Thursday, April 4, 2013

..तो गांव में एक साथ मनेगी दीपावली व ईद

हाकिम नकारा, हरि हर का सहारा..

- कैथी गाँव के प्राचीन शिव मंदिर में लगातार 24वें दिन जारी रही राम धुन

- मुख्यमंत्री के आगमन पर होगा जश्न, 'प्रसाद' में चढ़ेगा सिंवई व लड्डू

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : चौक पुराओ. माटी रंगाओ. आज प्रिया मेरे घर आएंगे. कुछ ऐसे अंदाज अब कैथी गांव में देखी जा रही है। पिछले 24 दिनों से राम धुन के माध्यम से प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव को पूर्णाहुति करने का निमंत्रण दे चुके ग्रामीणों का उत्साह अब अपने पूरे चरम पर है।

अनोखे रामधुन महायज्ञ के कारण देश-प्रदेश में चर्चा का स्थान पा चुके भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव के लोग इस बात को लेकर काफी संजीदा और चौकन्ने हैं कि पता नही कब उनके गांव में मुख्यमंत्री का उड़नखटोला उतर जाए। जहां एक तरफ गांव के लोग जाति धर्म की सीमाओं को लांघकर राम का नाम जप रहे हैं, वहीं उनके पास से एक ऐसा संदेश आया है, जिसे सुनकर फिरकापरस्तों को चिढ़ हो सकती है। कैथी गाँव के प्राचीन शिव मंदिर में बृहस्पतिवार को इस अखंड राम धुन का 24वाँ दिन था।

गांव के उम्मेद सिंह, अरिमर्दन सिंह, विकास शिवहरे,लाल जी पाल,सतीश चंद्र शिवहरे, चंद्रशेखर आदि कहते हैं कि इससे कोई फर्क नही पड़ता कि मुख्यमंत्री कब आते हैं पर इतना साफ है कि उनके आने पर हम दीपावली जरूर मनाएंगे। शाम को पटाखे फोड़ने के साथ ही शाम को घरों के बाहर शुद्ध देशी घी के दिए जाए जाएगें। उधर मुसीबत खां, नफीस, फिरोज, रमजान आदि कहते हैं कि ईद भले ही बीत गई हो पर मुख्यमंत्री के आने पर हम ंिसंवई से उनका मुंह मीठा कराएंगे और ईद जैसा ही स्वागत करेंगे।

सपा ब्राह्मण सभा ने ली मुख्यमंत्री को लाने की जिम्मेदारी

सपा ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार पांडेय को जब इस बात की जानकारी हुई कि यहां पर कैथी गांव में लोग केवल मुख्यमंत्री के दर्शन की आस में पिछले 24 दिनों से राम राम का जप कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि वह कल लखनऊ पहुंच रहे हैं और जैसे ही उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से होगी वैसे ही उन्हें कैथी का हाल बताकर यहां पर लाने का समय लेंगे और साथ में भी आएंगे।

राम के आसरे राम के सहारे

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- शिव मंदिर में 21वें दिन भी जारी रही राम धुन

- मउहर से कैथी तक गूंज रहा है राम का नाम

- आसपास के ग्रामीण भी ले रहे उत्साह से भाग

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : मंगल भवन अमंगलहारी. जय सियाराम. श्री राम जय राम जय जय राम और जय श्री राम. यह केवल भगवान का नाम नहीं बल्कि उस इबारत का नाम है जो अब पूरे बुंदेलखंड में रामधुन के कारण मशहूर हो चुके कैथी गांव के हर घर पर लिखी दिखाई देती है। राम के नाम का प्रभाव अब कैथी के निवासियों को केवल इक्कीस दिनों में ही साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। न तो गांव में किसी का किसी से विवाद हो रहा है और न ही कोई ऊँची आवाज में बात करता दिखाई देता है।

गांव के बुजुर्ग कहते हैं कि सकारात्मक तरीके से प्रारंभ किए गए प्रभु के नाम जप आंदोलन के प्रभाव से गांव में लोगों के अंदर की वैमस्यता समाप्त होती दिखाई दे रही है। नशेबाजी भी लगभग गायब हो चुकी है। बच्चों के अंदर संस्कारों का उदय हो चुका है।

वैसे इस समय बोवाई का समय चल रहा है और दिन के समय गांव के तमाम स्त्री व पुरूष खेतों पर होते हैं। लेकिन उनके भी सुर बदल चुके हैं पहले जहां उनके मुंह से फिल्मी गीतों के सुर निकलते थे, वहीं अब वह रघुपति राघव राजा राम गाते दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही आपस के अभिवादन का स्वर भी राम राम ही सुने जा रहे हैं। राम के नाम का प्रभाव कुछ ऐसा है कि बच्चे भी स्कूल में नमस्ते व उपस्थित की जगह राम राम करते दिखाई देते हैं।

उधर जहां गांव के शिव मंदिर पर राम नाम संकीर्तन सोमवार को 21वें दिन भी जारी रहा। लगातार यहां बांदा जिले के कुछ गांवों व इस जनपद के तमाम गांवों के लोग आकर राम राम महायज्ञ में भाग लेकर अपने जीवन को कृतार्थ करने का काम कर रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री के आगमन की आहट पर हवन वेदिका व कुटिया के निर्माण का काम भी अंतिम चरण में हैं। मैदान पर बल्लियां गाड़कर उसमें कांसे की कुटिया बनाए जाने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

गांव के लोग कहते हैं कि अब वह लोग कैथी से लेकर मउहर तक राम के नाम का विस्तार करेंगे और मउहर से भरूआ तक लोगों को उनकी दीवालों में राम राम लिखने के लिए प्रेरित भी करने का काम करेंगे।

राम नाम के सहारे सीएम को पुकारें

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : कहते हैं राम से बड़ा राम का नाम . कुछ ऐसे ही नजारे रामधुन के लिए विख्यात हो चुके कैथी गांव में आम तौर पर दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के आगमन की आस संजोए कैथी गांव में चंद्रावल नदी पार करते ही जैसे ही कानों में राम राम की धुन कानों में गूंजती है, आगे बढ़ने के बाद घरों के बाहर यहां से निकले जो नर नारी सबको सीताराम हमारी और मंगल भवन अमंगल हरी द्रबहु सो दशरथ अजिर बिहारी लिखी इबारत लोगों के अंदर पवित्रता का भाव बढ़ाती नजर आती है। इतना ही नहीं जहां घरों के ऊपर नजर जाती है तो ओम लिखी हुई धर्मध्वजाएं अपना प्रभाव छोड़ती नजर आती हैं।

तीन सप्ताह पूर्व जन सुविधाओं की कमी और समस्याओं की भरमार से क्षुब्ध लोगों ने अपनी बात सुनाने के लिए राम धुन का आंदोलन शुरू किया था। इसके बाद से गांव का माहौल कुछ इस कदर बदला है कि कैथी के रहने वाले खुद ही विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। हरिहर तिवारी, झंडू सिंह, बालेन्द्र सिंह, कल्लू, रणविजय सिंह, समता निषाद, सदला कुटार, ब्रज किशोर कुशवाहा, भारत यादव, बुद्दी लाल वर्मा, शिव शरण सेंगर को तो विश्वास हो चला है कि जब भगवान के नाम बोलने मात्र से इतनी ऊर्जा, शांति और लोगों से अपनापन मिल रहा है तो फिर आने वाले दिन वास्तव में मंगलकारी ही होंगे।

मंगलित वातावरण को तैयार करने का काम करने के काम में लगे कैथी गांव के युवा अरिमर्दन सिंह, विकास शिवहरे कहते हैं कि भइया अब तो हमारा गांव बदल गया, गुटबाजी तो समाप्त हुई ही साथ ही अब सभी अपने आपको अपना ही मानने लगे। कलियुग में जीत का सूत्र है कि संघे शक्ति कलियुगे और यह हमारे गांव में परिलक्षित हो रहा है। राम के नाम के सहारे और सभी गांव के लोग मिलकर अब गांव को विकास के उस सोपान पर ले जाएंगें जहां से इस गांव को लोग जिले ही नहीं प्रदेश में आदर्श के रूप में जान सकें।

उधर अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि सेतु निर्माण निगम को पुल में मिट्टी भरने के काम के लिए पहले पत्र लिखा गया था। बुधवार को रिमांडर भेजने के साथ ही प्रमुख सचिव से बात की जाएगी। इसक साथ ही अधिशाषी अभियंता पावर कारपोरेशन से बात हो गई है। उरई स्टोर से समान मंगाकर वह एक दो दिन में ठेकेदार को नई लाइन बनाने के लिए दे देंगे। गांव में एएनएम की पोस्टिंग कर दी गई है। एक-दो दिन में वह ज्वॉइन कर लेगी।

राम की लगन में हुए मगन तो भूले गम

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी गांव के शिव मंदिर में 19 दिनों से जारी है रामधुन

- मुख्यमंत्री के आने की तैयारी

करने में जुटे हुए हैं लोग

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : अब तो ऐसा लगाता है कि मानो स्वयं राम ही कैथी की जमीं पर उतर आए हों। जहां शाम होते ही लोग घर बंद कर कैद हो जाया करते थे, वहां की रातें अब गुलजार हो रही हैं। पुरुष हो या महिला रात को भी गांव की गलियों में टहलती और रामधुन का आनंद लेते दिखाई देती हैं। वैसे तो जिले के हर गांव में रोज ही शाम होती है पर कैथी गांव में तो शाम का आनंद ही कुछ और होता है। गांव के बुजुर्ग बच्चों को न केवल रामधुन में बैठने के लिए प्रेरित करते दिखाई देते हैं बल्कि उन्हें श्री राम चरित मानस की चौपाईयों से अंताक्षरी खेलना भी सिखा रहे हैं।

गांव की महिलाएं कमला कुशवाहा,रानी यादव, माया शिवहरे, साधना सिंह, वंदना, भुलिया आदि कहती है कि ऐसा माहौल जब से ब्याह के आई देखा नही। सुबह हो या शाम भगवान के नाम जप की चर्चा। उन्होंने कहा कि आज तो हमारा गांव अयोध्या या चित्रकूट सा दिखाई देता है। जहां पर हर क्षण केवल भगवान की न केवल चर्चा होती है बल्कि कानों में भी भगवान का नाम रस घोलता रहता है। बड़े ही गर्व से कहती हैं कि अब हमारे गांव में सास बहू की बुराई का पुराण खत्म हो चुका है।

 उधर गांव के बुजुर्ग उम्मेद सिंह, पूर्व प्रधान राम प्रकाश निषाद, पूर्व प्रधान काशी प्रसाद गुप्ता, पूर्व प्रधान अजय पाल सिंह,बलराम सिंह, जागेश्वर खरे, क्षेत्र पंचायत सदस्य शिव चरण कुशवाहा, चंदा कुशवाहा, बृज किशोर, राम पाल श्रीवास आदि लोगों ने कहा कि अब कोई चिंता नही है। गांव की पीढ़ी को सुधारने का इससे अच्छा कोई जरिया नही हो सकता। अब तो गांव के छोटे बच्चे भी श्री राम चरित मानस की कथा के बारे में पूंछतांछ करने लगे हैं। यह हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है।

उधर मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर गांव में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। घरों में लाल रंग के झंडे व दीवारों पर रामायण की चौपाइयां लोग अपने आप लिख रहे हैं। अरिमर्दन सिंह व विकास शिवहरे कहते हैं कि इस समय पूरा गांव उत्साह में हैं। इसलिए गांव का हर व्यक्ति अपने प्रिय मुख्यमंत्री के आगमन की बाट जोह कर उनका स्वागत अपने अंदाज में करना चाहता है।

अखिलेश की यादों को मुद्दतों सहेजकर रखने की तैयारी

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी गांव के शिव मंदिर में 18 दिनों से जारी है रामधुन

- मुख्यमंत्री के हाथों पीपल का पौधा लगवाने की ख्वाहिश

संदीप रिछारिया, हमीरपुर : भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के ग्राम कैथी व उसके आस-पास बसे मजरों की लगभग छह हजार आबादी को 18 दिन राम जपते राम के नाम की ऐसी धुन लग गई है कि अब वह मंदिर में जाकर तो राम राम तो जप ही रहे हैं साथ ही बोवाई करते समय भी उनके मुंह में राम का ही नाम रहता है। इतना ही नही अब तो कैथी व आसपास के गावों में अभिवादन का तरीका भी बदल गया है। पहले लोग आपस में मिलने पर नमस्कार व नमस्ते का उपयोग करते थे पर अब वह जय राम जी की कहकर एक दूसरे को संबोधित करते हैं। गांव के बदले माहौल से जहां कैथी का हर एक शक्स फिदा है वहीं उन्हें इस बात की खुशी है कि आसपास गांव पंधरी, पारा, बिलखेरा, अकरैया, मौहर, धंधुपुर, किसवाही के साथ ही बांदा के जिले के गड़रिया जैसे गांवों के दर्जनों लोग शिव जी मंदिर पर आकर घंटों राम का नाम लेते हैं। सबसे हैरानी वाली बात तो यह है कि पहले जितना विश्वास मुख्यमंत्री के आने का कैथी के ग्रामीणों को था अब बाहर के गांवों से आने वालों के कारण विश्वास में और ज्यादा इजाफा होता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारी हो गई पूरी, बृहमदेव को रोपित करवाने की मंशा जताते हुए गांव की प्रधान सरस्वती के पति वासदेव निषाद कहते हैं कि मुख्यमंत्री हमारे गांव में आएंगे। यह हमारा सौभाग्य होगा। हम उनके हाथों अपने गांव में पीपल का पौधा रोपित करवाएंगे जिससे उनके यहां पर आने की याद युगों युगों तक जीवित रहे।

गांव के उम्मेद सिंह व विकास शिवहरे कहते हैं कि मुख्यमंत्री की व्यवस्थाएं अलग से की जा रही हैं। कुटिया तैयार हो गई है। इसमें चौबीस घंटे राम राम करने के लिए एक व्यक्ति तैनात होगा। इसके साथ ही यहां पर ही एक पीपल का पेड़ उनके हाथों से लगवाया जाएगा। उसकी पूरा गांव सेवा करेगा और उनके आने की तारीख युगों तक याद रखी जाएगी।

इधर रामधुन तो उधर देवी के जयकारे

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है कैथी गांव

- प्राचीन शिव मंदिर में 16 दिनों से जारी है राम धुन

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : भरुआ सुमेरपुर ब्लाक के कैथी गांव के लोगों का उत्साह चरम पर है। भगवान राम की कृपा के साथ ही देवी की कृपा भी उनके साथ जुट चुकी है। दशहरा के रोज बुधवार को देर शाम गांव में देवी प्रतिमा के समक्ष हवन पूजन हुआ। इसके साथ ही दिन भर कार्यकर्ता सामने की जमीन को चौरस करने व साफ करने के काम में जुटे रहे। यहां के प्राचीन शिव मंदिर में गुरुवार को लगातार 16वें दिन भी राम धुन जारी रही।

इधर गांव की हर दीवार पर श्री राम चरित मानस की चौपाइयां व जय श्री राम के नारे लिख दिये गए हैं। कई घरों में पताकाएं भी फहराती दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनकी राम राम की गूंज की अनुगूंज उन्हें साफ तौर पर सुनाई दे रही है। जल्द ही उनके बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आएंगे और वह कृतार्थ होंगे।

इस बीच एक ग्रामीण के फोन पर बिजली विभाग के ठेकेदार ने फोन कर अधिशासी अभियंता पर आरोप लगाया कि वह गांव में लगाने के लिए समान नही दे रहे हैं और कह रहे हैं कि यह समान उन्हें उरई से लाना होगा। जिस पर ग्रामीण ने जवाब दिया कि गांव में बिजली के काम से उसे मतलब नही है क्योंकि अब पूरा गांव राम मय हो चुका है। इस समस्या पर बात अधिकारियों से करो।

फिलहाल छह-छह घंटे की शिफ्ट में गांव के शिव मंदिर में चल रही राम धुन में भीड़ जुट रही है। गांव की महिलाएं और बालिकाएं दिन में कई बार आकर रामधुन में भाग ले रही हैं।

अखिलेश के आगमन को तैयार हो रहा कैथी

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : भले ही सरकारी अमले को इस बात का भान न हो कि कैथी गांव के निवासियों ने समस्याओं से समाधान की ओर बढ़ने के पन्द्रह दिन और रात के पड़ाव पार कर लिए हों लेकिन ग्रामीण तो यह पूरी तरह से मान चुके हैं कि अब वह दिन दूर नही जब सूबे के मुखिया अखिलेश यादव उनके बीच होंगे। अखिलेश को राम और अपने आपको शबरी मानने वाले कैथी के ग्रामीणों ने इसके लिए पलक पांवड़े बिछाकर तैयारियां भी करनी प्रारंभ कर दी हैं। जहां पुराने शिव मंदिर में रामधुन लगातार जारी है वहीं दूसरी तरफ मां अम्बे का आर्शीवाद भी उन्हें लगातार मिल रहा है। इसी बीच मंगलवार की दोपहर गांव के बुजुर्ग, नौजवानों की एक बैठक सम्पन्न हुई। इसमें ग्राम प्रधान ने कहा कि पन्द्रह दिन बीत गए और गांव की समस्याओं को जानने का प्रयास अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र श्रीवास्तव व उप जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने किया और अपने स्तर पर समस्याओं के निस्तारण का प्रयास भी किया। इसके साथ ही विधायक निरंजन ज्योति ने भी गांव में आकर अपनी सफाई दी।

गांव के उम्मेद सिंह ने कहा कि वास्तव में हमारी कोई मांग ही नही है। हां एक अभिलाषा है कि गांव में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आएं और यहां पर चल रहे श्री राम नाम संकीर्तन महायज्ञ में भाग लें। लेकिन अब जब सरकारी अमला पूरी तरह से अपना काम करने में लगा है तो हमें भी गांव को पूरी तरह से राममय ही बनाना होगा। इस बात पर सभी ने अपना हाथ उठाकर ऐसा करने के लिए वचन दिया। तय किया गया कि गांव के हर घर में श्री राम चरित मानस की चौपाईयां लिखी जाएंगी व हर घर के ऊपर राम नाम के झंडे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मंदिर के पास की जमीन को साफ कर वहां पर एक यज्ञ शाला का निर्माण किया जाएगा और वहां पर वेदिका बनाकर दिन रात एक व्यक्ति राम नाम का जाप करेगा। इस काम के लिए गांव की महिलाओं व बच्चियों ने भी सहभागिता देने की बात कही।

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