भोर के सुरों में जागा चित्रकूट, नव संवत्सर का अलौकिक अभिनंदन
। मंदाकिनी तट स्थित रामघाट पर भोर की पहली किरणों के साथ चित्रकूट में नव संवत्सर का स्वागत भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ। उस पावन चबूतरे की छांव में, जहां मान्यता है कि गोस्वामी तुलसीदास जी को प्रभु श्रीराम के दर्शन हुए थे, पुराने संवत्सर को विदाई और नव संवत्सर का अभिनंदन अनूठे अंदाज में किया गया। संस्कार भारती इकाई चित्रकूट द्वारा विगत 12 वर्षों से आयोजित ‘भोर के सुर’ कार्यक्रम इस वर्ष भी भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। प्रातः 4 बजे से प्रारंभ हुए इस आयोजन में ग्वालियर घराने के कलाकार रोहन पंडित ने बिलासखानी तोड़ी में विलंबित एकताल एवं द्रुत तीनताल की प्रस्तुति ...