yahi hai chitrakoot

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चित्रकूट की एक सुहानी शाम

चित्रकूट की एक सुहानी शाम

चित्रकूट की एक सुहानी शाम

चित्रकूट की एक सुहानी शाम

हे मंगलमय दीपमालिके आपका सुस्‍वागतम

हे मंगलमय दीपमालिके आपका सुस्‍वागतम

चित्रकूट की एक शाम

चित्रकूट की एक शाम

Sunday, November 7, 2010

नानाजी के आठवें मासिक श्राद्ध में विदेशी भी जुटे

चित्रकूट, संवाददाता: युगऋषि नाना जी का आठवां मासिक श्राद्ध तीर्थ क्षेत्र के लिए एक नजीर सा बनता दिखाई दिया। मानो पूरा तीर्थ क्षेत्र सियाराम कुटीर में समाया जा रहा था। जिसे जहां पर जगह मिली पंगत में बैठता गया और प्रसाद चखता गया। यहां पर न तो कोई भेदभाव दिखा और ना ही कोई अपने पराये की भावना। दीन दयाल शोध संस्थान के कार्यकर्ता भी खुद को सभी को प्रसाद खिला कर आनंदित हो रहे थे। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खास बात यह रही कि एक ओर जहां विशेष लोग इस कार्यक्रम में आकर नाना जी के चित्र पर पुष्प पर अर्पित कर रहे थे वहीं तमाम विदेशी भी इस मौके पर इस मौके पर आकर अपने आपको धन्य महसूस कर रहे थे।

भंडारे के दौरान सभी का ख्याल रख रही उद्यमिता विद्या पीठ की निदेशक डा. नंदिता पाठक ने कहा कि नाना जी का कार्यक्रम है। सभी की श्रद्धा उनके प्रति है। यहां पर हर आने वाले का ध्यान दिया जा रहा है। प्रधान सचिव डा. भरत पाठक व संस्थान के अन्य कार्यकर्ता सभी का ध्यान रख रहे थे।
वैसे सुबह से ही लोगों के आने का क्रम जारी हो गया था। उत्तर प्रदेश के सपा के पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह के साथ ही अन्य नेताओं ने भंडारे का प्रसाद चखा वहीं मध्य प्रदेश के संघ व भाजपा के तमाम नेताओं ने इस मौके पर आकर भंडारे का प्रसाद चखा।
बंदरों ने भी छका प्रसाद
चित्रकूट : जहां एक ओर भंडारे में लोगों को खिलाने के लिये संस्थान के कार्यकर्ता लगे हुए थे वहीं एक कार्यकर्ता की ड्यूटी चित्रकूट की शान और नाना जी अत्यंत प्रिय वानरराजों को खिलाने का काम एक कार्यकर्ता सियाराकुटीर के पीछे गोयनका घाट पर कर रहा था। उसके पूड़ी डालते ही अचानक बंदरों की संख्या बढ़ती जा रही थी। हजारों बंदर देखते ही देखते आ गये और भंडारे का प्रसाद चखने लगे।

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