yahi hai chitrakoot

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चित्रकूट की एक सुहानी शाम

चित्रकूट की एक सुहानी शाम

चित्रकूट की एक सुहानी शाम

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हे मंगलमय दीपमालिके आपका सुस्‍वागतम

हे मंगलमय दीपमालिके आपका सुस्‍वागतम

चित्रकूट की एक शाम

चित्रकूट की एक शाम

Sunday, March 27, 2011

जल्द ही जिले की हर नदी में होगा पानी

चित्रकूट, संवाददाता: बरदहा, ओहन, गेडुवा व बाल्मीकि के साथ ही जिले की अन्य सभी नदियों पर एक बार फिर सिंघन नदी की तरह ही पानी आने की प्रबल संभावना का जन्म हो चुका है। जहां बरगढ़ इलाके में नेबादा, कितहाई, मेडना, मौना आदि नदियों पर तो लोग खुद ही पहल कर अपने मेहनतकश हाथों से पानी निकालने का काम प्रारंभ करने वाले हैं वहीं जिलाधिकारी ने भी अपनी ओर से सभी नदियों और नालों को पुर्नजीवन देने के लिये मनरेगा से उन्हें मजदूरी दिये जाने के आदेश जारी कर दिये हैं।

हो सकता है कि आने वाली गर्मी में बंधोईन के आगे दम तोड़ चुकी मंदाकिनी को पुर्नजीवन मिल जाये। जिलाधिकारी दलीप कुमार गुप्ता द्वारा मंदाकिनी सहित जिले कीअन्य सभी नदियों और नालों को मनरेगा के द्वारा खुदाई व सफाई कराने के सभी खंड विकास अधिकारियों को दिये गये आदेश के बाद तो लोगों में खुशी का संचार हुआ है।
वैसे एक नहीं लगभग आधा दर्जन नदियों और दर्जनों नालों वाले इस जिले में इधर गर्मी ने दस्तक दी तो उधर गंभीर जल संकट ने अपने पैर फैलाने प्रारंभ कर दिये हैं। लेकिन पेयजल को लेकर हाहाकार मचे इसके पहले ही जिलाधिकारी ने खुद बढ़कर ऐसी पहल कर डाली है जिससे आने वाले में जल संकट को न केवल दूर किया जायेगा बल्कि पेयजल की उपलब्धता को लेकर जिले की दशा और दिशा दोनो बदल सकती है।
मामला जिले के प्रमुख नदी मंदाकिनी के साथ ही अन्य नदियों और नालों की जल धाराओं के टूटने का है। जिलाधिकारी दलीप कुमार गुप्ता ने इसका उपाय सरकारी और
गैरसरकारी दोनो स्तरों पर खोज लिया है। उन्होंने जिले के समस्त खंड विकास अधिकारियों को बैठक कर आने वाले दिनों में पाठा के साथ ही पूरे जिले में आने वाले जल संकट की भयावहता से परिचित कराते हुये कहा कि वे लोग अपने -अपने इलाकों की नदियों और नालों पर मजदूरों से खुदाई करवाना प्रारंभ करवा दें जिससे नदी की सिल्ट के साफ होने के साथ ही दबे पड़े जल स्रोत भी सामने आ सकें।
जिलाधिकारी ने जागरण से बातचीत में कहा कि नदियां जीवनदायिनी हैं। इसलिये ही इन्हें भारतीय संस्कृति में मां का दर्जा दिया गया है। अगर समय रहते इन पर ध्यान नही दिया गया तो ये गंदगी की आगोश में आकर विलुप्त हो सकती हैं। जिलाधिकारी कहते हैं कि मंदाकिनी सहित सभी नदियों और नालों पर खुदाई का काम करवाया जायेगा। सिल्ट साफ होने पर लगभग हर नदी में जलस्रोत अपने आप खुल जायेगे और इलाके से पानी की कमी दूर होगी।







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