ज्योति ने बताया कि आज से प्रारंभ हो रही विधानसभा में कैथी गांव की रामधुन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के लिए विधान मंडल दल के नेता को पत्र भ्ेाज चुकी हैं और इस मुद्दे को वह खुद भी सदन की पटल पर रखेंगी।

भोला के बिछुड़ने का ग़म, पर लक्ष्य से न डिगेंगे हम

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : भोला की मौत की दर्दनाक घटना ने दु:ख तो बहुत दिया, पावन माहौल को मातमी भी कर दिया, लेकिन लोग अपने लक्ष्य से डिगे नहीं हैं। ग़मज़दा ग्रामीणों के बुलंद जज़्बे की बदौलत कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में मंगलवार को लगातार 43वें दिन भी राम धुन जारी रही।

गौरतलब है कि गांव में मुख्यमंत्री को बुलाने के उद्देश्य के साथ यहां बीती 9 अक्टूबर से राम धुन के पाठ का आरंभ हुआ था। इतने दिन बीतने पर भी मुख्यमंत्री नहीं आये, इस सदमे से रविवार रात यहां के निवासी भोला ने दम तोड़ दिया। हालांकि गमज़दा माहौल में ही सही, लेकिन राम धुन लगातार जारी है। गांव के उम्मेद सिंह, अरिमर्दन सिंह, विकास शिवहरे, सुदामा सिंह, राजेश यादव,जग्गू सिंह, राजेन्द्र सिंह, राजा गुप्ता, मोहन लाल, शिवम सिंह आदि का कहना है कि भोला ने साथ छोड़ दिया पर उसके जाने के बाद तो और भी तमाम भोला सामने आ गए हैं। गांव के विकास के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर भोला ने इतिहास बनाया है। उसका साथ छोड़ना व्यर्थ नही जाएगा। उसके साथ देखे गए सपने सभी गांव के लोग पूरा करेंगे। इसकी का परिणाम है कि 43 दिन बीत गए, लेकिन राम नाम का अखंड जाप लगातार जारी है।

गांव के लोग अब एकमत हैं कि जब तक मुख्यमंत्री गांव में आकर खुद यज्ञ में अपने हाथों आहुतियां न डाल दें राम राम यज्ञ अनवरत जारी रहेगा। गांव में देर शाम पहुंचे कांग्रेसी नेता युगराज भदौरिया ने भोला के घर जाकर विपन्नता की तस्वीर देखकर कहा कि उन्होंने कभी सोचा न था कि इस आधुनिक युग में लोग ऐसे भी रहते हैं। भोला के जाने के बाद अब तो उसके घर की हालत और भी ज्यादा खराब हो गई है। निराशाजनक बात यह है कि अभी तक प्रशासन की तरफ से एक भी मदद नहीं मिली। यह निराशाजनक है।

उन्होंने कहा कि वह बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, प्रदीप जैन 'आदित्य', उप्र कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री को पत्र लिखकर यहां के हालात के साथ पिछले 43 दिन से चल रही राम धुन के बारे में जानकारी देंगे व यहां आकर वास्तविकता देखने का निवेदन करेंगे।

क्या राम राम करते लखनऊ जायें?

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि: अभी लोकसभा के चुनाव के लिए घोषित प्रत्याशी को अंतिम न माने, समीक्षा के बाद प्रत्याशी बदला जा सकता है। मिशन 2014 के लिए सपा को केवल जिताऊ प्रत्याशी ही मैदान में उतारने हैं। यह बातें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डा. राम आसरे सिंह कुशवाहा ने सपा ब्राहमण सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए कहीं।

उन्होंने कहा कि वैसे तो वह कुशवाहा शाक्य, मौर्य सम्मेलन में न्यूरिया व विवांर गांव में आए थे। लेकिन पत्रकारों से बात करना जरूरी था। उन्होंने कहा कि अगर कैथी के लोग चाहें तो वह बतौर प्रतिनिधि मंडल लखनऊ आ जाएं तो वह मुख्यमंत्री से बात करा सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री से खुद भी बात कर वहां पर आने की बात कही।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एफडीआई बिल लाने वाली है। अगर यह जनहित में न हुआ और किसान विरोधी हुआ तो सपा इस बिल का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसी दल विशेष से नही है बल्कि विचारों की लड़ाई है। पत्रकारों द्वारा टेक्निकल विद्यालय खोलने के सवाल पर उन्होंने सांसद जिताकर भेजने की शर्त रखी।

इस दौरान जिलाध्यक्ष ज्ञान सिंह यादव व जिला सचिव शिव प्रसाद कुशवाहा आदि लोग मौजूद रहे। इसके पूर्व श्री कुशवाहा के जिला आगमन पर जिलाध्यक्ष समेत तमाम सपाईयों ने यमुना पुल पर स्वागत कर माल्यार्पण किया।

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चित्रकूट: जब मंदाकिनी के तट पर विचारों की धारा बहती है, तब चित्रकूट केवल एक तीर्थ नहीं रहता—वह विश्व के बौद्धिक मंथन का केंद्र बन जाता है। त...