चित्रकूट। चित्रकूट के विकास के लिये मील का पत्थर रहे समाजसेवी नाना जी देशमुख का प्रथम मासिक श्राद्ध मनाने महाराष्ट्र से एक विशेष ट्रेन के जरिये लगभग आठ सौ लोग शुक्रवार की देर शाम चित्रकूट पहुंचे।
उद्यमिता विद्यापीठ के परिसर में ही शनिवार की शाम को एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें बाहर से आये सभी लोगों ने अपने विचार व्यक्त करने के बाद नाना जी को भाव भीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नाना जी के कामों को आगे बढ़ाने की शपथ काफी लोगों ने ली।
उद्यमिता की निदेशक डा. नंदिता पाठक ने कहा कि वास्तव में नाना जी ने यहां माडल विकसित कर यह बताने का प्रयास किया है कि गांव में रहने वाले हों या फिर शहर में रहने वाले अगर सहजीवन जियें तो कभी कोई दिक्कत नही आ सकती। अगर अपना जीवन दूसरों की भलाई के लिये समर्पित करना है तो नाना जी से बड़ा कोई दूसरा उदाहरण नही हो सकता।
शनिवार को बाहर से आये सभी लोगों ने दीनदयाल शोध संस्थान के प्रकल्पों आरोग्य धाम, बनवासी आश्रम, गुरुकुल, राम दर्शन, कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां व मझगंवा व अन्य स्थलों का अवलोकन किया।
एक ऐसा स्थान जो विश्व भर के लोगो के लिये किंवदंतियों कथाओं कथानकों के साथ ही यथार्थ चेतना का पुंज बना हुआ है। प्रजापति ब्रह़मा के तपोबल से उत्पन्न पयस्वनी व मां अनुसुइया के दस हजार सालों के तप का परिणाम मां मंदाकिनी के साथ ही प्रभु श्री राम के ग्यारह वर्ष छह माह और अठारह दिनों के लिये चित्रकूट प्रवास के दौरान उनकी सेवा के लिये अयोध्या से आई मां सरयू की त्रिवेणी आज भी यहां पर लोगों को आनंद देने के साथ ही पापों के भक्षण करने का काम कर रही है।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
चित्रकूट में दर्शन का महासंगम, विश्व शांति की दिशा में उभरा नया चिंतन
चित्रकूट: जब मंदाकिनी के तट पर विचारों की धारा बहती है, तब चित्रकूट केवल एक तीर्थ नहीं रहता—वह विश्व के बौद्धिक मंथन का केंद्र बन जाता है। त...
-
धनवंतरी महायज्ञ _डीएम ने परिवार सहित डाली आहुतियां _अमेरिका,कोलकाता के साथ बुंदेलखंड और स्थानीय चिकित्सकों ने डाली आहुतियां _ स्थानीय के सा...
-
_शहर के एक रेस्टोरेंट में आयोजित किया गया कार्यक्रम चित्रकूट। धर्मनगरी में 9 दिनों तक मां दुर्गा की आराधना का क्रम लगातार जारी रहा।इस दौरान ...
-
. संगठन को मजबूत बनाने का दिलाया भरोसा . 31 अगस्त को संत सम्मेलन की जोरदार तैयारियां में जुटे संदीप रिछारिया राष्ट्रव्यापी संगठन नरेन्द्र मो...
No comments:
Post a Comment