yahi hai chitrakoot

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चित्रकूट की एक सुहानी शाम

चित्रकूट की एक सुहानी शाम

चित्रकूट की एक सुहानी शाम

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हे मंगलमय दीपमालिके आपका सुस्‍वागतम

हे मंगलमय दीपमालिके आपका सुस्‍वागतम

चित्रकूट की एक शाम

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Wednesday, April 3, 2013

राम जी करेंगे बेड़ा पार, उदासी मन काहे डरे

हाकिम नकारा, हरि हर सहारा..

- कैथी गांव के शिव मंदिर में लगातार 26वें दिन जारी रही राम धुन

- सीएम के आने की चाह, जुड़ते जा रहे लोग और बढ़ रहा उत्साह

हमीरपुर, निज प्रतिनिधि : राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहां विश्राम.. कहते हैं श्रीराम की कथा हो या फिर रामधुन गाई जाए इस तरह की सभी जगहों पर महाबीर अपने आप मौजूद रहते हैं। रामधुन की कुछ ऐसी ही लगन कैथी के निवासियों पर अब देखी जा रही है। उनका उत्साह न केवल रामधुन के लिए तेज हो चुका है बल्कि अब तो वह अपने मुख्यमंत्री के आगमन की प्रतीक्षा में गांव सजाने के काम को जल्द पूरा कर लेना चाहते हैं। इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामशरण मिश्र ने शनिवार को खुद ही गांव का निरीक्षण किया और यहां स्वास्थ्य सेवाएं न होने की कमी स्वीकारी। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने का भरोसा दिलाया।

कैथी गांव के प्राचीन शिव मंदिर में शनिवार को लगातार 26वें दिन राम नाम का जाप व भजन जारी रहे। गांव के चौबारों के साथ ही निकास व अन्य स्थानों पर श्री राम चरित मानस की चौपाइयों व ध्वजों को लगाने का काम तो लगभग पूरा चला है जबकि मुख्यमंत्री के स्वागत व पूजा हवन करने के लिए चबूतरा, घास की कुटिया व हवन बेदिका का निर्माण के काम को अंतिम रूप देने में लोग जुटे हुए हैं।

गांव के उम्मेद सिंह कहते हैं कि कौन सो काम कठिन जग माही जो नही होय तात तुम पाहीं. कहते हैं कि राम के भक्त हनुमान तो हमारे सदा से सहायक हैं। फिर हमने रामधुन भी तो भगवान शिव के मंदिर पर रखा है। भगवान शिव का ग्यारहवां रूद्र बजरंग बली को माना जाता है। ऐसे में हमारे रामनाम महायज्ञ की पूर्णाहुति शानदार होना तय है। आसपास के गांवों से आने वाले विभिन्न धर्मो के लोग आज भी उत्साह बढ़ाने भारी संख्या में आए।

इधर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामशरण मिश्र ने कहा कि गांव में पहले से ही एक एएनएम की तैनाती कर दी गई है। वह खुद ही वहां की व्यवस्थाओं की जांच करने के लिए रविवार को कैथी पहुंचेंगे।

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''इतने अच्छे लोगों के गांव में स्वास्थ्य सेवाएं न दे पाना वाकई समस्या है। केवल गांव बीहड़ में होने के कारण ऐसा हुआ है। एक एएनएम की पोस्टिंग कर दी गई है। हफ्ते में एक दिन चिकित्सक भी गांव में मौजूद रहेंगे। इसके साथ एक मेल वर्कर को भी गांव में लगाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी एएनएम केंद्र में बैठकर लोगों को उचित सलाह देना होगा। इसके साथ ही गांव केंद्र में रंगाई और पुताई के लिए आदेश कर दिए गए हैं।''

- डॉ. रामशरण मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी, हमीरपुर

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